फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   when villen have big role in film

फिल्मों में कब-कब नायक पर भारी पड़े विलेन

Sat, 12 Jul 2014 08:13 AM IST
Updated Sat, 12 Jul 2014 08:13 AM IST
विज्ञापन
when villen have big role in film
हाल ही में आई फिल्म ‘एक विलेन’ में ध्यान हीरो हीरोइन से ज़्यादा साइको विलेन ने खींचा। रितेश देशमुख ने ये रोल किया है.
विज्ञापन


पुराने ज़माने में विलेन बड़ी-बड़ी मूंछों के साथ ज़्यादातर गंजे हुआ करते थे. फिर दौर आया एंटी हीरो का, जो व्यवस्था के ख़िलाफ़ लड़ता था. अब ज़माना साइको-किलर्स का है।

फ़िल्म 'डर' में शाहरुख़ खान का साइको-लवर का किरदार, परिंदा में नाना पाटेकर या दुश्मन में गोकुल पंडित बने आशुतोष राणा, ये सभी किरदार साइको थे और ये खूब चले।
विज्ञापन


'एक विलेन' में साइको विलेन की भूमिका निभाने वाले रितेश देशमुख कहते हैं "इस फिल्म में साइको विलेन में एक मानवीय पहलू था, जो असल ज़िन्दगी में हम बर्दाश्त नहीं कर सकते पर परदे पर पसंद आ जाता है।’’
विज्ञापन
विज्ञापन



शाहरूख का रोल रहा है यादगार

when villen have big role in film

‘दुश्मन’ और ‘संघर्ष’ में साइको विलेन बने आशुतोष राणा कहते हैं ‘‘अगर ऐसे किरदारों को खूबसूरती से लिखा गया हो तो कोई साधारण अभिनेता इस रोल को अच्छा निभा सकता है, लेकिन जब ऐसा रोल किसी अच्छे अभिनेता को मिलता है तो वो किरदार अमर हो जाता है।"

फ़िल्म विशेषज्ञ मयंक शेखर का कहना है कि "अगर किरदार साइको विलेन का है तो उसे निभाना मुश्किल नहीं. उसका चरित्र चित्रण काफ़ी आसान होता है पर अगर उसी किरदार की ज़िन्दगी की कहानी पर जाएंगे तब कुछ पेचीदा हो सकता है।"

मयंक शेखर कहते हैं कि पहले अगर कोई हीरो विलेन का किरदार निभाता था तो उसका करियर लगभग ख़त्म माना जाता था।

शेखर के हिसाब से शाहरुख़ खान ने 'डर' में एक बहुत बड़ा रिस्क लिया था, लेकिन अब इन किरदारों में कोई रिस्क नहीं है.

शेखर कहते हैं, ''अब अगर कोई अभिनेता अपनी इमेज से अलग ऐसा किरदार निभाता है तो दर्शक उसे ज़्यादा पसंद करते हैं."

कई और किस्से भी

when villen have big role in film

इन किरदारों का आम लोगों पर नकारात्मक असर पड़ता है या नहीं, ये बहस का मुद्दा है। मुंबई के मनोचिकित्सक हरीश शेट्टी की राय है कि ‘‘हर आदमी में एक साइको होता है पर ये काफ़ी दबा होता है.''

शेट्टी आगे कहते हैं ''जब आप ऐसे किरदार बड़े पर्दे पर देखते हैं तो आपके दिल की धड़कनें बढ़ जाती हैं, आप डर जाते हैं और सोचते हैं कि ये किरदार क्या करेगा? ऐसे किरदारों में हम एंटरटेनमेंट पाते है. हमने स्वीकारा है मनुष्य के व्यक्तित्व के कई रंग होते हैं.''

शेट्टी ने ऐसे कई मामले देखे हैं जहाँ लोगों ने फ़िल्में या ख़बरें देख कर जुर्म करते हैं। लेकिन कोई भी दावे से ऐसा नहीं कह सकता कि निगेटिव किरदार लोगों पर गलत ही प्रभाव डालते हैं.

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed