United Kacche Review: पहले समझिए यूनाइटेड कच्चे का मतलब, फिर समझिए कबूतरबाजी की ये परदेसी कहानी
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पंजाब के तमाम युवाओं का सपना रहा है कि वे किसी तरह से विदेश में सेटल हो जाए। सुनील ग्रोवर की नई वेब सीरीज 'यूनाइटेड कच्चे' इसी विषय पर आधारित है। सुनील ग्रोवर फिल्मों और रियलिटी शोज के अलावा ओटीटी प्लेटफार्म पर भी काफी समय से सक्रिय हैं। 'यूनाइटेड कच्चे' से पहले वह जी5 की सीरीज 'सनफ्लॉवर' में भी एक खास किरदार में नजर आए थे। प्राइम वीडियो की सीरीज 'तांडव' में भी वह काम कर चुके हैं। उनकी नई वेब सीरीज ‘यूनाइटेड कच्चे’ जी5 पर रिलीज हुई है।
वेब सीरीज 'यूनाइटेड कच्चे' की कहानी को समझने से पहले यह जान लेते है कि इस टाइटल का मतलब क्या है? इंग्लैंड में जिन लोगो की नौकरी पक्की नहीं होती है या वहां की पक्की नागरिकता नहीं मिलती है, उन्हें ‘यूनाइटेड कच्चे’ कहते हैं। सीरीज की कहानी पंजाब के एक ऐसे युवक की है जो विदेश जाने के लिए अपने पुरखों की जमीन गिरवी रखकर टूरिस्ट वीजा पर इंग्लैंड चला जाता है। वहां वीजा समाप्त होने के बाद किस तरह से वह अवैध प्रवासी बनकर रहता है और इस दौरान उसे किन- किन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, पूरी सीरीज की कहानी इसी के इर्द गिर्द घूमती है।
पंजाबी के एक बहुत बड़े गायक कबूतरबाजी के चक्कर में जेल की हवा खा चुके हैं। इस सीरीज में एक बात का भी जिक्र किया गया है कि किस तरह से सीरीज का एक किरदार जस्ट कलंदर लोगों से पैसे लेकर अवैध तरीके से लोगों को विदेश में भेजता है। विदेश में जाने के बाद जब टूरिस्ट वीजा समाप्त हो जाता है, तो ऐसे युवकों को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भारत में बहुत सारे लोग ऐसे हैं, जो विदेश जाने और वहां बसने का सपना देखते हैं। इसके लिए वे कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। 'यूनाइटेड कच्चे' की कहानी ऐसे लोगों के बारे में हैं, जिसे इस सीरीज में बहुत ही हल्के फुल्के अंदाज में पेश किया गया है।
ना सिर्फ भारत बल्कि पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों की जिंदगी को भी सीरीज में दिखाने की कोशिश की गई है,जिन्हे इंग्लैंड में परमानेंट रेजीडेंट्स का स्टेटस नहीं मिला है, ऐसे लोगों को वहां कच्चे कहा जाता है। सीरीज के निर्देशक मानव शाह और धरमपाल ठाकुर ने इंग्लैंड में रह रहे अवैध प्रवासी के संघर्ष को हल्की फुल्की कॉमेडी के साथ पेश किया है, जिसमे कहीं ना कहीं भावनात्मक और रोमांटिक सीन सीरीज को काफी हद प्रभावशाली बनाने में सफल रहे हैं। हमारे यहां एक शब्द बहुत प्रसिद्ध है और वो है जुगाड़। जुगाड से बड़े -बड़े काम आसानी से हो जाते हैं। यही फार्मूला इस सीरीज में भी दिखाया गया है कि किस तरह जुगाड़ से लोग वहां बचने की कोशिश करते रहते हैं।
सीरीज को रियल टच देने के लिए इसकी ज्यादातर शूटिंग इंग्लैंड मे हुई है। वहां के कई स्थानीय कलाकारों को सीरीज में मौका दिया गया है,लेकिन कहानी में एक जगह यह बात जरूर अखरती है कि जिस शख्स ने इंग्लैंड जैसे देश में अपनी मेहनत से खुद की अपनी पहचान बनाई है, खुद का बिजनेस सेट किया है। उसे कुछ लोग इतनी आसानी से बेवकूफ कैसे बनाकर चले जाते हैं। काफी लंबे समय के बाद सतीश शाह इस सीरीज में नजर आए हैं। उन्होंने सीरीज में पटेल का किरदार निभाया है। उनके घर में रहने वाले किरायेदार आसानी से हिंदी फिल्मों की तरह उन्हें बेवकूफ बनाते रहते हैं।
वेब सीरीज 'यूनाइटेड कच्चे' में सुनील ग्रोवर ने तेजिंदर टैंगो गिल का किरदार निभाया है। सुनील ग्रोवर ऐसे अभिनेता हैं कि उन्हें कैसा भी किरदार निभाने का मौका मिले, उसमे वह अपना सौ प्रतिशत देने की पूरी कोशिश करते हैं। टैंगो के किरदार मे भी सुनील ग्रोवर ने अच्छी एक्टिंग की है। सुनील ग्रोवर के अलावा इस सीरीज में सपना पब्बी, निखिल विजय, मनु ऋषि चड्ढा, नयनी दीक्षित और नीलू कोहली ने भी अपने किरदार के साथ पूरी तरह से न्याय करने की कोशिश की है।