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Shamsul Huda Bihari: भुला दिए इस गीतकार को रोल मॉडल मानते हैं जावेद अख्तर, ये गाने हैं मशहूर
Tue, 25 Feb 2025 08:27 AM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Tue, 25 Feb 2025 08:27 AM IST
सार
Shamsul Huda Bihari: 'तेरी मेहरबानियां' और 'प्यार झुकता नहीं' जैसे फिल्मों के गाने लिखने वाले गीतकार शमसुल हुदा बिहारी की आज पुण्यतिथि है। आज इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं कि भुला दिए गए इस गीतकारी को कौन सा गीतकार अपना रोल मॉडल मानता है।
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एसएच बिहारी
- फोटो : फोटो- अमर उजाला
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विस्तार
'तेरी मेहरबानियां तेरी कदरदानियां, कुर्बान तुझ पे मेरी कई जिंदगानियां' गाना एक वक्त बहुत मशहूर हुआ था। इस गाने को लिखने वाले शमसुल हुदा बिहारी को कम ही लोग जानते हैं। उनकी पैदाइश साल 1920 में बिहार के आरा में हुई। वह एस.एच. बिहारी के नाम से मशहूर हुए। वह बॉलीवुड के बेहतरीन गीतकारों में शुमार होते हैं। आज के बेहतरीन गीतकार जावेद अख्तर उन्हें रोल मॉडल मानते हैं। उन्होंने बॉलीवुड की कई फिल्मों को बेहतरीन गाने दिए। वह झारखंड के जिला देवगढ़ माधुपुर में रहे। उनका पुराना किला अभी भी माधुपुर में मौजूद है।
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जावेद अख्तर ने की तारीफ
साल 2006 में गीतकार जावेद अख्तर ने एस.एच. बिहारी को रोल मॉडल बताया था। उन्होंने बताया कि वह बहुत अच्छे शायर थे, जिन्हें आज लोग भूल रहे हैं। ऑल इंडिया रेडियो के चैनल विविध भारती के एक प्रोग्राम में ओपी नैय्यर ने एस.एच. बिहारी को शायर-ए-आजम का खिताब दिया। एस.एच. बिहारी ने कई गाने लिखे जिनको ओपी नैय्यर ने आवाज दी।
यह खबर भी पढ़ें: Udit Narayan: ऐश्वर्या से लेकर माधुरी तक विवादों में रहा है इन सेलिब्रिटी का रिश्ता, हुआ ब्रेकअप
साल 2006 में गीतकार जावेद अख्तर ने एस.एच. बिहारी को रोल मॉडल बताया था। उन्होंने बताया कि वह बहुत अच्छे शायर थे, जिन्हें आज लोग भूल रहे हैं। ऑल इंडिया रेडियो के चैनल विविध भारती के एक प्रोग्राम में ओपी नैय्यर ने एस.एच. बिहारी को शायर-ए-आजम का खिताब दिया। एस.एच. बिहारी ने कई गाने लिखे जिनको ओपी नैय्यर ने आवाज दी।
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एसएच बिहारी
- फोटो : फोटो- अमर उजाला
उर्दू और हिंदी में भी लिखे गाने
एस.एच. बिहारी हिंदी में गाने लिखने के अलावा उर्दू में भी गाने लिखते थे। उन्हें बंगाली भाषा भी आती थी। गाने लिखने के अलावा एस.एच. बिहारी ने 1985 में मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म 'प्यार झुकता नहीं' की पटकथा लिखी।
यह खबर भी पढ़ें: Himesh Reshammiya: सलमान खान को साइन कर चुके हिमेश रेशमिया, बताया कैसे मिली 'बैडएस रवि कुमार' बनाने की प्रेरणा
एस.एच. बिहारी हिंदी में गाने लिखने के अलावा उर्दू में भी गाने लिखते थे। उन्हें बंगाली भाषा भी आती थी। गाने लिखने के अलावा एस.एच. बिहारी ने 1985 में मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म 'प्यार झुकता नहीं' की पटकथा लिखी।
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इस तरह शुरू हुआ करिअर
एस.एच. बिहारी ने कोलकता के प्रेसीडेंसी कॉलेज स्नातक किया। 1947 के बाद वे बंबई (मुंबई) गए. उन्होंने अपना सबसे पहला गाना 1950 में आई फिल्म 'दिलरुबा' के लिए 'हटो-हटो जी आते हैं हम' गाना लिखा। इस गाने से उन्हें पहचान नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने 'निर्दोष', 'बेदर्दी', 'खूबसूरत' और 'रंगीला' जैसी फिल्मों की गीत लिखे. 25 फरवरी 1987 को वह दुनिया को अलविदा कह गए।
एस.एच. बिहारी ने कोलकता के प्रेसीडेंसी कॉलेज स्नातक किया। 1947 के बाद वे बंबई (मुंबई) गए. उन्होंने अपना सबसे पहला गाना 1950 में आई फिल्म 'दिलरुबा' के लिए 'हटो-हटो जी आते हैं हम' गाना लिखा। इस गाने से उन्हें पहचान नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने 'निर्दोष', 'बेदर्दी', 'खूबसूरत' और 'रंगीला' जैसी फिल्मों की गीत लिखे. 25 फरवरी 1987 को वह दुनिया को अलविदा कह गए।
एस एच बिहारी के गाने
एस.एच बिहारी ने फिल्म 'दो कैदी' का गाना 'ये चली वो चली चुरा के ले चली', 'औलाद' फिल्म का गाना 'रास्ते का माल सस्ते में', 'मजलूम' फिल्म का 'आंख पे धूप का चश्मा' समेत पांच गाने लिखे। उन्होंने फिल्म 'प्यार झुकता नहीं' के चार गाने लिखे। 'तेरी मेहरबानिया' फिल्म के उन्होंने चार गाने लिखे। 'किस्मत' फिल्म के चार गाने लिखे।
एस.एच बिहारी ने फिल्म 'दो कैदी' का गाना 'ये चली वो चली चुरा के ले चली', 'औलाद' फिल्म का गाना 'रास्ते का माल सस्ते में', 'मजलूम' फिल्म का 'आंख पे धूप का चश्मा' समेत पांच गाने लिखे। उन्होंने फिल्म 'प्यार झुकता नहीं' के चार गाने लिखे। 'तेरी मेहरबानिया' फिल्म के उन्होंने चार गाने लिखे। 'किस्मत' फिल्म के चार गाने लिखे।