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Hindi News ›   Entertainment ›   EX CEO OF Central Board of Film Certification plea discharge rejected

CBFC Ex CEO: सीबीएफसी के पूर्व सीईओ को राहत नहीं, मामले से बरी किए जाने की याचिका खारिज

Sat, 08 Feb 2025 10:16 AM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति राघव Updated Sat, 08 Feb 2025 10:16 AM IST
सार

Ex CEO Of CBFC: सीबीएफसी के तत्कालीन सीईओ पर करीब 11 साल पहले रिश्वत लेने का आरोप लगा। इस मामले में उन्हें राहत नहीं मिली है। हाल ही में मामले से बरी किए जाने की उनकी याचिका खारिज कर दी गई है।

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EX CEO OF Central Board of Film Certification plea discharge rejected
कोर्ट का आदेश। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) के तत्कालीन सीईओ को करीब एक दशक पहले रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर फिल्मों को जल्दी मंजूरी देने के लिए कथित तौर पर लाखों रुपये रिश्वत लेने का आरोप था। मामला दर्ज होने के 11 साल बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली है। इस मामले से बरी किए जाने की उनकी याचिका खारिज कर दी गई है।

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सीबीएफसी के पूर्व सीईओ के खिलाफ फिल्मों को जल्दी मंजूरी देने के लिए लाखों रुपये और प्रमोशनल फिल्मों और विज्ञापनों के लिए न्यूनतम 10,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। मामल दर्ज किए जाने के करीब 11 साल बाद हाल ही में बॉम्बे की एक विशेष अदालत ने पूर्व सीईओ को मामले से बरी करने की उनकी याचिका खारिज कर दी। न्यायाधीश ने कहा कि राकेश सिंह ने पैसे की मांग की, यह बिल्कुल स्पष्ट था। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से इसे साबित किया जा सकता है।
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विशेष न्यायाधीश एस.एम. मेंजोगे ने कहा, 'वह अपने एजेंटों के माध्यम से राशि एकत्र कर रहे थे, इसलिए आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सामग्री है। इसलिए, उन्हें बरी नहीं किया जा सकता, जैसा कि प्रार्थना की गई थी'। मामले से बरी होने की मांग करते हुए पूर्व सीईओ ने कहा कि उन्हें 18 अगस्त 2014 को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि रिश्वत की कोई मांग, स्वीकृति या वसूली नहीं हुई थी।
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विभागीय जांच में दोषमुक्त किए जाने की दलील
पूर्व सीईओ ने यह भी बताया कि प्रमाणपत्र जारी करने के लिए वह खुद अकेले जिम्मेदार नहीं थे, क्योंकि यह कार्य चयनित स्क्रीनिंग समिति को सौंपा गया था। पूर्व सीईओ ने कहा कि सीबीआई ने रिश्वत की किसी भी कथित मांग को प्रमाणित करने के लिए अभी तक उनकी आवाज का नमूना नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि विभागीय जांच में उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया है।

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