{"_id":"98587378-32cb-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"tusshar-survive-film-industry-due-to-his-filmy-background","type":"story","status":"publish","title_hn":"काबलियत नहीं बैकग्राउंड के भरोसे फिल्मों में टिके तुषार ","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
काबलियत नहीं बैकग्राउंड के भरोसे फिल्मों में टिके तुषार
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 20 Nov 2012 10:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तुषार कपूर का करियर शुरू तो भव्य अंदाज में हुआ पर वह इस भव्यता को बना न रख पाए। 2001 में उन्होंने करीना कपूर के साथ 'मुझे कुछ कहना है' फिल्म से अपनी फिल्मी शुरुआत की। फिल्म ठीक-ठाक चली और तुषार को इस फिल्म के लिए बेस्ट मेल डेब्यूट एक्टर का अवॉर्ड भी मिला।
इस अच्छी ओपनिंग को तुषार बरकरार न रख पाए। तुषार की गाड़ी चलने के बाद डगमगा गई। आने वाले सालों में तुषार को सोलो हीरो के रूप में कुछ फिल्में मिलीं। 'क्या दिल ने कहा', 'जीना सिर्फ मेरे लिए', 'कुछ तो है', 'ये दिल', 'शर्त' और 'गायब' जैसी फिल्में औसत कारोबार ही कर सकीं।
फिल्मकारों को समझ आ गया कि तुषार अकेले किसी फिल्म को खींच नहीं पाएंगे। 2005 के बाद तुषार मल्टीस्टारर फिल्मों में ही नजर आए। तुषार का ज्यादातर जोर कॉमेडी फिल्मों में रहा। 'शोर इन द सिटी' और 'डर्टी पिक्चर' में उन्होंने कुछ अलग हटकर करने का प्रयास जरूर किया। तुषार के बारे में आलोचक यहां तक कहते हैं कि यदि वह फिल्मी बैकग्राउंड से न होते तो उनका करियर कब का खत्म हो चुका होता।
विज्ञापन
एक ही तरह की कॉमेडी
तुषार कपूर खुद को लगातार दोहराते गए। रोहित शेट्टी की गोलमाल सीरिज में वह लगातार गूंगे की भूमिका में ही दिखे। इसके अलावा उन्होंने जो भी फिल्में की अभिनय का उनका अंदाज एक सा ही रहा। 'वन टू थ्री', 'ढोल', 'गुड ब्वाय बैड ब्वाय' और 'सी कंपनी' जैसी फिल्मों के न चलने की वजह भी आलोचकों ने तुषार कपूर को माना।
तुषार कपूर के फिल्मी करियर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसी भी नायिका ने तुषार के अपोजिट फिल्म करने से मना कर दिया। तुषार के अपोजिट फिल्मों में या तो नई अभिनेत्रियां मिलती या फ्लाप। खुद तुषार यह मानते हैं कि उनमें सुपरस्टार बनने का मटैरियल नहीं था लेकिन वह अपने करियर की प्रगति से खुश हैं।
बहन बनती रही संकट मोचक
तुषार कपूर की बहन एकता कपूर हमेशा ही तुषार कपूर की संकट मोचक बनती रहीं। जब कोई फिल्मकार तुषार को अपनी फिल्मों में न लेता तो वह तुषार को लेकर कोई नयी फिल्म शुरू कर देतीं। दर्शकों के बीच तुषार की स्वीकार्यता को समझते हुए एकता ने कभी भी तुषार को अपनी फिल्मों में सोलो हीरो के रूप में कास्ट नहीं किया।
कॉमेडी फिल्म 'सी कंपनी' में तुषार की भूमिका अनुपम खेर और राजपाल यादव जितनी ही थी। एकता की फिल्म 'शोर इन द सिटी' में तुषार नायक के रूप में थे जरूर पर फिल्म का असली हीरो उसकी पटकथा थी। यह फिल्म औसत रही और समीक्षकों द्वारा सराही गई। 'डर्टी पिक्चर' सफल रही पर उसका पूरा क्रेडिट विद्या बालन ले गईं।
गलत फिल्मों का चुनाव
फिल्मी पंडित मानते हैं कि तुषार कपूर ने फिल्मों का सही चुनाव नहीं किया। उन्होंने वह भूमिका चुनी जिसके खांचे पर वह फिट बैठते ही नहीं थे। 'कुछ तो है', 'खाकी', 'लाइफ पार्टनर', 'लव यू मिस्टर कलाकार', 'हम तुम शबाना' और 'डर्टी पिक्चर' में निभाई गई उनकी भूमिका उन पर फिट नहीं बैठी। इसके अलावा तुषार की संवाद अदायगी के तरीके पर भी फिल्म आलोचक प्रश्न उठाते रहे हैं।
अभी तक कुंवारे हैं तुषार
20 नवंबर, 1976 को मुंबई में जन्में तुषार कपूर अपने समय के सुपरस्टार जितेंद्र के बेटे हैं। तुषार कपूर की बहन छोटे पर्दे की मशहूर शख्सियत एकता कपूर हैं। तुषार की पढ़ाई अमेरिका के मशहूर यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन (University of Michigan) से हुई है और उन्होंने स्टेफन एम रॉज कॉलेज से बीबीए की डिग्री भी ली है। उनकी शिक्षा बेहतरीन कॉलेजों से हुई। 35 साल के तुषार कपूर अभी तक सिंगल हैं।
विज्ञापन
इस अच्छी ओपनिंग को तुषार बरकरार न रख पाए। तुषार की गाड़ी चलने के बाद डगमगा गई। आने वाले सालों में तुषार को सोलो हीरो के रूप में कुछ फिल्में मिलीं। 'क्या दिल ने कहा', 'जीना सिर्फ मेरे लिए', 'कुछ तो है', 'ये दिल', 'शर्त' और 'गायब' जैसी फिल्में औसत कारोबार ही कर सकीं।
विज्ञापन
फिल्मकारों को समझ आ गया कि तुषार अकेले किसी फिल्म को खींच नहीं पाएंगे। 2005 के बाद तुषार मल्टीस्टारर फिल्मों में ही नजर आए। तुषार का ज्यादातर जोर कॉमेडी फिल्मों में रहा। 'शोर इन द सिटी' और 'डर्टी पिक्चर' में उन्होंने कुछ अलग हटकर करने का प्रयास जरूर किया। तुषार के बारे में आलोचक यहां तक कहते हैं कि यदि वह फिल्मी बैकग्राउंड से न होते तो उनका करियर कब का खत्म हो चुका होता।
विज्ञापन
एक ही तरह की कॉमेडी
तुषार कपूर खुद को लगातार दोहराते गए। रोहित शेट्टी की गोलमाल सीरिज में वह लगातार गूंगे की भूमिका में ही दिखे। इसके अलावा उन्होंने जो भी फिल्में की अभिनय का उनका अंदाज एक सा ही रहा। 'वन टू थ्री', 'ढोल', 'गुड ब्वाय बैड ब्वाय' और 'सी कंपनी' जैसी फिल्मों के न चलने की वजह भी आलोचकों ने तुषार कपूर को माना।
तुषार कपूर के फिल्मी करियर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसी भी नायिका ने तुषार के अपोजिट फिल्म करने से मना कर दिया। तुषार के अपोजिट फिल्मों में या तो नई अभिनेत्रियां मिलती या फ्लाप। खुद तुषार यह मानते हैं कि उनमें सुपरस्टार बनने का मटैरियल नहीं था लेकिन वह अपने करियर की प्रगति से खुश हैं।
बहन बनती रही संकट मोचक
तुषार कपूर की बहन एकता कपूर हमेशा ही तुषार कपूर की संकट मोचक बनती रहीं। जब कोई फिल्मकार तुषार को अपनी फिल्मों में न लेता तो वह तुषार को लेकर कोई नयी फिल्म शुरू कर देतीं। दर्शकों के बीच तुषार की स्वीकार्यता को समझते हुए एकता ने कभी भी तुषार को अपनी फिल्मों में सोलो हीरो के रूप में कास्ट नहीं किया।
कॉमेडी फिल्म 'सी कंपनी' में तुषार की भूमिका अनुपम खेर और राजपाल यादव जितनी ही थी। एकता की फिल्म 'शोर इन द सिटी' में तुषार नायक के रूप में थे जरूर पर फिल्म का असली हीरो उसकी पटकथा थी। यह फिल्म औसत रही और समीक्षकों द्वारा सराही गई। 'डर्टी पिक्चर' सफल रही पर उसका पूरा क्रेडिट विद्या बालन ले गईं।
गलत फिल्मों का चुनाव
फिल्मी पंडित मानते हैं कि तुषार कपूर ने फिल्मों का सही चुनाव नहीं किया। उन्होंने वह भूमिका चुनी जिसके खांचे पर वह फिट बैठते ही नहीं थे। 'कुछ तो है', 'खाकी', 'लाइफ पार्टनर', 'लव यू मिस्टर कलाकार', 'हम तुम शबाना' और 'डर्टी पिक्चर' में निभाई गई उनकी भूमिका उन पर फिट नहीं बैठी। इसके अलावा तुषार की संवाद अदायगी के तरीके पर भी फिल्म आलोचक प्रश्न उठाते रहे हैं।
अभी तक कुंवारे हैं तुषार
20 नवंबर, 1976 को मुंबई में जन्में तुषार कपूर अपने समय के सुपरस्टार जितेंद्र के बेटे हैं। तुषार कपूर की बहन छोटे पर्दे की मशहूर शख्सियत एकता कपूर हैं। तुषार की पढ़ाई अमेरिका के मशहूर यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन (University of Michigan) से हुई है और उन्होंने स्टेफन एम रॉज कॉलेज से बीबीए की डिग्री भी ली है। उनकी शिक्षा बेहतरीन कॉलेजों से हुई। 35 साल के तुषार कपूर अभी तक सिंगल हैं।