फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Movie Reviews ›   The Roshans Review in Hindi by Pankaj Shukla Netflix Indian Rakesh Roshan Rajesh Hrithik Ira classic songs

The Roshans Review: पिता के जाने का जिक्र आते ही रो पड़े राकेश रोशन, पहले एपिसोड के दम पर रोशन डॉक्यूमेंट्री

Mon, 20 Jan 2025 11:00 PM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Mon, 20 Jan 2025 11:00 PM IST
विज्ञापन
The Roshans Review in Hindi by Pankaj Shukla Netflix Indian Rakesh Roshan Rajesh Hrithik Ira classic songs
द रोशन्स (डॉक्यूमेंट्री सीरीज) रिव्यू - फोटो : अमर उजाला
Movie Review
द रोशन्स (डॉक्यूमेंट्री सीरीज)
कलाकार
राकेश रोशन , राजेश रोशन , ऋतिक रोशन , रणबीर कपूर , अभिषेक बच्चन , जावेद अख्तर , हनी ईरानी और फराह खान आदि
लेखक
उपलब्ध नहीं
निर्देशक
शशि रंजन
निर्माता
राकेश रोशन और शशि रंजन
ओटीटी:
नेटफ्लिक्स
रिलीज:
17 जनवरी 2024
रेटिंग
3/5

धर्मेंद्र और नूतन की 1962 में रिलीज फिल्म ‘सूरत और सीरत’ में शैलेंद्र का लिखा एक गाना ‘बहुत दिया देने वाले ने तुझको’ मुकेश ने पूरी तरन्नुम में गाया है। इस गाने के बोल शुरू होने से पहले जो बांसुरी बजती है, उसे ध्यान से सुनेंगे तो राकेश रोशन की सुपरहिट फिल्म ‘करण अर्जुन’ के लिए राजेश रोशन के बनाए सबसे लोकप्रिय गाने ‘ये बंधन तो प्यार का बंधन है..’ की धुन आपको मिलेगी। संगीतकार रोशन को उनके बेटों गुड्डू और राजू यानी राकेश रोशन और राजेश रोशन की सपरिवार श्रद्धांजलि है, नेटफ्लिक्स पर प्रसारित हो रही डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘द रोशन्स’। सुपरहिट गानों के मुखड़ों से पहले, अंतरों के बीच में आने वाले संगीत को पूरे एक गाने में बदल देने का प्रयोग हिंदी सिनेमा में राज कपूर ने खूब किया है। और, राज कपूर पर फिल्माया गया फिल्म ‘देवर’ का गाना तो भला किसे याद नहीं होगा, ‘आया है मुझे फिर याद वो जालिम गुजरा जमाना बचपन का..’। गीतकार आनंद बक्षी, संगीतकार रोशन। और, रोशन के ही संगीतबद्ध गाने में साहिर के बोल जब राज कपूर का कमाल का लिप सिंक पाकर खिलते हैं, तो आप भी गाने को मजबूर हो जाते हैं कि ‘तुम अगर मुझको न चाहो तो कोई बात नहीं..तुम किसी गैर को चाहोगी तो मुश्किल होगी..!’

विज्ञापन

The Roshans Review in Hindi by Pankaj Shukla Netflix Indian Rakesh Roshan Rajesh Hrithik Ira classic songs
द रोशन्स रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

रोशन से हुए उजियारे की कहानी
रोशन लाल नागरथ लखनऊ से संगीत की तालीम लेकर आकाशवाणी दिल्ली आए। इरा से शादी की। तब के बंबई में काम तलाशने आए। हुस्न लाल भगतराम के गराज में रहे। वहीं राकेश रोशन पैदा हुए। नितिन मुकेश बताते हैं कि उनकी मां ने रोशन का हाथ देखकर भविष्यवाणी की थी कि एक दिन उनके पास पैसा, शोहरत, बंगला, गाड़ी सब होगी। भविष्यवाणी सच भी हुई। रोशन ने हिंदी सिने संगीत के स्वर्णिम युग में अपनी न सिर्फ जगह बनाई बल्कि एक कव्वाली ऐसी भी रची जो पूरे 12 मिनट की है, ‘ये इश्क इश्क है, इश्क इश्क’! गाने उनके बनाए तो ऐसे हैं कि एक एक गाने पर कलेजा मुंह को आता है। ‘ख्यालों में किसी के इस तरह आया नहीं करते’, ‘बड़े अरमानों से रखा है सनम तेरी कसम’, ‘सारी सारी रात तेरी याद सताए’, ‘रहते थे कभी जिनके दिल में’, ‘छुपा लो यूं दिल में प्यार मेरा’ और ‘रहें ना रहें हम, महका करेंगे...’

विज्ञापन
विज्ञापन

सिनेमा को दिए इंदीवर और आनंद बक्षी 
ऊपर लिखे आखिरी के तीनों गीत साल 1966 में आई फिल्म ‘ममता’ के हैं। अशोक कुमार, सुचित्रा सेन और धर्मेंद्र की सुपरहिट फिल्म। निर्देशक असित सेन। इन्हीं असित सेन की एक फोटो इस सीरीज में उस वक्त की है, जब संगीतकार रोशन की रूह जन्नत में उजियारा करने जा चुकी है। असित सेन उनके शरीर से लिपटे हैं। जार जार रो रहे हैं। एक और किस्सा है फिल्म ‘ताजमहल’ के गाने ‘जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा’ का। सी रामचंद्र ने ये गाना सुनने के बाद रोशन को फोन किया और कहा, ‘तूने मेरी नींद खराब कर दी है, ये गाना बनाकर। अब देखना मैंने अगर तेरी नींद न खराब की तो मेरा नाम सी रामचंद्र नहीं।’ ये उस दौर की कहानी है जब हुनरमंदों में कंपटीशन होता था। बढ़िया वाला कंपटीशन और महीने में एक बार मिलकर सब पार्टी करते थे। कम लोगों को ही पता होगा कि संगीतकार रोशन ही हिंदी सिनेमा में इंदीवर और आनंद बख्शी को लेकर आए।

विज्ञापन

The Roshans Review in Hindi by Pankaj Shukla Netflix Indian Rakesh Roshan Rajesh Hrithik Ira classic songs
द रोशन्स रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

राजेश रोशन को पार्टी करने पर पड़ा थप्पड़
पार्टी करने का किस्सा रोशन परिवार में तीसरी पीढ़ी तक कायम रहता है। वहां भी जब ठीक से मूंछ निकलने से पहले राजेश रोशन का संगीत फिल्म ‘जूली’ में हिट हो गया था। सुबह चार बजे पार्टी करके घर पहुंचे। दरवाजा राकेश रोशन ने खोला और पूरे घर में गूंजा राजेश रोशन को पड़ा थप्पड़। किस्से तमाम हैं। कहने वाले तमाम हैं। कुछ हिंदुस्तानी में बतिया रहे हैं। कुछ खनकदार अंग्रेजी में। खास बात ये है कि जो गुजर रही पीढ़ी के हैं वे सब हिंदी में ही बातें कर रहे हैं और जिनकी पीढ़ी हिंदी सिनेमा में अभी चल रही है, वह कुछ फुटकर शब्द हिंदी में बोलकर अंग्रेजी पर ही आ जाते हैं। सीरीज पहले एपिसोड से आखिरी एपिसोड तक आते आते ये समझा जाती है कि हिंदी सिनेमा अपने दर्शकों से कैसे दूर हो रहा है। धरती से जुड़े रहने वालों ने कालजयी गाने बनाए। 17-18 साल की उम्र में ही छोकरे से आदमी बन गए गुड्डू और राजू ने भी खूब कमाल दिखाए। और, ऋतिक रोशन ने खुद से खुद के डर पर जीत हासिल की है। पहला एपिसोड खूब रूलाता है। राकेश रोशन अपने पिता के निधन की बात करते करते जब रो पड़ते हैं, तो देखने वाले का भी गला रुंध ही जाता है। पूरी सीरीज का यही सबसे कमाल का एपिसोड भी है।


The Roshans Review in Hindi by Pankaj Shukla Netflix Indian Rakesh Roshan Rajesh Hrithik Ira classic songs
द रोशन्स रिव्यू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

इरा रोशन ने संभाला परिवार
दूसरा एपिसोड रोशन के संगीत को आगे बढ़ाने वाले उनके बेटे राजेश रोशन पर है। बहुत कम उम्र में चोटी के संगीतकार बनने में कामयाब रहे राजेश रोशन इस बात पर भी पछताते नजर आते हैं कि वह कभी यश चोपड़ा से मिलने क्यों नहीं गए, जबकि उनकी मां ने इसके लिए बात भी की। राकेश और राजेश की मां यानी इरा रोशन। द रोशन्स का सबसे रोशन स्तंभ है अगर कोई है तो वह हैं इरा रोशन। बहुएं बताती हैं कि वह सख्त मिजाज औरत रहीं। लेकिन राजेश रोशन की पत्नी को अंग्रेजी सिखाने के लिए ट्यूशन भी वह लगवाती हैं और अपने पति को भी वह ये समझाती हैं कि जिस दौर में लोग तीन मिनट का गाना सुनने से कतराते हैं, उस दौर में 15 मिनट की कव्वाली कोई क्यों सुनेगा? लेकिन, तथ्य ये भी है कि फिल्म ‘बरसात की रात’ की कव्वाली ‘ये इश्क इश्क है, इश्क इश्क’ जैसी दूसरी कव्वाली अब तक नहीं बनी। इस कव्वाली पर शाहरुख खान भी फिदा दिखते हैं और सोनू निगम भी। सीरीज इरा नागरथ का लता मंगेशकर के साथ गाया फिल्म ‘अनोखा प्यार’ का गाना सुनाती है और ये भी बताती है कि अब भी शादी ब्याह में विदाई के वक्त बजने वाला रोशन का संगीतबद्ध किया आखिरी गाना फिल्म ‘अनोखी रात’ का ‘महलों का राजा मिला कि रानी बेटी राज करेगी’ उनके निधन के बाद उनकी पत्नी इरा ने ही रिकॉर्ड किया था।

The Roshans Review in Hindi by Pankaj Shukla Netflix Indian Rakesh Roshan Rajesh Hrithik Ira classic songs
द रोशन्स - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

तदबीर से तकदीर बनाने वाला रोशन
रोशन परिवार पर बात करने वालों की इस सीरीज में लंबी कतार है। माधुरी दीक्षित बताती हैं कि कैसे ‘किशन कन्हैया’ की शूटिंग के दौरान वह पहली बार ऋतिक से मिलीं और कैसे वह अनिल कपूर के संवादों पर संवाद अदायगी का रियाज किया करते थे। उससे पहले तीसरा एपिसोड राकेश रोशन के संघर्ष पर है। ऐसा संघर्ष जो आपको एक बार फिर रुला दे। जीतेंद्र, ऋषि कपूर और राकेश रोशन की तिकड़ी हिंदी सिनेमा में खूब मशहूर रही है। तीनों अपनी पत्नियों के साथ एक फिल्म के प्रीमियर पर पहुंचे तो राकेश रोशन और उनकी पत्नी पिंकी रोशन को फोटोग्राफर्स ने फ्रेम से बाहर कर दिया। छोटे छोटे रोल करके पैसे कमाने वाले राकेश के हाथ में उस समय के दिग्गज निर्माता निर्देशक जे ओम प्रकाश ने घर आकर अपनी बेटी का हाथ सौंपा था। लेकिन, राकेश रोशन ने अपनी तदबीर से अपनी तकदीर बनाई है, कैसे? ये सीखने के लिए ये सीरीज देखनी जरूरी है। हां, जहां जहां सीरीज में पुराने किस्से दिखाने के लिए नए कलाकारों के साथ जो रिकंस्ट्रक्शन किया गया है, वहां स्क्रीन के एक कोने में इसका उल्लेख भी जरूरी है।

The Roshans Review in Hindi by Pankaj Shukla Netflix Indian Rakesh Roshan Rajesh Hrithik Ira classic songs
द रोशन्स - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

अनुशासन ही इंसान को महान बनाता है
और, ‘द रोशन्स’ का आखिरी एपिसोड ऋतिक रोशन पर है। ‘भगवान दादा’ में उनके नाना ने उन्हें कैसे कैमरे के सामने मौका दिया, इसका किस्सा है और किस्से वे भी सारे हैं जिनमें बाप-बेटे की इस सौ फीसदी हिट रहने वाली जोड़ी के लड़ने-झगड़ने की बाते हैं, राकेश रोशन के अपने बेटे की पहली फिल्म बनाने के लिए घर, गाड़ी सब गिरवी रख देने के खुलासे हैं और किस्सा वह भी है कि ‘कृष’ की शूटिंग के दौरान कैसे ऋतिक मरते मरते बचे थे। और, कैसे ‘कहो ना प्यार है’ की रिलीज के हफ्ते भर बाद ही राकेश रोशन पर जानलेवा हमला हुआ था। ऋतिक हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार हैं। लेकिन पूरी सीरीज में वह अंग्रेजी में बातें करते हैं। ये अखरता है। अभिषेक बच्चन, रणबीर कपूर, जोया अख्तर सब अंग्रेजीदां हैं। टाइगर श्रॉफ भी हैं, ये बताने के लिए उन्होंने ऋतिक रोशन से अनुशासन सीखा है। इस एपिसोड में ऋतिक के दोनों बेटे भी गिटार बजाते दिखते हैं। सीरीज का पूरा आधार शुरू से रोशन परिवार की महिलाएं बताई गई हैं। बस ऋतिक के जीवन में आईं महिलाओं सुजैन और सबा का इसमें कोई जिक्र नहीं है। 'याराना' और 'जूली' के हिट गानों की फुटेज न मिलना, यशराज फिल्म्स के लिए बनी ऋतिक की फिल्मों की मेकिंग का जिक्र न होना, सिद्धार्थ आनंद का रोशन के संगीत पर बात करना, ये सीरीज की कुछ और खटकने वाली बातें हैं। हालांकि, इस कमियों के बावजूद सीरीज देखने लायक है। ये भी सीखने लायक है कि सफलता के लिए किसी भी इंसान को किसी तरह की प्रेरणा की जरूरत नहीं है। उसे बस हर दिन नियम से अपना कर्म करते जाना है....!

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें Entertainment News से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे Bollywood News, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट Hollywood News और Movie Reviews आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed