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छोटे परदे पर अगले हफ्ते होगा महामुकाबला, सोनी और स्टार के मुकाबले कलर्स ने उतारा ये बड़ा शो
Sat, 08 Feb 2020 02:35 PM IST
प्रतीक्षा राणावत
मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: प्रतीक्षा राणावत
Updated Sat, 08 Feb 2020 02:35 PM IST
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बैरिस्टर बाबू
- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
छोटे परदे पर इस हफ्ते तीन नए और बड़े धारावाहिकों के बीच टीआरपी मुकाबला होने वाला है। सोनी टीवी के एक दूजे के वास्ते सीजन 2 और स्टार प्लस के धारावाहिक दिल जैसे धड़के, धड़कने दो के मुकाबले कलर्स टीवी लेकर आ रहा है अपना नया शो, बैरिस्टर बाबू। बैरिस्टर बाबू भारतीय समाज में सदियों से मौजूद तमाम दकियानूसी ख्यालों पर सवाल उठाता है। जैसे, एक बेटी घर की 'लक्ष्मी' और 'पिता का बोझ' दोनों कैसे हो सकती है? बेटियों को किसी और की संपत्ति क्यों कहा जाता है? पुरुषों और महिलाओं के लिए नियम और परंपराएं अलग-अलग क्यों हैं?
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शो की कहानी कोलकाता की पृष्ठभूमि में रची गई है। आठ वर्षीय बंदिता की शादी 60 वर्षीय व्यक्ति से की जा रही है। लेकिन क्योंकि उसकी नियति अलग तरह से लिखी गई है, यह उसके जीवन में एक दुखद मोड़ लाता है। लेकिन सौभाग्य से उसे उसका पति मिल जाता है, जो लंदन से लौटा एक बैरिस्टर है। अनिरुद्ध महिलाओं को मुक्त करना और उन्हें सांस्कृतिक मानदंडों से मुक्त करना चाहता हैं। वह पुराने मानदंडों से लड़ने की कसम खाता है और वह बंदिता को उसकी पहचान ढूंढने में मदद करता है और उसके लिए बैरिस्टर बाबू बनने का मार्ग प्रशस्त करता है।
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शो में छोटी बंदिता का किरदार कर रही आभा भटनागर कहती हैं, 'मैं ऐसे किसी भी मुद्दे पर लड़ सकती हूं जो समस्या पैदा कर रहे हैं और जिन मुद्दों के कारण समस्या पैदा हो रही है। मैं टेलीविजन पर अपनी शुरुआत करने के लिए इससे बेहतर शो नहीं चुन सकती थी और मैं यह सुनिश्चित करूंगी कि मैं किरदार के साथ न्याय करूं।' वहीं शो में अनिरुद्ध की भूमिका निभा रहे प्रविष्ट मिश्रा कहते हैं, 'मेरा किरदार एक बैरिस्टर है और अपने समय में बहुत आगे की सोच रखने वाला है। वह एक प्रगतिशील विचारक हैं और उसने भारत को पारंपरिक रीति-रिवाजों से मुक्त करने का फैसला किया है। वह खुद को बंदिता की शिक्षा में संलग्न करता है और उसका आदर्श मार्गदर्शक बन जाता है।'
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