मंगलवार रात 8 बजे टीवी पर होने जा रहा ये कार्यक्रम, आप भी साथ जुड़कर बन सकते हैं, एक देश एक आवाज
- एंडटीवी ने अब मंगलवार को पूरे देश से भीम वंदना कराने की तैयारी की है
- हनुमान जयंती पर पूरे देश को एक साथ हनुमान चालीसा पढ़वा चुके हैं
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीये जलाने के आह्वान ने टीवी चैनलों को भी अब कुछ नया करने का विचार दे दिया है
विस्तार
पिछले रविवार को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीये जलाने के आह्वान ने टीवी चैनलों को भी अब कुछ नया करने का विचार दे दिया है। हनुमान जयंती पर पूरे देश को एक साथ हनुमान चालीसा पढ़वा चुके चैनल एंडटीवी ने अब मंगलवार को पूरे देश से भीम वंदना कराने की तैयारी की है। 14 अप्रैल को भारतीय संविधान के निर्माताओं में से एक भीमराव आम्बेडकर की जयंती है।
इस बारे में अभिनेता प्रसाद जवाद्रे कहते हैं, ‘‘आम्बेडकर ने लाखों भारतीयों को एक राष्ट्र और एक संविधान की छत के नीचे लाकर एकीकृत भारत की नींव डाली। उनकी सीख और सिद्धांत आज भी देशभर में भारतीयों में मौजूद हैं।’’ वहीं नेहा जोशी कहती हैं, ‘‘बाबासाहेब एक दूरदर्शी लीडर थे। उन्होंने न केवल लोगों को एकजुट किया, बल्कि अत्याचार के सभी रूपों के खिलाफ मिलकर कदम उठाने के लिये प्रेरित किया।’’
अभिनेत्री स्नेहा वाघ भी बाबा साहेब आम्बेडकर को लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत मानती हैं। और कहती हैं कि उन्होंने ही लोगों को क्रांति के लिए एकजुट करने की उनकी क्षमता से भारतीय धरती के लिये लोकतंत्र को पुनःपरिभाषित किया। वहीं रोहिताश्व गौड़ मानते हैं कि उनका एकमात्र सपना विभिन्न सामाजिक तथा आर्थिक सुधारों के माध्यम से देश को एकजुट करना था। अभिनेता आसिफ शेख कहते हैं, ‘‘मैं बचपन से ही आम्बेडकर की कहानियां पढ़ता आया हूं। समानता को लेकर उनके संघर्ष ने मुझ पर बहुत ही गहरा प्रभाव डाला है। वह आधुनिक भारत में समानता और भाईचारे के सबसे बड़े हितैषियों में से एक रहे हैं।’’
ग्रेसी सिंह कहती हैं, ‘‘बाबासाहेब भारतीय इतिहास की सबसे दमदार आवाजों में से एक थे। चाहे समानता पर विश्वास की बात हो, महिला सशक्तिकरण की या फिर शिक्षा सुधार में उनकी भागीदारी की, उन्होंने हर भारतीय के जीवन को प्रभावित किया है।’’
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