{"_id":"667c3e17102394e8f3013f0c","slug":"nusrat-fateh-ali-khan-lost-album-found-chain-of-light-release-on-20-september-british-musician-peter-gabriel-2024-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nusrat Fateh Ali Khan: मशहूर कव्वाल नुसरत फतेह अली खान का आखिरी एल्बम, 'चेन ऑफ लाइट' इस तारीख को होगा रिलीज","category":{"title":"Entertainment","title_hn":"मनोरंजन","slug":"entertainment"}}
Nusrat Fateh Ali Khan: मशहूर कव्वाल नुसरत फतेह अली खान का आखिरी एल्बम, 'चेन ऑफ लाइट' इस तारीख को होगा रिलीज
Wed, 26 Jun 2024 09:49 PM IST
अंजू बाजपेई
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंजू बाजपेई
Updated Wed, 26 Jun 2024 09:49 PM IST
सार
नुसरत फतेह अली खान सूफी शैली के प्रसिद्ध कव्वाल थे। उनके गायन ने कव्वाली को पाकिस्तान से आगे बढ़कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनका आखिरी एल्बम 'चेन ऑफ लाइट' सितंबर के महीने में रिलीज होगा।
विज्ञापन
दिवंगत कव्वाल नुसरत फतेह अली खान
- फोटो : इंस्टाग्राम
विस्तार
दिलों को छू लेने वाली ऐसी मधुर आवाज, जो आज भी दिवंगत नुसरत फतेह अली खान के प्रशंसकों के कानों में गूंजती है। उनकी आवाज का जादू इस कदर था कि आज भी उनके प्रशंसक उनकी हर एक कव्वाली को कई बार लगातार सुना पसंद करते हैं। नुसरत की दिलकश आवाज एक बार फिर से दुनिया भर में उनके प्रशंसकों द्वारा सुनी जाएगी। दिवंगत नुसरत की अनसुनी रिकॉर्डिंग का एक एल्बम 'चेन ऑफ लाइट' सितंबर में रिलीज होने वाला है।
एलबम का नाम है 'चेन ऑफ लाइट'
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 'चेन ऑफ लाइट' के नाम से नुसरत का यह एलबम रिलीज होगा। इस एल्बम को ब्रिटिश संगीतकार पीटर गेब्रियल के रियल वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आर्काइव में खोजा गया था, लेबल को 1989 में नुसरत ने अपने हस्ताक्षर किए और 1990 के दशक में उनके साथ यूनिवर्सल तौर पर एल्बमों की एक श्रृंखला जारी की थी। अब लेबल ने फैसला किया है कि वह इस एल्बम को 20 सितंबर को रिलीज करेंगे।
पीटर गेब्रियल ने लेबल की आधिकारिक वेबसाइट पर कहा
''मैंने पूरी दुनिया में अभी तक कई संगीतकारों के साथ काम किया है, पर उन सभी में सबसे महान गायक हमेशा से नुसरत फतेह अली खान ही रहे हैं।'' वह (नुसरत) ना जाने ऐसा क्या करते थे कि उनकी आवाज कुछ ज्यादा ही अनोखी और मधुर थी। मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं उनकी आवाज को व्यापक वैश्विक दर्शकों तक पहुंचा सकूंगा। जब हमें पता चला कि यह टेप हमारी लाइब्रेरी में है तो हमें बहुत खुशी हुई। यह एल्बम वास्तव में उन्हें अपने चरम पर दिखाता है। यह एक अद्भुत रिकॉर्ड है।''
विज्ञापन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिकॉर्डिंग्स को इंग्लैंड में रियल वर्ल्ड स्टूडियो के एक गोदाम भंडार की गहराई से दफनाया गया था, जब लेबल 2021 में अपने संग्रह को बदल रहा था, तब इसका पता चला था। नुसरत फतेह अली खान, जिन्हें 'शहंशाह-ए-कव्वाल' कहा जाता था, अपनी शक्तिशाली और भावपूर्ण आवाज के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। नुसरत का नाम गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। नुसरत का जन्म पाकिस्तान के फैसलाबाद में हुआ था। उनका पूरा परिवार कव्वाली में माहिर था। नुसरत के पिता उस्ताद फतेह अली खां साहब थे, जो खुद बहुत मशहूर कव्वाल थे। नुसरत के पिता नहीं चाहते थे कि उनका बेटा कव्वाली के क्षेत्र में आगे बढ़े। वह खानदान की 600 सालों से चली आ रही परम्परा को तोड़ना चाहते थे। बाद में, नुसरत के पिता को मानना पड़ा कि नुसरत की आवाज उस परवरदिगार का दिया तोहफा ही है और वह फिर नुसरत को रोक नहीं पाए, और आज इतिहास हमारे सामने है। नुसरत की मृत्यु साल 1997 में अचानक कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुई थी।
विज्ञापन
एलबम का नाम है 'चेन ऑफ लाइट'
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 'चेन ऑफ लाइट' के नाम से नुसरत का यह एलबम रिलीज होगा। इस एल्बम को ब्रिटिश संगीतकार पीटर गेब्रियल के रियल वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के आर्काइव में खोजा गया था, लेबल को 1989 में नुसरत ने अपने हस्ताक्षर किए और 1990 के दशक में उनके साथ यूनिवर्सल तौर पर एल्बमों की एक श्रृंखला जारी की थी। अब लेबल ने फैसला किया है कि वह इस एल्बम को 20 सितंबर को रिलीज करेंगे।
विज्ञापन
पीटर गेब्रियल ने लेबल की आधिकारिक वेबसाइट पर कहा
''मैंने पूरी दुनिया में अभी तक कई संगीतकारों के साथ काम किया है, पर उन सभी में सबसे महान गायक हमेशा से नुसरत फतेह अली खान ही रहे हैं।'' वह (नुसरत) ना जाने ऐसा क्या करते थे कि उनकी आवाज कुछ ज्यादा ही अनोखी और मधुर थी। मुझे बेहद खुशी और गर्व है कि मैं उनकी आवाज को व्यापक वैश्विक दर्शकों तक पहुंचा सकूंगा। जब हमें पता चला कि यह टेप हमारी लाइब्रेरी में है तो हमें बहुत खुशी हुई। यह एल्बम वास्तव में उन्हें अपने चरम पर दिखाता है। यह एक अद्भुत रिकॉर्ड है।''
विज्ञापन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिकॉर्डिंग्स को इंग्लैंड में रियल वर्ल्ड स्टूडियो के एक गोदाम भंडार की गहराई से दफनाया गया था, जब लेबल 2021 में अपने संग्रह को बदल रहा था, तब इसका पता चला था। नुसरत फतेह अली खान, जिन्हें 'शहंशाह-ए-कव्वाल' कहा जाता था, अपनी शक्तिशाली और भावपूर्ण आवाज के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। नुसरत का नाम गिनिज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। नुसरत का जन्म पाकिस्तान के फैसलाबाद में हुआ था। उनका पूरा परिवार कव्वाली में माहिर था। नुसरत के पिता उस्ताद फतेह अली खां साहब थे, जो खुद बहुत मशहूर कव्वाल थे। नुसरत के पिता नहीं चाहते थे कि उनका बेटा कव्वाली के क्षेत्र में आगे बढ़े। वह खानदान की 600 सालों से चली आ रही परम्परा को तोड़ना चाहते थे। बाद में, नुसरत के पिता को मानना पड़ा कि नुसरत की आवाज उस परवरदिगार का दिया तोहफा ही है और वह फिर नुसरत को रोक नहीं पाए, और आज इतिहास हमारे सामने है। नुसरत की मृत्यु साल 1997 में अचानक कार्डियक अरेस्ट की वजह से हुई थी।