फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Movie Reviews ›   Bioscope with Pankaj Shukla for movie Jaane Bhi Do Yaaro kundan shah Naseeruddin vidhu vinod Sudhir mishra

Bioscope: नसीर को पूरी फिल्म के मिले सिर्फ 15 हजार, विधु ने संभाला प्रोडक्शन, सुधीर मिश्रा बने असिस्टेंट

Mon, 12 Aug 2024 08:51 AM IST
Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Mon, 12 Aug 2024 08:51 AM IST
विज्ञापन
Bioscope with Pankaj Shukla for movie Jaane Bhi Do Yaaro kundan shah Naseeruddin vidhu vinod Sudhir mishra
जाने भी दो यारो - फोटो : अमर उजाला
Movie Review
जाने भी दो यारो
कलाकार
नसीरुद्दीन शाह , रवि बासवानी , ओम पुरी , पंकज कपूर , सतीश शाह , भक्ति बर्वे , नीना गुप्ता , राजेश पुरी और दीपक काजिर
लेखक
कुंदन शाह , सुधीर मिश्रा , सतीश कौशिक और रंजीत कपूर
निर्देशक
कुंदन शाह
निर्माता
राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी)
रेटिंग
4/5

फिल्म ‘जाने भी दो यारो’ पहली बार तो साल 1983 में रिलीज हुई और ‘हीरो’ और ‘कुली’ जैसी फिल्मों के साल में भी अपना एक अलग दर्जा पाने में कामयाब रही। लेकिन, जब पहली बार ये फिल्म रिलीज हुई तो गिनती के लोगों ने ही इसे सिनेमाघर में देखा। कोई 12 साल पहले निर्देशक कुंदन शाह को इस फिल्म की भव्य रिलीज का असली सुख तब मिला जब इसे फिर से सिनेमाघरों में रिलीज किया गया। कुंदन शाह से तब खूब बातें हुई थीं। उन्होंने खूब किस्से फिल्म मेकिंग के सुनाए थे। उनका बड़ा मन था इस फिल्म की सीक्वल बनाने का। सीक्वल की वह स्क्रिप्ट अपने सिरहाने रखकर वह अरसे तक सोते रहे और एक दिन अपने इस सपने को लिए हुए ही ऊपर चले गए।

विज्ञापन

Bioscope with Pankaj Shukla for movie Jaane Bhi Do Yaaro kundan shah Naseeruddin vidhu vinod Sudhir mishra
जाने भी दो यारो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
2012 में फिर से की गई रिलीज
मुझे याद है फिल्म ‘जाने भी दो यारो’ की फिर से रिलीज होने के वक्त कुंदन शाह के चेहरे पर बच्चों जैसी खुशी थी। ये खुशी इस बात की थी कि मीडिया की जो चमक दमक कुंदन को साल 1983 में नसीब नहीं हुई, वह सब उनके सामने था। फिल्म को बनाया था राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम यानी एनएफडीसी ने। हालांकि, कुंदन शाह ने इस बात का गिला नहीं किया कि उनकी फिल्म को अच्छे प्रचार प्रसार के साथ रिलीज नहीं किया गया। कुंदन का मानना था कि फिल्म अपनी पहली रिलीज में भी अपने बजट के हिसाब से अच्छा कारोबार करने में सफल रही थी। फिल्म में कोई गाना नहीं था, कोई आइटम नंबर नहीं था, हीरोइन जो थी फिल्म की वह वैम्प टाइप की थी और इसके बावजूद लोगों को ये कहानी अपनी जैसी लगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

Bioscope with Pankaj Shukla for movie Jaane Bhi Do Yaaro kundan shah Naseeruddin vidhu vinod Sudhir mishra
जाने भी दो यारो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
साधारण सी कहानी की अतरंगी अंतर्धारा

‘जाने भी दो यारो’ की कहानी थी भी उन लाखों, करोड़ों जैसी जो कुछ बन पाने की जुगत में दिन रात लगे रहते हैं। ये कहानी है दो भोले भाले लेकिन ईमानदार फोटोग्राफरों की जिनके कैमरे में एक कत्ल कैद हो जाता है। असली कातिल को पकड़ने के चक्कर में दोनों खुद बिल्डरों के काले धंधे के दलदल में आ गिरते हैं और जितना इससे निकलने की कोशिश करते हैं, उतना ही और अंदर धंसते जाते हैं। कुंदन शाह ने इन दोनो को आम आदमी का नुमाइंदा बनाकर सिस्टम मे करप्शन के कपड़े बीच चौराहे उतारने की तब कोशिश की, जब सिनेमा के दर्शक श्रीदेवी को कम कपड़ों में देखकर आहें भरने की तैयारी करने में लगे रहते थे। फिल्म ‘जाने भी दो यारो’ की चुस्त कथा पटकथा कुंदन शाह ने सुधीर मिश्रा के साथ मिलकर लिखी और इसके जबर्दस्त संवाद लिखने का  काम किया सतीश कौशिक ने अपने जोड़ीदार रंजीत कपूर के साथ।

विज्ञापन

Bioscope with Pankaj Shukla for movie Jaane Bhi Do Yaaro kundan shah Naseeruddin vidhu vinod Sudhir mishra
जाने भी दो यारो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
चापलूसी पसंद हीरो नहीं बन सकता नायक

खुद कुंदन शाह ने 2012 की बातचीत में कहा था, ‘साल 1983 में ‘जाने भी दो यारो’  जैसी फिल्म बनाना और रिलीज करना आसान नहीं था। फिल्म के निर्देशन में मुझे बहुत दिक्कतें आईं लेकिन अब देखो तो लगता है कि किसी फिल्म का निर्देशक बन पाना ही अपने आप में किसी दिक्कत से कम नहीं है।’ शादी के पहले ही किसी युवती के गर्भवती हो जाने के मुद्दे पर फिल्म ‘क्या कहना’ कुंदन शाह साल 2000 में बना चुके थे। ऐसी फिल्मों का निर्देशक ऐसा क्यों कहता है कि अब निर्देशक बन पाना ही मुश्किल है, पूछने पर कुंदन ने कहा, ‘असली निर्देशक कभी सितारों की चापलूसी नहीं करेगा। चापलूस निर्देशक कभी अच्छा सिनेमा नहीं बना सकता और चापलूसी पसंद करने वाला सितारा कभी जमाने का नायक नहीं बन सकता।’

Bioscope with Pankaj Shukla for movie Jaane Bhi Do Yaaro kundan shah Naseeruddin vidhu vinod Sudhir mishra
जाने भी दो यारो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
नसीरुद्दीन शाह की फीस 15 हजार

‘जाने भी दो यारो’ में जिस एक शख्स को सबसे ज्यादा पैसा मिला, वह थे नसीरूद्दीन शाह और साल 1983 में उनकी इस फिल्म के लिए फीस थी सिर्फ 15 हजार रुपये। और, वह भी इस शर्त के साथ फिल्म की शूटिंग के लिए कपड़े वह घर से पहनकर आएंगे और अपना निकोन कैमरा भी साथ लेकर आएंगे, जिसे गले में लटकाकर उन्हें फिल्म में फोटोग्राफर दिखना था। नसीर ने तब तो उफ नहीं की लेकिन जब शूटिंग के आखिरी दिनों में उनका कैमरा चोरी हो गया तो बेचारे बहुत दुखी हुए। सबसे अपना दर्द कहते लेकिन सेट पर कोई भी ऐसा दिलदार नहीं था जो कहता, कोई बात नहीं चलो मैं दूसरा कैमरा दिला देता हूं।

Bioscope with Pankaj Shukla for movie Jaane Bhi Do Yaaro kundan shah Naseeruddin vidhu vinod Sudhir mishra
जाने भी दो यारो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
पहले कट में बनी छह घंटे की फिल्म

नसीर के इस फिल्म में साथी थे फक्कड़ कलाकार रवि वासवानी (फिल्म की क्रेडिट्स में बासवानी)। दोनों की जोड़ी सुधीर- विनोद की जोड़ी के तौर पर कहानी में नजर आई। फिल्म में तब विधु विनोद चोपड़ा और सुधीर मिश्रा दोनों कुंदन शाह की टीम का हिस्सा थे। बाद में नामी प्रोड्यूसर डायरेक्टर बने विधु उन दिनों कुंदन शाह का प्रोडक्शन संभालते थे और ‘इस रात की सुबह नहीं’ व ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’ जैसी फिल्में निर्देशित करने वाले सुधीर मिश्रा तब कुंदन शाह के असिस्टेंट हुआ करते थे। फिल्म एनएफडीसी का एक स्टोरी कंपटीशन जीतकर बनी थी और एनएफडीसी ने इस फिल्म को बनाने के लिए कुंदन शाह को सात लाख रुपये दिए थे। फिल्म इंस्टीट्यूट के पूरे एक झुंड को जुटाकर कुंदन ने ये फिल्म बनाई और एनएफडीसी से मिला ज्यादातर पैसा फिल्म का स्टॉक खरीदने में खर्च कर दिया। कुंदन शाह की ये फिल्म पहले कट के वक्त करीब छह घंटे की थी और इसे पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट के छात्रों ने पहली बार इसी लंबाई के साथ ही देखा था।

Bioscope with Pankaj Shukla for movie Jaane Bhi Do Yaaro kundan shah Naseeruddin vidhu vinod Sudhir mishra
जाने भी दो यारो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
डिस्को किलर के किरदार में अनुपम

फिल्म ‘जाने भी दो यारो’ में काम करने वाले तमाम लोगों के रोल बाद में फिल्म की रिलीज के समय कुंदन शाह को काटने पड़े। ऐसे लोगों में एक बड़ा नाम अनुपम खेर भी हैं। अनुपम खेर ने फिल्म में डिस्को किलर का रोल किया जो लोगों का नाचते नाचते कत्ल कर देता था। फाइनल एडिट में फिल्म से उनका पूरा रोल ही काट दिया गया। हां, अनुपम खेर की आवाज जरूर फिल्म में एक जगह सुनाई देती है जहां उनसे मजदूर बने एक कलाकार की डबिंग कराई गई है। दिलचस्प बात ये भी है कि फिल्म की हीरोइन भक्ति बर्वे की डबिंग अनीता कंवर ने की है। फिल्म में बाकी रोल जो कटे, वे थे उन लोगों के जो फिल्म के क्लाइमेक्स में दिखने वाले चीर हरण के साथी थे। ये पूरा सीन ही कुंदन शाह ने बहुत लंबा शूट कर डाला था। तब इस सीन में महात्मा गांधी से लेकर पृथ्वीराज चौहान और चंद्रगुप्त मौर्य तक का जिक्र शामिल था।

Bioscope with Pankaj Shukla for movie Jaane Bhi Do Yaaro kundan shah Naseeruddin vidhu vinod Sudhir mishra
जाने भी दो यारो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
जीता बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर अवार्ड

फिल्म ‘जाने भी दो यारो’ का मूल विचार कुंदन शाह ने ऑस्कर पुरस्कारों में दो नामांकन हासिल करने वाली 1966 में रिलीज हुई फिल्म ‘ब्लो अप’ से लिया था। फिल्म ‘जाने भी दो यारो’ में जहां सुधीर और विनोद फोटोग्राफी करने जाते हैं, उसका नाम है एंटोनियोनी पार्क। फिल्म ‘ब्लोअप’ के निर्देशक का नाम है माइकलेंजेलो एंटोनियोनी। कुंदन शाह ने इस पार्क के नाम के जरिए मूल फिल्म के निर्देशक को अपने हिसाब से श्रद्धांजलि दी थी। ‘ब्लोअप’ ने भले एंटोनियोनी को ऑस्कर और बाफ्टा फिल्म पुरस्कार समारोहों में मायूस किया हो लेकिन कान फिल्म फेस्टिवल में ‘ब्लोअप’ को पाम ए डिओर यानी कान फिल्म फेस्टिवल का सबसे बड़ा अवार्ड मिला। और, फिल्म ‘जाने भी दो यारो’ ने कुंदन शाह को दिलाया था बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का नेशनल फिल्म अवार्ड। रवि वासवानी ने भी इस फिल्म के लिए बेस्ट कॉमेडियन का फिल्मफेयर अवार्ड जीता था।

यह फिल्म आप यूट्यूब पर देख सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें Entertainment News से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे Bollywood News, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट Hollywood News और Movie Reviews आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed