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चाहे 'रामलीला' हो या पद्मावत, जानिए आखिर क्यों होता है भंसाली की फिल्मों पर बवाल ?

Thu, 25 Jan 2018 08:07 AM IST
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 25 Jan 2018 08:07 AM IST
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Why does Sanjay Leela Bhawasali films have a lot of background
DEEPIKA PADUKONE - फोटो : BBC
भंसाली की आगामी फिल्म 'पद्मावत' का ट्रेलर जारी होने के बाद से ही इस फिल्म पर विवाद शुरू हो गया था। फिल्म की रिलीज से ठीक पहले अहमदाबाद और कानपुर में सिनेमाघरों के बाहर हिंसक विरोध की घटनाएं सामने आई हैं। भंसाली पर आरोप है कि उन्होंने जान-बूझकर ऐसी फिल्म बनाई जिससे एक समुदाय विशेष की भावनाएं भड़कीं।
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हालांकि, विवाद भड़कने के बाद फिल्म का नाम बदलकर 'पद्मावती' से 'पद्मावत' कर दिया गया है। इसके साथ ही फिल्म के कुछ सीन्स भी काटे गए हैं, लेकिन इसके बाद भी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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17वीं शताब्दी के शासक पेशवा बाजीराव द्वितीय पर बनी फिल्म को लेकर भी भंसाली को विवादों का सामना करना पड़ा था। इस फिल्म में भंसाली ने फिल्म के दो किरदारों काशीबाई और मस्तानी के बीच एक गाना पिंगा फिल्माया था। ये कहा गया था कि पेशवाई में शाही महिलाएं इस तरह डांस नहीं करती थीं।
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इंदौर राजघराने ने भी इस फिल्म पर एतराज जताया था। यही नहीं, फिल्म में काशीबाई और मस्तानी यानी प्रियंका और दीपिका पादुकोण कई बार एक ही फ्रेम में नजर आती हैं।

Why does Sanjay Leela Bhawasali films have a lot of background
DEEPIKA PADUKONE - फोटो : BBC
इस पर पेशवा बाजीराव के वंशजों का कहना है कि बाजीराव और मस्तानी की मुलाकात सिर्फ एक बार हुई थी। लेकिन इतने विवादों के बाद भी जब ये फिल्म रिलीज हुई तो फिल्म ने भारी कमाई की।

बाजीराव मस्तानी से पहले भंसाली ने दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के साथ 'रामलीला' फिल्म बनाई थी। इसका नाम आने के बाद से ही फिल्म के नाम को लेकर ऐसा विवाद पैदा हुआ जिससे भंसाली को फिल्म का नाम बदलकर 'गोलियों की रासलीला' रखना पड़ा।

इसके साथ ही इस फिल्म में मुख्य किरदारों के सरनेम 'जडेजा' को राजपूत समुदाय ने विरोध किया जिसके बाद 'सनेडा' और 'राजाडी' सरनेम इस्तेमाल किए गए। 

Why does Sanjay Leela Bhawasali films have a lot of background
फिल्म में इस्तेमाल की गई रवींद्रनाथ टैगोर की कविता 'मोर बनी थनघट करे' के गुजराती अनुवाद को लेकर भी विवाद पैदा हुआ था। इस कविता का अनुवाद गुजराती कवि जवरहंद मघानी ने किया था लेकिन उन्हें क्रेडिट नहीं दिया गया था।

रितिक रोशन और ऐश्वर्या राय की मुख्य भूमिकाओं वाली इस फिल्म गुजारिश को लेकर सलमान खान ने आपत्तिजनक बयान दिया था। इसके अलावा फिल्म के निर्माताओं पर कहानी चोरी करने का आरोप लगाया गया था। 

Why does Sanjay Leela Bhawasali films have a lot of background
भंसाली के फिल्मी करियर की सबसे खास फिल्मों में से एक फिल्म देवदास के एक गाने 'डोला रे डोला रे...' को लेकर विवाद पैदा हुआ था। क्योंकि 'देवदास' पर असली उपन्यास में पारो और चंद्रमुखी की मुलाकात नहीं है। लेकिन फिल्म में माधुरी दीक्षित और ऐश्वर्या राय ने एक साथ 'डोला रे डोला...' गाने पर डांस किया है।

भंसाली पर जानबूझकर ऐसे विषय चुनने का आरोप लगाया जाता है जिसकी वजह से विवाद पैदा हो। लेकिन इन विवादों के बाद भी उनकी गिनती दुनिया के उन निर्देशकों में की जाती है जो अपनी खास सिनेमेटोग्राफी के लिए चर्चित हैं।

उनकी फिल्मों में किसी एक्टर या एक्ट्रेस की जगह उनका कैमरावर्क फिल्म का असली हीरो होता है जिसके दम पर उनकी फिल्म करोड़ों का कारोबार करती है। भंसाली का कैमरा भारत के राजघरानों के उस वैभवशाली इतिहास को 70 एमएम के पर्दे पर जिंदा करता है जिसका जिक्र किताबों में हुआ करता है।
 
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