Oscars 2023: 'आरआरआर' और 'छेलो शो' ही नहीं ये चार फिल्में भी हो सकती थीं ऑस्कर की दावेदार, यहां देखें लिस्ट
साल 2022 की ड्रामा फिल्म गार्गी दमदार फिल्मों में से एक है। गार्गी एक इमोशनल कहानी है, जो एक यौन शोषण से संबधित है। फिल्म की कहानी रेप पीड़िता के दर्द को दर्शाती है। इस फिल्म में साई पल्लवी अपने बेजोड़ अभिनय से लोगों को काफी इंप्रेस किया है।
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ऑस्कर फिल्म जगत के लिए एक बहुत बड़ा अवॉर्ड है। ऑस्कर के विजेता की घोषणा होने में कुछ ही घंटे बाकी है। ऐसे में लोगों के दिल में ऑस्कर को लेकर एक्डाइटमेंट बढ़ गई है। इस साल भारतीय फिल्मों में से ऑस्कर 2023 अवॉर्ड के लिए एसएस राजामौली की ऐतिहासिक एक्शन-ड्रामा मूवी 'आरआरआर' को इसके गाने 'नाटु-नाटु' को ऑरिजनल सॉन्ग कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया है। वहीं, नॉमिनेट होने वाली दूसरी फिल्म 'छेलो शो' है। इसके बाद शौनक सेन द्वारा निर्देशित "ऑल दैट ब्रीथ्स" को भी जगह मिली है। इसके अलावा गुनीत मोंगा की फिल्म 'एलिफेंट व्हिस्परर्स' भी ऑस्कर की रेस में शामिल है, लेकिन कुछ ऐसी फिल्में भी हैं, जिनकी कहानी बेहद दमदार होने के बावजूद भी ऑस्कर में इस बार अपनी जगह नहीं बना पाईं। आइए जानते हैं-
गार्गी
साल 2022 की ड्रामा फिल्म गार्गी दमदार फिल्मों में से एक है। गार्गी एक इमोशनल कहानी है, जो एक यौन शोषण से संबधित है। फिल्म की कहानी रेप पीड़िता के दर्द को दर्शाती है। इस फिल्म में साई पल्लवी अपने बेजोड़ अभिनय से लोगों को काफी इंप्रेस किया है। इस फिल्म में वह एक बिंदास बेटी 'गार्गी' की भूमिका में हैं, जो रेप केस में पांचवें आरोपी बने अपने पिता को बचाने की कोशिश करती है।
झुंड
फिल्म ‘झुंड’ की कहानी एक लाइन की है जिसमें एक कोच समाज के हाशिये पर पड़े लोगों के एक ‘झुंड’ को टीम बनाने निकलता है। और, इसमें कमोबेश कामयाब भी हो जाता है। सवाल यही है कि ऐसे कितने कोच सिर्फ सिनेमा देखकर समाज बना सकता है और जिन्होंने अंबेडकर की नीतियों को समाज में प्रसारित कर समाज को बदलने की बड़ी बड़ी बातें की, उन्होंने खुद को कितना बदला और समाज को अपने बराबर लाने का कितना काम किया? छोटी सी घटना है लेकिन यहां के लिए सामयिक है। हमारी सोसाइटी के सफाईकर्मियों का नियमित सम्मान होता रहता है। उन्हें फूलमालाएं पहनाई जाती हैं।
पाड़ा
फिल्म की कहानी में एक छोटा बच्चा लकड़ी से चींटियों की बाम्बी को तोड़ने की कोशिश कर रहा होता है, जब उसकी बहन उसे ऐसा करने से रोकती है। फिल्म की कहानी केरल के पलक्कड़ जिले की है। यह फिल्म काफी कुछ कहती है। इस फिल्म को देखकर आपे रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
धुईं
बिहार के दरभंगा जिले की कहानी है। फिल्म की कहानी 'पंकज' की जो दरभंगा में नुक्कड़ नाटक करता है। अचल मिश्रा के निर्देशन में बनी यह फिल्म काफी बेहतरीन है। इस फिल्म में 'पंकज' के संघर्ष को दिखाया गया है।
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