फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Movie Review ›   Hwaijada movie review

आयुष्मान की 'हवाईजादा' हवा में उड़ जाएगी या..

Fri, 30 Jan 2015 11:40 AM IST
Updated Fri, 30 Jan 2015 11:40 AM IST
विज्ञापन
Hwaijada movie review

अगर आप जानते हैं कि दुनिया का पहला हवाई जहाज अमेरिका के राइट बंधुओं ने उड़ाया था तो अपकी जानकारी बिल्कुल दुरुस्त है। इसे ही बनाए रखें और किसी क्विज में हिस्सा लेते हुए यही जवाब दें।

विज्ञापन


निर्देशक विभु पुरी फिल्म हवाईजादा में 1895 के मुंबई की कहानी कहते हुए बताते हैं कि दुनिया का पहला विमान एक हिंदुस्तानी शिवकर तलपडे ने जुहू चौपाटी पर उड़ाया था। मगर अंग्रेज खलनायक थे जो नहीं चाहते थे कि किसी भारतीय के नाम ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो। अतः दुनिया को उन्होंने इसकी खबर नहीं लगने दी। फिल्म में आयुष्मान खुराना के अलावा पल्लवी शारदा और मिथुन चक्रवर्ती मुख्य भूमिकाओं में हैं।

विज्ञापन

हवाईजहाज के आविष्कार से जुड़ी है फिल्म

Hwaijada movie review

विभु की फिल्म बुरी तरह से निराश करती है। कारण यह कि अगर तलपडे को लेकर ऐसा कोई ऐसा तथ्य दर्ज भी है तो वह इसके साथ रत्ती भर न्याय नहीं कर पाते। फिल्म में आपको कहीं महसूस नहीं होता कि आप हवाईजहाज के आविष्कार को देख रहे हैं।

कहीं से पुरी यह नहीं समझा पाते कि तलपडे में हवाई जहाज को बनाने के लिए कैसा जुनून है। कौन से वे कारण हैं जो उन्हें हवाई जहाज बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। उलट आप तलपडे को आशिक मिजाज, शराबी युवक के रूप में देखते हैं, जो चौथी कक्षा में आठ बार फेल हो चुका है और एक नाचने वाली पर फिदा है।

रोमांटिक नजरिए से बनी है फिल्म 'हवाईजादा'

Hwaijada movie review

हवाईजादा किसी आविष्कारक की कहानी नहीं बल्कि एक दोयम दर्जे के युवक का रोमांटिक सिनेमा बनकर उभरती है ...और इस रोमांस में न कुछ नया, न रोमांटिक। विभु बरसों तक निर्माता-निर्देशक संजय लीला भंसाली के सहायक रहे हैं। उन्होंने भंसाली से किस्सागोई तो सीखी, बल्कि रंग-बिरंगे भव्य सैट बनाने पर ध्यान केंद्रित रखा।

सिनेमा सिर्फ सैट डिजाइनिंग नहीं है। हवाईजादा की रंगीनियत भंसाली की फिल्मों की सस्ती फोटोकॉपी जैसी दिखती है। लेखक-निर्देशक शुरू से अंत तक भ्रम में है कि आखिर क्या दिखाना चाहता है। तलपडे का रोमांस या फिर हवाईजहाज का आविष्कार।

पुरी ने बेहद चलताऊ ढंग से इतिहास को चुनौती देने की कोशिश की है और औंधे मुंह गिरे हैं। फिल्म में बचकाने ढंग से कॉमिक दृश्य पिरोए गए हैं। जिन पर बिल्कुल हंसी नहीं आती, बल्कि खीझ पैदा होती है।

विज्ञापन

बॉक्स ऑफिस पर क्या कमाल कर पाएगी आयुष्मान की फिल्म?

Hwaijada movie review

विक्की डोनर वाले आयुष्मान खुराना के लिए फिल्म खतरे की घंटी है। उनकी पिछली फिल्म बेवकूफियां भी बुरी तरह से पिटी थी। अगर वे ऐसी ही फिल्में चुनते रहे तो बोरिया-बिस्तर बंधने में समय नहीं लगेगा।

नाचने वाली के रूप में पल्लवी शारदा प्रभावित नहीं कर पाती। मिथुन भी मेक-अप लगाए एक नकली किरदार को जीते हुए नजर आते हैं। फिल्म पर रंगमंच का असर दिखता है और इसलिए यह कहीं ज्यादा नकली हो जाती है।

थोड़ी-थोड़ी देर में आने वाला गीत-संगीत कहनी को नहीं बढ़ाता और कुछ जगहों पर यह मंच के म्यूजिकल ड्रामे सरीखा प्रभाव छोड़ता है। असल में कलाकारों का दोष इस फिल्म में कम है क्योंकि हवाईजादा अपने कथानक और ऐतिहासिकता में बेहद लचर है।

यह न तो किसी तरह का ज्ञानवर्द्धन करती है और न ही मनोरंजन। अगर आप कहीं बोर होकर हवाईजादा देखने की योजना बना रहे हैं तो तय मानिए कि आपकी बोरियत दूर नहीं होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें Entertainment News से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे Bollywood News, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट Hollywood News और Movie Reviews आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed