Yeh Kaali Kaali Ankhein Trailer: ताहिर के करियर की ये है पहली संक्रांति, ट्रेलर में पूरा फोकस आंचल सिंह पर
नया साल शुरू हो गया। मनोरंजन का बीते साल का सबक ‘पुष्पा’ है, ‘स्पाइडरमैन नो वे होम’ है, हॉलीवुड में थोड़ा और पीछे जाएं तो ‘शांगची’, ‘वंडरवूमन 1984’ और ‘टेनेट’ भी हैं। इधर अपने देस में ‘मिन्नल मुरली’, ‘मारा’ और ‘जय भीम’ हैं। साथ में ‘83’ भी है। ये सब मनोरंजन की बनती बिगड़ती पाठशालाओं के नए सबक हैं। हिंदी वाले नए सबक थोड़ा देर से पढ़ते हैं। वे पहले देखते हैं कि नए सिलेबस को पढ़कर पास कौन कौन हुआ? फिर रट्टा मारके या पर्ची बनाके शुरू होती है नकल। वेबसीरीज ‘ये काली काली आंखें’ नेटफ्लिक्स का नया सबक जैसा तो नहीं दिखती लेकिन इस सीरीज के ट्रेलर के साथ नेटफ्लिक्स की वो डुगडुगी जरूर सामने आती है जिसमें इसके निर्देशक सिद्धार्थ सेन गुप्ता का परिचय टीवी सीरीज ‘बालिका वधू’ और वेब सीरीज ‘अपहरण’ के निर्देशक के तौर पर है। एक ने कलर्स को कभी टीआरपी में नंबर वन बनाया था, दूसरे ने एकता कपूर के ऑल्टबालाजी पर लगे पोर्न ओटीटी के ‘कलंक’ को थोड़ा धोया था। अब वह ‘बालिका वधू’ और ‘अपहरण’ का कॉकटेल जैसा कुछ लेकर आए हैं।
देश में अब भी पकड़ुआ ब्याह होता है, ये सोचने में ही रोमांच तलाशने वालों की बनाई वेबसीरीज है ‘ये काली काली आंखें’। ना जाने देश का कौन सा वो कोना होगा जिसमें कोई रईस की बेटी किसी एक साधारण से दिखने वाले लड़के पर फिदा हो जाएगी और उसे अपने हरम का शोपीस बनाने पर तुल जाएगी। और ना जाने कैसा वो मर्द होगा, कि एक लड़की के लिए उठा लिए जाने के बाद भी सिर्फ प्लानिंग ही रचता रहेगा। खैर, वेबसीरीज ‘ये काली काली आंखें’ की यही कहानी है। कहानी का त्रिकोण है इस लड़के की प्रेमिका, जिसके साथ वो जीना चाहता है। शायद मरना भी। सिद्धार्थ सेनगुप्ता की लिखी निर्देशित की हुई वेबसीरीज ‘ये काली काली आंखें’ का ट्रेलर कहानी को पूरा खोल देता है।
वेबसीरीज ‘ये काली काली आंखें’ का ट्रेलर शुरू होता है इस ज्ञान से कि तीन चीजें इंसान को बर्बाद कर सकती हैं। पैसा, ताकत, और..! इस और पर आकर अभिनेत्री आंचल सिंह का स्वीमिंग पूल से निकलता गठीला बदन दिखता है। गांव देहात की पुरानी कहावत कि ज़र, ज़मीन और जोरू ही सारी अदावतों की जड़ होती हैं, ये भी याद आता है। लेकिन, उसके ठीक बाद आए नेटफ्लिक्स के लोगो के साथ ही फिल्म ‘बाजीगर’ के हिट गाने ‘ये काली काली आंखें, ये गोरे गोरे गाल..’ का एक बेहद बेसुरा संस्करण शुरू हो जाता है। यहीं इसी जगह फिल्म का ओरीजनल गाना अगर बज रहा होता तो ट्रेलर देखने का आनंद ही दूसरा होता।
खैर, वेबसीरीज ‘ये काली काली आंखें’ का ट्रेलर बुरा नहीं है। और, बेहतरीन भी नहीं है। ये अच्छा इस लिहाज से कहा जा सकता है कि इसे देखने के बाद अगर आप वेब सीरीज ना भी देखें तो ज्यादा कुछ मिस करेंगे नहीं क्योंकि कोई ढाई मिनट के ट्रेलर में ही नेटफ्लिक्स ने पूरी वेब सीरीज की कहानी खोल कर दिखा दी है। हां, ट्रेलर देखने के बाद वेबसीरीज ‘ये काली काली आंखें’ देखने का आकर्षण दो बातों की वजह से बचा रहता है। एक इस कहानी में खलनायिका सी दिखतीं आंचल सिंह और दूसरे इसके हीरो ताहिर राज भसीन। फिल्म ‘मर्दानी’ से चमके ताहिर के लिए अपना करियर संवारने का ये सबसे बड़ा मौका है। ये सीरीज उनकी अदाकारी का टर्निंग प्वाइंट भी बन सकती है क्योंकि उनकी एक और वेब सीरीज ‘रंजिश ही सही’ से उनको कुछ खास हासिल होता नजर नहीं आ रहा।
14 जनवरी को रिलीज होने जा रही वेबसीरीज ‘ये काली काली आंखें’ से ताहिर के करियर का सूरज उत्तरायण होगा या नहीं ये तो सीरीज के एपीसोड सामने आने पर ही तय होगा। लेकिन, इसके ट्रेलर में पूरा फोकस आंचल सिंह पर ही है। श्वेता त्रिपाठी अपने चिर परिचित अंदाज में ही हैं और उनका दायरा हर सीरीज में शुरू से तय ही होता है। सौरभ शुक्ला का किरदार देखने में जरूर दर्शकों की रुचि हो सकती है। अरुणोदय सिंह, सुनीता राजवर और बिजेंद्र काला भी साथ में हैं तो थोड़े चटखारे वाले मसाले इस सीरीज में और भी दिखने की उम्मीद बनी हुई है।