Ilaiyaraaja Copyright Case: सुप्रीम कोर्ट में इलैयाराजा की याचिका खारिज, 500+ संगीत रचनाओं से जुड़ा है मामला
Ilaiyaraaja Plea Rejected: दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा की कॉपीराइट से जुड़े केस को मद्रास हाईकोर्ट में ट्रांसफर की मांग वाली याचिका खारिज को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इलैयाराजा ने केस को बॉम्बे हाईकोर्ट से मद्रास हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की थी।
विस्तार
संगीतकार इलैयाराजा की उस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कॉपीराइट से जुड़े मामले को बॉम्बे हाईकोर्ट से मद्रास हाईकोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी। संगीतकार ने 500 से अधिक रचनाओं से जुड़े कॉपीराइट केस को मद्रास हाईकोर्ट में कराए जाने के लिए याचिका दायर की थी।
संगीतकार के वकील की दलील से सहमत नहीं SC
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई, न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ संगीतकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन की इस दलील से सहमत नहीं हुई कि मामले को मद्रास हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाए। शुरुआत में सोनी म्यूजिक एंटरटेनमेंट के वकील ने पीठ को बताया कि फर्म द्वारा मामला बॉम्बे उच्च न्यायालय में दायर किया गया था, जबकि मद्रास उच्च न्यायालय में कोई मामला लंबित नहीं था।
पीठ ने खारिज की याचिका
जज की पीठ ने कहा कि याचिका खारिज की जाती है। बता दें कि यह कानूनी केस सोनी म्यूजिक एंटरटेनमेंट इंडिया द्वारा 2022 में बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर एक मुकदमे से शुरू हुआ। सोनी ने इलैयाराजा म्यूजिक एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड (IMMPL) को 536 संगीत रचनाओं के उपयोग से रोकने के लिए अंतरिम राहत मांगी है। कंपनी का दावा है कि उसने इन रचनाओं के अधिकार ओरिएंटल रिकॉर्ड्स और इको रिकॉर्डिंग के जरिए हासिल किए हैं। बता दें कि ईको रिकॉर्डिंग के साथ इलैयाराजा पहले से ही लंबे समय से कानूनी विवाद में उलझे हुए हैं। हालांकि, आईएमएमपीएल ने आरोप लगाया कि 536 विवादित रचनाओं में से 310 पहले से ही मद्रास उच्च न्यायालय में एक समानांतर मामले में न्यायिक जांच के दायरे में हैं।
इलैयाराज ने 2014 में दायर किया था केस
यह मामला, मूल रूप से इलैयाराजा द्वारा 2014 में इको रिकॉर्डिंग के खिलाफ दायर किया गया था, जिसमें उनकी रचनाओं पर इको रिकॉर्डिंग के दावे को चुनौती दी गई थी और कॉपीराइट अधिनियम के तहत संगीतकार के नैतिक और आर्थिक अधिकारों को मान्यता देने की मांग की गई थी। साल 2014 के मद्रास मुकदमे के बाद 2019 में एक महत्वपूर्ण फैसला आया, जिसमें एक संगीतकार के रूप में इलैयाराजा के नैतिक और विशेष अधिकारों को बरकरार रखा गया।