किस्सा: जब मौत को करीब से देख इंडस्ट्री छोड़ना चाहते थे संजय मिश्रा, सड़क किनारे ढाबे पर करने लगे थे काम
हाल ही में अभिनेता ने एक इंटरव्यू में बताया कि एक दौर ऐसा भी था, जब उन्होंने बॉलीवुड छोड़ने का मन बना लिया था।
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बॉलीवुड के चर्चित और जाने- माने और अभिनेता संजय मिश्रा अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में अभिनेता ने एक इंटरव्यू में बताया कि एक दौर ऐसा भी था, जब उन्होंने बॉलीवुड छोड़ने का मन बना लिया था। अभिनेता ने हाल ही में हुए एक वीडियो इंटरव्यू में इस बारे में खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मौत को काफी नजदीक से देखने के बाद वे इस तरह टूट गए थे कि सब छोड़ कर गंगोत्री में सड़क किनारे मौजूद एक ढाबे पर ऑमलेट और मैगी बेचने लगे थे।
संजय ने बताया है कि आज से कुछ साल पहले वह काफी बीमार रहने लगे थे। जिसके बाद जांच में यह पता चला कि उन्हें पेट में इन्फेक्शन है। संजय ने आगे कहा कि, ‘वह बिल्कुल डेथबेड पर थे, कुछ दिन पिता के साथ रहे, लेकिन अचानक वे चल बसे। उनका जाना उन्हें बिल्कुल ही तोड़ गया।’
अभिनेता ने बताया कि पिता का अंतिम संस्कार करने के बाद वह मां से बोलकर कहीं चले गए, हालांकि, वह मुंबई बिलकुल भी नहीं लौटना चाहते थे। एक्टर कहते हैं कि मौत को इतने करीब से देखने के बाद मैने सोचा था कि, ‘जब यही जिन्दगी है तो क्यों ना ऊपर वाले की चीजों को देखा जाए, जिस दुनिया में उसने भेजा, मैं अच्छे से देखता हूं पहाड़ों में कहीं कुछ।’
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन सब के बाद संजय गंगोत्री में सड़क किनारे एक बूढ़े आदमी के ढाबे पर काम करने लगे थे। कहा जाता है कि यहां काम करने के दौरान कुछ दिन बाद ही लोगों ने उन्हें पहचानना शुरू कर दिया था। इसके बाद संजय मिश्रा को रोहित शेट्टी ने फिल्म ऑल द बेस्ट ऑफर की, जिसके बाद उन्होंने फिल्मों में वापसी की थी।