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कसाब को फांसी दिलाने वाले मशहूर वकील पर बनेगी बायोपिक, 628 अपराधियों को उम्रकैद और 37 को दिलाई फांसी

Fri, 07 Feb 2020 07:05 PM IST
प्रतीक्षा राणावत अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: प्रतीक्षा राणावत Updated Fri, 07 Feb 2020 07:05 PM IST
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Umesh Shukla next biopic on public prosecutor Ujjwal Nikam
उमेश शुक्ला - फोटो : सोशल मीडिया

ओह माय गॉड' और '102 नॉट आउट' जैसी फिल्मों से वाह-वाही लूट चुके निर्देशक उमेश शुक्ला भारत के विशेष सरकारी वकील उज्जवल निकम की जीवन पर फिल्म बनाने जा रहे हैं। इस बायोपिक का नाम 'निकम' रखा गया है। यह फिल्म भारत के अब तक के सबसे आकर्षित, विवादास्पद और कठिन मामलों का दारोमदार उठाने वाले व्यक्ति की कहानी बयां करेगी। फिल्म राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता लेखक भावेश मंडालिया और गौरव शुक्ला द्वारा लिखी जाएगी। वहीं उमेश शुक्ला, सेजल शाह, आशिष वाघ, गौरव शुक्ला और भावेश मंडलिया इसे प्रोड्यूस करेंगे।  

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अपने जीवन पर फिल्म बनने के बारे में उज्जवल निकम ने कहा, 'मुझ पर किताब लिखने या फिल्म बानने के लिए सालों से पीछा किया जाता रहा है। इसके प्रति मैं अनिच्छुक था क्योंकि मुझपर अपने पीड़ितों के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी है। लेकिन मैं इस प्रतिभाशाली टीम के साथ जुड़ने के लिए राजी हो गया हूं। मुझे इन पर भरोसा है कि वे हमारी लड़ी कहानियों के साथ न्याय करते हुए अच्छे से फिल्माएंगे जो हमें प्रेरित करेगी।' वहीं उमेश शुक्ला ने कहा,  'हम ऐसे रोमांचित व्यक्ति के जीवन पर फिल्म बनाने को लेकर काफी उत्साहित हैं। सभी हीरो टोपी नहीं पहनते हैं, कुछ काले कोट भी पहनते हैं और निकम एक सच्चे हीरो हैं। वह एक भारतीय एवेंजर (सुपरहीरो) हैं जिसे बदले पर नहीं बल्कि न्याय पर विश्वास है।'
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उज्जवल निकम को आंतकवाद संबंधी मामलों का मास्टर माना जाता है। उनके बारे में यह कहा जाता है कि वह जिस केस को अपने हाथ में ले लें उसमें गुनहगार सजा से बच नहीं पाता है।  उज्जवल चर्चा में तब आए जब उन्हें 26/11 हमले में पकड़े गए एकमात्र जिंदा आतंकी कसाब का केस उन्हें सौंपा गया। इसके अलावा उन्होंने 1993 के बॉम्बे बम धमाकों, गुलशन कुमार हत्याकांड, प्रमोद महाजन हत्या मामलों के संदिग्धों के खिलाफ मुकदमा चलाने में मदद की। उज्जवल ने अपने करीब 30 सालों के करियर में 628 मुल्जिमों को उम्रकैद और 37 को फांसी की सजा दिलाई है। कहा जाता है कि कई बार उन्हें अंडरवर्ल्ड और आतंकी संगठनों से धमकी भी मिल चुकी है। जिसके चलते केन्द्र सरकार ने उन्हें जेड प्लस सुरक्षा भी दी। ऐसी सुरक्षा प्राप्त करने वाले वह देश के इकलौते वकील रहे हैं।  जल्द ही उनकी बायोपिक की शूटिंग शुरू होगी। 

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