फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   film funding row Malayalam poet filmmaker Sreekumaran Thampi backs Adoor Gopalakrishnan says camera is not toy

Film Funding Row: निर्माता अदूर गोपालकृष्णन के समर्थन में आए श्रीकुमारन थम्पी, कहा- 'कैमरा कोई खिलौना नहीं'

Tue, 05 Aug 2025 02:57 PM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति राघव Updated Tue, 05 Aug 2025 02:57 PM IST
सार

Film Funding Row: निर्माता अदूर गोपालकृष्णन ने हाल ही में कहा के केरल स्टेट फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (केएसएफडीसी) की तरफ से दी जा रही धनराशि का खास फायदा नहीं हो पा रहा है। इसे कम करना चाहिए। उनकी इस बात पर कवि और निर्माता श्रीकुमारन थम्पी ने समर्थन जताया है।

विज्ञापन
film funding row Malayalam poet filmmaker Sreekumaran Thampi backs Adoor Gopalakrishnan says camera is not toy
निर्माता अदूर गोपालकृष्णन-श्रीकुमारन थम्पी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

फिल्म निर्माता अदूर गोपालकृष्णन ने बीते दिनों एक कार्यक्रम में कहा कि केरल सरकार जो निर्माताओं को फिल्म बनाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये देती है, इसका बहुत अच्छा परिणाम सामने नहीं आ रहा है। उन्होंने धनराशि कम करने की बात कही, जिस पर जमकर विवाद हो रहा है। तमाम लोगों ने गोपालकृष्णन की इस बात की आलोचना की। मगर, इस विरोध के बीच कवि और निर्माता श्रीकुमारन थम्पी ने अदूर गोपालकृष्णन के समर्थन में आए हैं। 

विज्ञापन
Trending Videos

निर्माता श्रीकुमारन थम्पी ने लिया अदूर गोपालकृष्णन का पक्ष
केरल सरकार हाशिए पर रहने वाले वर्गों के फिल्म निर्माताओं को फिल्म बनाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये देती है। फिल्म निर्माता अदूर गोपालकृष्णन ने बीते रविवार को एक कार्यक्रम में कहा कि केरल स्टेट फिल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (केएसएफडीसी) की तरफ से दिए जा रहे पैसे से कुछ खास फायदा नहीं हो पा रहा है। अदूर गोपालकृष्णन की इस बात पर जहां जमकर आलोचना हो रही है, वहीं वरिष्ठ मलयालम कवि, गीतकार और फिल्म निर्माता श्रीकुमारन थम्पी ने मंगलवार को उनका जोरदार समर्थन किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

थम्पी बोले- 'गोपालकृष्णन ने क्या गलत कहा'?
गोपालकृष्णन का बचाव करते हुए, थम्पी ने कहा कि वे दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता महान फिल्म निर्माताओं में से एक हैं। साथ ही गोपालकृष्णन की हालिया टिप्पणियों की आलोचनाओं पर भी उन्होंने सवाल उठाया। थम्पी ने , 'उनके बयानों में क्या गलत है? सरकार हाशिए पर पड़े वर्गों के फिल्म निर्माताओं को बढ़ावा देने के लिए 1.5 करोड़ रुपये दे रही है। यह जनता का पैसा है'।

विज्ञापन

'सुझाव देना अनुचित नहीं है'
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की धनराशि वितरित करने से पहले पात्रता का आकलन करने का सुझाव देना अनुचित नहीं है। उन्होंने पूछा, 'हम जनता का पैसा यूं ही नहीं दे सकते। यह कहने में क्या गलत है कि फिल्म निर्माण में जरूरी प्रशिक्षण देने के बाद ही धनराशि प्रदान की जानी चाहिए'? थम्पी ने यह भी स्पष्ट किया कि गोपालकृष्णन ने महिला या दलित फिल्म निर्माताओं का नाम नहीं लिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि सरकारी अनुदान पाने वालों को सिनेमा के बारे में पर्याप्त जानकारी होनी चाहिए। कैमरा कोई खिलौना नहीं है'।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Entertainment news in Hindi related to bollywood, television, hollywood, movie reviews, etc. Stay updated with us for all breaking news from Entertainment and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed