Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Why Sri Reddy strips in public

आखिर क्यों अभिनेत्री श्रीरेड्डी बीच सड़क सबके सामने कपड़े उतारने को हो गई मजबूर

Wed, 11 Apr 2018 01:01 PM IST
बीबीसी, हिंदी
बीबीसी, हिंदी Updated Wed, 11 Apr 2018 01:01 PM IST
विज्ञापन
Why Sri Reddy strips in public
sri reddy
"अपनी लड़ाई में मैं बेसहारा हूं क्योंकि मेरा दर्द किसी को दिखाई नहीं दे रहा जिसकी वजह से मुझे इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा और मैंने सार्वजनिक तौर पर कपड़े उतारे।" ये कहना है तेलुगू फिल्म अभिनेत्री श्रीरेड्डी मल्लिडी का।
विज्ञापन


तेलुगू फिल्म उद्योग में कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ अपना विरोध जताते हुए पिछले हफ्ते हैदराबाद के फिल्म नगर में मूवी आर्टिस्ट एसोसिएशन के आगे श्रीरेड्डी ने अपने कपड़े उतार दिए थे। श्रीरेड्डी का कहना है कि अपनी बात सुनाने के लिए और सरकार से अपनी मांगों पर जवाब लेने के लिए उनके पास यही एक रास्ता बच गया था।
विज्ञापन


वह सवाल उठाती हैं,"जब फिल्मी दुनिया के लोग मुझे मेरी नग्न तस्वीरें और वीडियो भेजने को कहते हैं तो फिर मैं सार्वजनिक तौर पर ही कपड़े क्यों ना उतार दूं।"
विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

क्या सस्ती लोकप्रियता के लिए उठाया कदम?

श्रीरेड्डी ने अपना करियर एक स्थानीय टीवी चैनल में प्रेज़ेंटर के तौर पर शुरू किया था। पांच साल बाद ही वे फिल्मों में काम करने लगीं। उन्होंने कुछ तेलुगू फिल्मों में छोटे-मोटे रोल किए हैं और इस घटना के बाद अचानक सुर्खियों में आ गईं। अभी तक उन्होंने अपने यौन उत्पीड़न का कोई सबूत पेश नहीं किया है और ना ही वह पुलिस में शिकायत दर्ज करना चाहती हैं। 

इससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्होंने ऐसा लोगों का ध्यान खींचने और लोकप्रियता पाने के लिए किया? क्या मीडिया ने उन्हें 'सस्ती लोकप्रियता' पाने के लिए उकसाया है?उन्होंने इन दोनों बातों से इनकार किया।

'हम आपको रोल देंगे, बदले में हमें क्या मिलेगा'

तेलुगू फिल्म उद्योग यानी टॉलीवुड, हिंदी और तमिल फिल्म उद्योग के बाद सबसे बड़ा फिल्म उद्योग है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक़ साल 2015-16 में तेलुगू सिनेमा ने 269 फिल्में बनाईं। 'कास्टिंग काउच' बड़ा मुद्दा है, लेकिन अक्सर इसे छिपा लिया जाता है और फिल्म इंडस्ट्री के लोग इस पर खुलकर बात नहीं करते हैं।

तेलुगू फिल्म अभिनेत्री माधवी लता ने 2017 में बीबीसी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि इंडस्ट्री में यौन उत्पीड़न अभिनेता और अभिनेत्रियों से एक सवाल के ज़रिए शुरू होता है। वो सवाल होता है, "अगर हम आपको फिल्म में रोल देते हैं तो बदले में हमें क्या मिलेगा"?

एक नई गीतकार श्रेष्ठा ने भी चौंकाने वाली बात बताई कि हर बार पुरूषों की तरफ से ही नहीं बल्कि महिलाओं की तरफ से भी इस तरह की खतरनाक मांग होती है। अपने निजी अनुभव को याद करते हुए वो बताती हैं कि एक बार एक प्रोड्यूसर की पत्नी ने उनसे उनके पति की सेक्सुशअल मांग को मानने के लिए कहा था।

हॉलीवुड में भी हार्वी वाइंस्टीन के खिलाफ आरोप सामने आए थे और सबसे पहली बार न्यूयॉर्क टाइम्स के एक लेख से इसके बारे में पता चला था। इसके बाद लगातार कई महिलाएं सामने आईं और वाइंस्टीन के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। हालांकि, वह उन आरोपों को खारिज करते रहे।

श्रीरेड्डी का तरीका गलत या सही?

अब श्रीरेड्डी को मूवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन ने प्रतिबंधित कर दिया है। संगठन के अध्यक्ष शिवाजी राजा ने बीबीसी को बताया कि उन्हें गलत व्यवहार के आधार पर प्रतिबंधित किया गया है। वे पूछते हैं कि श्रीरेड्डी ने पुलिस में शिकायत क्यों नहीं की और वह केवल प्रचार के लिए बिना किसी सबूत के बात कर रही हैं।

तेलुगू फिल्म निर्मात दग्गुबत्ती सुरेश बाबू ने कहा है कि श्रीरेड्डी ने जिस तरह से अपनी असहमति व्यक्ति करने का तरीका अपनाया है इसने भारत की सभी महिलाओं का अपमान किया है।

मूवी आर्टिस्ट एसोसिएशन की सदस्यता की मांग के अलावा श्रीरेड्डी ने कहा कि सरकार को फिल्म स्टूडियो को बंद कर देना चाहिए। उनका आरोप है कि इनमें अवैध गतिविधियां होती हैं और कथित तौर पर उनका बलात्कार भी वहीं हुआ।

श्रीरेड्डी के पूरे प्रकरण पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आई हैं।

महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था महिला चेतना की सचिव कट्टी पद्मा का कहना है, "फिल्म उद्योग में यौन उत्पीड़न मौजूद है। हालांकि, उन्होंने जिस तरह का कदम उठाया उसकी वजह से हम श्रीरेड्डी के साथ खड़े नहीं हो सकते हैं। हालांकि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर अपना समर्थन श्रीरेड्डी को दिया है।

वैजंयती वसंत मोगली एक जानी-मानी ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता हैं जो उनके समर्थन में आईं हैं। अपनी फेसबुक पोस्ट में वे लिखती हैं, "उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में साहस के साथ यौन उत्पीड़न के बारे में बात करके इतिहास रचा है जैसा पहले कभी होते नहीं देखा था। हॉलीवुड के 'मी टू' कैंपेन के बाद यौन उत्पीड़न और हिंसा को लेकर भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के स्टैंड का सबको इंतजार है और उम्मीद है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री भी इससे कोई समझौता नहीं करेगी। ये कहना कि ये तो हर जगह होता है, एक सुरक्षित काम करने की जगह निश्चित करने की ज़िम्मेदारी से भागना है।"

श्रीरेड्डी के विरोध जताने के इस कदम से फिल्म इंडस्ट्री में यौन उत्पीड़न का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed