मजबूत कलेजे वाले ही देंखे ये 20 भयानक फिल्में
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हॉलीवुड में कई हॉरर फिल्में बनी हैं। जिन्होंने डर के नए अध्याय लिख डाले। ऐसी ही 20 फिल्मों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। ये ऐसी डरावनी फिल्में थीं जिनको देखकर रुह तक कांप जाती है।
आज भी इन फिल्मों को देखने के लिए बड़ा कलेजा चाहिए। कई तो ऐसी रहीं जिनकी लंबी सीरीज हॉलीवुड में आती रहीं।
रौंगटे खडे कर देती है 'द एक्सोरिस्ट'
1973 में रिलीज इस हॉलीवुड फिल्म ने बड़े-बडों के रौंगटे खड़े कर दिए थे। फिल्म को विलियम फ्रिडकिन ने निर्देशित किया था। फिल्म विलियम पीटर ब्लैटी के इसी नाम से लिखे उपन्यास पर आधारित थी।
फिल्म एक ऐसे व्यक्ति पर केंद्रित थी जिसमें भूतही आत्मा घर कर जाती है। और उसे छुड़ाने के लिए प्रीस्ट पूरे प्रयास करते हैं। फिल्म के कई दृश्य काफी डरावने और वॉयलेंट थे। कई दृश्य ऐसे थे जिसे देख कलेजा बाहर आ जाता।
'द साइको'
1960 में आई ये फिल्म भी कम डरावनी नहीं थी। इस हॉरर सस्पेंस फिल्म को अलफ्रेड हिचकॉक ने डायरेक्ट किया था। फिल्म इसी नाम से राबर्ट ब्लॉच लूजली द्वारा लिखे गए उपन्यास पर आधारित थी।
ये एक मर्डर केस पर बेस सस्पेंस भरी फिल्म थी। होटल में घटी एक मर्डर घटना के इर्द-गिर्द बुने ताने बाने पर घूमती ये फिल्म कई जगहों पर बेहद डर पैदा कर देती है। बेस्ट सस्पेंस की फिल्मों में इसका नाम शुमार है। यह फिल्म तीन सीरिज में बनाई गई थी।
'द शाइनिंग'
1980 में आई ये ब्रिटिश अमेरिकन साइक्लोजिकल हॉरर फिल्म स्टेनली कुबरिक ने निर्देशित की थी। जो कि स्टेफन किंग के उपन्यास पर आधारित थी। जिसमें थोड़े बहुत बदलाव किए गए थे।
फिल्म में एक जैक नामक राइटर जिसे शराब की भी लत होती है थोड़े समय के लिए एक आइसोलेटेड होटल के केयरटेकर का जॉब करता है। यही से कहानी शुरु होती है।
इस व्यक्ति के बेटे में भूत और भविष्य की घटनाओं को देख लेने की क्षमता होती है। जिसके तहत वह होटल में एक भूत की उपस्थिति को भी भांप जाता है। बाद में ये परिवार इस होटल में ही फंस जाता है और बाद में जैक पर वह भूतही आत्मा हावी हो जाती है जिसके चलते वह अपने बेटे और पत्नी को भी मारने का प्रयास करता है।
डर में जूझते परिवार के आगे घटित घटनाएं बहुत डरावने ढंग से पर्दे पर पेश की गई थीं। जो आपको भी डरा देती हैं।
आसानी से हजम नहीं होगी'एलियन'
1979 की इस साइंस फिक्शन पर आधारित हॉरर फिल्म को रिडली स्कॉट ने निर्देशित किया था। फिल्म में साइंस की पद्वति से एक ऐसी क्रिऐचर का निर्माण हो जाता है जो काफी एग्रेसिफ और आतंक का पर्याय बन जाता है।
ये कृति अपने निर्माणकर्ताओं और उसकी टीम का स्पेसशिप में ही मार डालती है। इस क्रिऐचर से काफी तबाही मच जाती है। इन घटनाओं को बहुत ही आक्रामक और डरावने ढंग से पेश किया गया।
मारने के सीन इतने ह्दयविदारक थे कि इनको आसानी से हजम नहीं किया जा सकता।
'पैरानार्मल एक्टिविटीज'
2007 में रिलीज इस अमेरिकन सुपरनेच्युरल हॉरर फिल्म को ऑरेन पेली ने डायरेक्ट किया था। ये एक ऐसे यंग कपल की कहानी थी जो अपने घर में सुपरनेच्युरल एक्टिविटीज का अनुभव करते हैं।
ये कपल अपना घर छोड़ने की बजाए अपने साथ घट रहीं इन घटनाओं को कैमरे में कैद करने का निर्णय लेता है। इस जोड़े के साथ घटने वाली घटनाओं को देखकर हर कोई चकित हो सकता है और उसके मन में डर भी पैदा हो सकता है।
सात दिन में मौत की वार्निंग देती है'द रिंग'
ये अमेरिकन साइक्लोजिकल फिल्म 2002 में आई थी। ये फिल्म जापानी नोबल रिंगू पर आधारित थी। जिसमें एक रहस्मय वीडियो टेप के इर्द-गिर्द घटनाक्रम घूमता है।
ये टेप एक पत्रकार के हाथ लग जाता है जिससे वह कुछ अजीबो गरीब और काफी हैरत में डाल देने वाले व्यूज देखता है। इसके बाद व्यूअर के पास एक फोन आता है कि अब वह व्यक्ति सात दिन के अंदर मर जाएगा। ये फिल्म देखने वालों के रौंगटे खड़े कर देती है।
'द नाइटमेयर'
टीनजर्स इस अजीब नाइटमेयर का कारण नहीं टटोल पाते। लेकिन ये बात उनके पूर्वजों के भूतकाल से जुड़ी होती है। इनके साथ जो घटता है वह सबको डरा देता है।
'द ब्लेयर विच प्रोजेक्ट'
इसके बाद उनका कोई अता पता नहीं चलता। बाद में इन युवाओं के कुछ वीडियो और साउंड एक्यूपमेंट वहां पाए जाते हैं। जिनके आधार पर पुलिस उनको तलाशती है। एक साल बाद इनके फुटेज रिकवर्ड किए जाते हैं।
'हैलोवीन'
हैलोवीन 1978 में आई थी। जो कि अमेरिकन हॉरर फिल्म थी। ये एक भयानक रात की कहानी थी जिसमें 6 साल का एक लड़का माइकल अपनी बड़ी बहन का किचन चाकू से बहुत ही निर्ममता से मर्डर कर देता है।
15 साल बाद ये लड़का साइक्रिटिक अस्पताल से भाग जाता है। लड़के का डॉक्टर माइकल के इरादों पर शक करते हुए लोगों को उससे बचाने के प्रयास करता है। माइकल के हॉव भाव और उसके मर्डर का तरीका लोगों में डर पैदा करता है।
हिम्मत चाहिए 'द टेक्सास चेन सॉ मेस्केर' देखने को
1974 में आई ये अमेरिकन फिल्म तो काफी डरावनी थी। जो एक सच्ची घटना पर आधारित थी। इसमें एक परिवार शहर से दूर पहाड़ियों पर टाइम स्पेंड करने आता है। लेकिन बहुत ही भयानक और डरावने लोगों का शिकार बनता चला जाता है।
ये भयानक आदमखोर आदमी बहुत ही घृणित और भयानक ढंग से लोगों को मौत की नींद सुलाते हैं। फिल्म में जिस प्रकार घृणास्पद लोगों को दिखाया गया है उसे देखकर काफी डर लग सकता है। इस फिल्म को हर कोई आसानी से नहीं देख सकता।
डरते हैं तो न देखें'सॉ'
इस फिल्म के नाम पर मत जाइए इसे देखने के लिए काफी मजबूत दिल जो चाहिए। 2004 की ये अमेरिकन हॉरर फिल्म जेम्स वान ने डायरेक्ट की थी। जो आदम और लॉरेंस नामक दो आदमियों के इर्द-गिर्द घूमती है।
ये आदमी आपस में बड़ी ही अजीबो गरीब शर्त रखते हैं। जिससे बाद में कई लोग मारे जाते हैं। इस फिल्म में काफी भयानक और डरावने दृश्य हैं। विशेष रुप से बाथरुम में फिल्माए सीन रौंगटे खड़े कर देते हैं। इसमें कटे हाथ और कटे पैर देख कर ही डर लग उठता है।
पानी के अंदर का खौफ है'जॉ'
जिसे देखते ही दिल बाहर आ जाता है।
नाइट ऑफ द लिविंग डैथ
1968 में आई इस अमेरिकन हॉरर फिल्म ने सफलता का नया अध्याय जोड़ा था। फिल्म में लोगों का एक ग्रुप गांव के एक फार्म हाउस में फंस जाता है। जहां एक मृत्य मोनेस्टर उनको एक-एक करके मारता है।
फिल्म में खून चूसने, मांस खाने जैसे भयानक सीन डर उत्पन्न करते हैं।
'इन्साइडिअस'
मूवी बड़ी ही डरावनी है। इसमें प्रयोग स्पेशल इफेक्ट इस डर को और बढ़ाते हैं।
खौफ का मुखौटा है'स्क्रीम'
मारने का उसका स्टाइल ही लोगों को डरा कर रख देता है।
द ऐविल डैथ
1981 की ये हॉरर फिल्म भी लोगों को डराने के लिए काफी है। इसमें स्टूडेंट्स का एक ग्रुप एक वुडन केबिन में फंस जाता है। और यहां उन पर मौत का झपट्टा पड़ जाता है।
इसमें फंसे स्टूडेंट और उनके संग घटने वाली घटनाओं को काफी डरावने ढंग से पर्दे पर उतारा गया है।
28 days later
' द ग्रूज'
इस अमेरिकन हॉरर फिल्म की कई सीरीज बनी जिनको हॉरर फिल्मों में काफी वाहवाही मिली। फिल्म में डरावने घटनाक्रमों को भयानक अंदाज में पर्दे पर उतारा गया। जिनको देखकर लोगों के कलेजे हिल गए।
'पोल्टरगीस्ट'
इस फिल्म की भी सीरीज बनी जिनको सराहा गया। 1982 की इस फिल्म ने हॉरर फिल्मों को अलग ही दिशा दी थी। स्टीफन स्पीलबर्ग द्वारा निर्देशित इस फिल्म में एक परिवार पर फोकस किया गया था।
जिसमें मेल घोस्ट इस परिवार की यंग बेटी को परेशान करता है। भूत की हरकतों को बहुत ही डरावने ढंग से पर्दे पर पेश किया गया था।