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रामायण: प्रीमियर में क्यों नहीं पहुंचे थे महेश भट्ट? रणबीर की फिल्म देखकर छलक पड़े आंसू; यश को लेकर कही ये बात
Fri, 06 Nov 2026 05:20 PM IST
राजश्री वर्मा
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: राजश्री वर्मा
Updated Fri, 06 Nov 2026 05:20 PM IST
सार
- नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म 'रामायण' 5 नवंबर को रिलीज हुई।
- यह 4000 करोड़ के बजट बनी फिल्म है।
- अब रणबीर कपूर के ससुर ने फिल्म देखने के बाद इसका रिव्यू किया है।
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महेश भट्ट, रणबीर कपूर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
फिल्म 'रामायण' को लेकर खूब चर्चा हो रही है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं, वहीं यश रावण के किरदार में नजर आ रहे हैं। हाल ही में फिल्म का प्रीमियर भी हुआ, जिसमें बॉलीवुड की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं। हालांकि, रणबीर कपूर के ससुर और फिल्ममेकर महेश भट्ट इस खास मौके पर नजर नहीं आए। अब महेश भट्ट ने बताया है कि उन्होंने प्रीमियर से दूरी क्यों बनाई।
वैसे भले ही वह फिल्म के ग्रैंड प्रीमियर में नजर नहीं आए, लेकिन उन्होंने थिएटर में आम दर्शकों के साथ बैठकर फिल्म देखी। इस दौरान वह फिल्म से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने फिल्म देखने के अपने अनुभव के साथ-साथ निर्देशक नितेश तिवारी और पूरी स्टारकास्ट की भी तारीफ की।
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वैसे भले ही वह फिल्म के ग्रैंड प्रीमियर में नजर नहीं आए, लेकिन उन्होंने थिएटर में आम दर्शकों के साथ बैठकर फिल्म देखी। इस दौरान वह फिल्म से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने फिल्म देखने के अपने अनुभव के साथ-साथ निर्देशक नितेश तिवारी और पूरी स्टारकास्ट की भी तारीफ की।
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महेश भट्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
क्यों प्रीमियर का हिस्सा नहीं बने महेश भट्ट?
महेश भट्ट ने बताया कि वह फिल्म को किसी प्रीमियर या खास आयोजन में देखने के बजाय आम सिनेमा हॉल में देखना चाहते थे। उनकी इच्छा थी कि वह अनजान लोगों के बीच बैठकर फिल्म देखने का अनुभव लें। वैरायटी इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं अनजान लोगों के बीच सिनेमा हॉल में बैठकर फिल्म देखना चाहता था। मैं फिल्म देखने के उस निजी और साझा अनुभव को महसूस करना चाहता था।'
महेश भट्ट ने बताया कि वह फिल्म को किसी प्रीमियर या खास आयोजन में देखने के बजाय आम सिनेमा हॉल में देखना चाहते थे। उनकी इच्छा थी कि वह अनजान लोगों के बीच बैठकर फिल्म देखने का अनुभव लें। वैरायटी इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं अनजान लोगों के बीच सिनेमा हॉल में बैठकर फिल्म देखना चाहता था। मैं फिल्म देखने के उस निजी और साझा अनुभव को महसूस करना चाहता था।'
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'रामायण'
- फोटो : अमर उजाला
मां की आवाज से सुनी थी रामायण की कहानी
महेश भट्ट ने रामायण से जुड़ी अपनी बचपन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि इस महाकाव्य से उनका पहला परिचय उनकी मां के जरिए हुआ था। उनकी मां उन्हें और उनके भाई-बहनों को रामायण की कहानी सुनाया करती थीं।
उन्होंने कहा, 'स्क्रीन पर राम को देखने से पहले मैंने उन्हें अपनी मां की आवाज के जरिए जाना था।' भट्ट ने बताया कि उस उम्र में वह कहानी की हर बात समझने के लिए बहुत छोटे थे, लेकिन इसके किरदार और उनसे जुड़ी भावनाएं उनके मन में बस गई थीं।
फिल्ममेकर ने यह भी याद किया कि जब वह 12 साल के थे, तब उन्होंने बाबूभाई मिस्त्री की फिल्म 'संपूर्ण रामायण' देखी थी। फिल्म का एक सीन आज भी उनके जेहन में है। यह वह दृश्य था, जब सीता को अयोध्या से निकाल दिया जाता है और वह धरती माता से उन्हें अपने अंदर समा लेने की प्रार्थना करती हैं। महेश भट्ट ने बताया कि यह सीन देखकर उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। सीता के साथ हुए अन्याय का दर्द उन्हें आज भी महसूस होता है।
महेश भट्ट ने रामायण से जुड़ी अपनी बचपन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि इस महाकाव्य से उनका पहला परिचय उनकी मां के जरिए हुआ था। उनकी मां उन्हें और उनके भाई-बहनों को रामायण की कहानी सुनाया करती थीं।
उन्होंने कहा, 'स्क्रीन पर राम को देखने से पहले मैंने उन्हें अपनी मां की आवाज के जरिए जाना था।' भट्ट ने बताया कि उस उम्र में वह कहानी की हर बात समझने के लिए बहुत छोटे थे, लेकिन इसके किरदार और उनसे जुड़ी भावनाएं उनके मन में बस गई थीं।
फिल्ममेकर ने यह भी याद किया कि जब वह 12 साल के थे, तब उन्होंने बाबूभाई मिस्त्री की फिल्म 'संपूर्ण रामायण' देखी थी। फिल्म का एक सीन आज भी उनके जेहन में है। यह वह दृश्य था, जब सीता को अयोध्या से निकाल दिया जाता है और वह धरती माता से उन्हें अपने अंदर समा लेने की प्रार्थना करती हैं। महेश भट्ट ने बताया कि यह सीन देखकर उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। सीता के साथ हुए अन्याय का दर्द उन्हें आज भी महसूस होता है।
रामायण
- फोटो : यूट्यूब ग्रैब
यश को लेकर बोले महेश भट्ट?
नई 'रामायण' में यश के रावण वाले किरदार की तारीफ करते हुए महेश भट्ट ने कहा कि अभिनेता ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने निर्देशक नितेश तिवारी की भी तारीफ की कि उन्होंने रावण के शक्तिशाली व्यक्तित्व को संतुलित तरीके से पर्दे पर पेश किया।
रणबीर कपूर की तारीफ में कही ये बात
वहीं, रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में देखकर महेश भट्ट काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि फिल्म में एक ऐसा पल आया, जब रणबीर कैमरे की तरफ बढ़ते हैं और हाथ जोड़ते हैं। इस दृश्य ने उनके लिए फिल्म को देखने का नजरिया ही बदल दिया।
उन्होंने कहा, 'मैंने उनमें खुद का एक ऐसा पहलू देखा, जिसकी जरूरत उनकी पिछली फिल्मों में कभी नहीं पड़ी थी। मुझे लगा कि उन्होंने अपने अंदर के भगवान को छू लिया है।'
नई 'रामायण' में यश के रावण वाले किरदार की तारीफ करते हुए महेश भट्ट ने कहा कि अभिनेता ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने निर्देशक नितेश तिवारी की भी तारीफ की कि उन्होंने रावण के शक्तिशाली व्यक्तित्व को संतुलित तरीके से पर्दे पर पेश किया।
रणबीर कपूर की तारीफ में कही ये बात
वहीं, रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में देखकर महेश भट्ट काफी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि फिल्म में एक ऐसा पल आया, जब रणबीर कैमरे की तरफ बढ़ते हैं और हाथ जोड़ते हैं। इस दृश्य ने उनके लिए फिल्म को देखने का नजरिया ही बदल दिया।
उन्होंने कहा, 'मैंने उनमें खुद का एक ऐसा पहलू देखा, जिसकी जरूरत उनकी पिछली फिल्मों में कभी नहीं पड़ी थी। मुझे लगा कि उन्होंने अपने अंदर के भगवान को छू लिया है।'
रामायण
- फोटो : यूट्यूब ग्रैब
साई पल्लवी ने जीता दिल
महेश भट्ट ने साई पल्लवी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'साई पल्लवी की सीता को देखकर मुझे बहुत सुकून मिला।' भट्ट ने यह भी कहा कि उन्हें फिल्म में राम और सीता के बीच दिखाए गए प्रेम और समर्पण पर विश्वास हुआ। इसके अलावा उन्होंने अरुण गोविल के अभिनय और जटायु के किरदार में अनुपम खेर की भी तारीफ की।
ये सीन देखकर नहीं रोक पाए आंसू
महेश भट्ट ने बताया कि फिल्म में राम के 14 साल के वनवास वाला दृश्य देखकर वह काफी भावुक हो गए थे। उस सीन के दौरान वह अपने आंसू रोकने की कोशिश कर रहे थे। खास बात यह थी कि वह कुछ युवा फिल्ममेकर्स और लेखकों के साथ फिल्म देख रहे थे, जो उन्हें रणबीर कपूर के ससुर के रूप में जानते थे।
महेश भट्ट ने साई पल्लवी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, 'साई पल्लवी की सीता को देखकर मुझे बहुत सुकून मिला।' भट्ट ने यह भी कहा कि उन्हें फिल्म में राम और सीता के बीच दिखाए गए प्रेम और समर्पण पर विश्वास हुआ। इसके अलावा उन्होंने अरुण गोविल के अभिनय और जटायु के किरदार में अनुपम खेर की भी तारीफ की।
ये सीन देखकर नहीं रोक पाए आंसू
महेश भट्ट ने बताया कि फिल्म में राम के 14 साल के वनवास वाला दृश्य देखकर वह काफी भावुक हो गए थे। उस सीन के दौरान वह अपने आंसू रोकने की कोशिश कर रहे थे। खास बात यह थी कि वह कुछ युवा फिल्ममेकर्स और लेखकों के साथ फिल्म देख रहे थे, जो उन्हें रणबीर कपूर के ससुर के रूप में जानते थे।