साल 2014 में कमाई में घटिया साबित हुईं ये 10 फिल्में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
2014 में लगभग 150 से ज्यादा फिल्में रिलीज हुई और कई फिल्मों ने कमाई के रिकार्ड भी तोड़े, पर कई फिल्में ऐसी भी रहीं जिन्होंने बाक्स ऑफिस पर दम तोड़ दिया। ऐसे तो इन फिल्मों से जुड़े विषयों पर कई फिल्में बनी हैं और हिट भी रही। पर ये दस सबसे घटिया फिल्में, बॉक्स ऑफिस्ा पर कोई कमाल नहीं दिखा सकीं।
इन में फिल्म मिस लवली का भी नाम है। इसमें नवाजुद्दीन ने काम किया है। फिल्म आलोचकों ने इसे सराहा भी पर फिल्म औंधे मुंह गिर गई। वहीं गैंग ऑफ वॉसेपुर की तर्ज पर बनी कोयलांचल भी ऐसी ही फिल्म है जिसे दर्शकों ने न देखकर अपना पैसा बचाया है। अभय देओल की फिल्म 'वन बाई टू' का भी हाल बेहद बूरा रहा।
साल की सबसे बड़ी फ्लॉप
'क्या दिल्ली क्या लाहौर' 2014 की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्म थी। फिल्म के पहले हफ्ते की कमाई मात्र 50 लाख रही। जोकि इस साल रिलीज हुई फिल्मों के ओपनिंग वीक की सबसे कम कमाई थी।
वैसे तो फिल्म भारत-पाकिस्तान के बंटवारे पर आधारित थी। जो 1948 पाकिस्तानी हमले को लाहौर और दिल्ली से जोड़ती है। ऐसी कहानी बड़े पर्दे पर दर्शक पसंद करते रहें हैं पर इस फिल्म को दर्शकों ने कोई भाव नहीं दिया। फिल्म बनने के बाद डब्बाबंद हो गई थी, जिसे गुलजार ने अपने पैसे से रिलीज किया। फिल्म में गुलजार के लिखे गीत भी हैं।
फ्लॉप के दूसरे पायदान पर रही मिस लवली
मिस लवली को फिल्म समीक्षक ने अच्छे नम्बर दिए, पर फिल्म बॉक्स ऑफिस्ा पर औंधे मुंह गिर गई। फिल्म में मुख्य भूमिका में नवाजुद्दीन सिद्दकी और निहारिका सिंह हैं।
फिल्म में बॉलीवुड के चमक दमक के बीच सी ग्रेड पोर्न फिल्में के बाजार और इसके बनने की कहानी को पर्दे पर उतारा गया है। फिल्म की प़ृष्ठभूमि दो दशक पहले की है। जब पोर्न फिल्में सिनेमा हॉल में लगती थी। फिल्म के पहले हफ्ते की कमाई मात्र 70 लाख रुपए रही। फिल्म में नवाजुद्दीन का काम काबिले तारीफ है। वहीं प्लॉट के रूप में भी फिल्म मजबूत है, पर दर्शकों के नजरिए पर खरी नहीं उतर सकी।
सुपर फ्लॉप के तीसरे नम्बर पर दो फिल्में एक साथ
पुरानी जींस फिल्म में बॉलीवुड फिल्मों की घिसीपिटी लव स्टोरी रिपीट हुई है। फिल्म में कॉलेज स्टोरी के साथ्ा लव ट्रेंगल भी झोंक दिया गया है। पर फिल्म के डायरेक्टर से लेकर कॉस्ट तक नए हैं, जो दर्शकों का मिजाज बिल्कुल भी समझ नहीं पाए हैं।
बॉक्स्ा ऑफिस्ा पर कमाई के मामले में तीसरे पायदान पर 'करले प्यार करले' भी 'पुरानी जींस' के साथ ही खड़ी है। यह एक फूल रोमांटिक फिल्म है। वहीं फिल्म में एक्शन का छौंका भी लगाया गया है। पर सबकुछ फेल।
फिल्म जाने माने डायरेक्टर सुनील दर्शन के बेटे शिव दर्शन की डेब्यू फिल्म भी है। जिन्होंने राजा हिन्दुस्तानी और जानवर जैसी फिल्में बनाई हैं। बॉक्स्ा ऑफिस्ा पर दोनों ही फिल्मों के पहले हफ्ते की कमाई मात्र एक-एक करोड़ रही।
भ्रष्टाचार के नाम पर मंजुनाथ ने दर्शकों को ठगा
फिल्म यूपी के तेल माफिया और सरकारी मशीनरी की मिली भगत को एक खास एंगल से उठाती है। मंजुनाथ इंडियन ऑयल में काम करता है और माफियाओं के खिलाफ खड़ा होता है। फिल्म में पेट्रोल-डीजल के तस्करी को भ्रष्टाचार से जोड़ने की असफल कोशिश है।
फिल्म की टैग लाइन 'गांधी ने तो गोली खाई थी, क्या तू खाएगा गोली?' भी ऐसी ही एक कोशिश लगती है। फिल्म की पटकथा में काफी झोल है। फिल्म के ओपनिंग वीक की कमाई 1.75 करोड़ रही। फिल्म पकाउ फिल्मों की लिस्ट में चौथे नम्बर पर है।
दर्शकों को नहीं बना सकी बकरा
'ये है बकरापुर' फिल्म में अंधविश्वास और धार्मिक माहौल को प्लॉट के रूप में चुना गया है। फिल्म एक छोटे से मुस्लिम कस्बे से शुरू होती है। जहां एक बच्चा त्योहार के लिए आए बकरे से दोस्ती कर बैठता है।
बकरे के कटने का दिन नजदीक आ रहा होता है कि अचानक एक दिन बकरा आदमी की तरह बोलने और बातचीत करने लगता है। इसी के जरिए फिल्म में धार्मिक अंधविश्वास को निशाने पर लिया गया है। वहीं हिन्दु-मुस्लिम राजनीति पर भी व्यंग किया गया है। फिल्म के पहले हफ्ते का व्यवसाय मात्र दो करोड़ रुपये का रहा। यह फ्लॉप फिल्मों के टॉप टेन में पांचवे नम्बर पर है।
सम्राट एंड कम्पनी बॉक्स ऑफिस पर हुई फेल
फिल्म में बे-सिर पैर की जासूसी कहानी गढ़ने की कोशिश की गई है। जो कि दर्शकों को बांधने के बजाए उब पैदा करती है। फिल्म में एक पैसे वाली लड़की डिम्पी सिंह सम्राट एंड कम्पनी को इनवेस्टीगेशन के लिए हायर करती है। यहीं से शुरू होती है फिल्म की फ्लॉप कहानी। फिल्म कहीं से भी थ्रिल नहीं पैदा करती। साल की घटिया फिल्मों में यह छठवें नम्बर पर है।
बाक्स ऑफिस पर कोयलांचल का रंग हुआ काला
बॉलीवुड ने गैंग ऑफ वासेपुर से जो ट्रेंड चलाया उसे कई फिल्मों ने भुनाने की कोशिश की, पर कामयाब कोई नहीं हो सका। कोयलांचल भी ऐसी ही फिल्म है जिसकी मुख्य भूमिका में विनोद खन्ना और सुनिल शेट्टी जैसे बड़े नाम थे, पर फिल्म बुरी तरह फ्लॉप रही। फिल्म कोयला माफिया सुर्यभान सिंह के इर्द-गिर्द बुनी गई है। वहीं परदे पर सुनील शेट्टी को दर्शकों ने नकार दिया।
फिल्म के पहले हफ्ते की कमाई दो करोड़ रुपये रही जोकि फिल्म के कॉस्ट के हिसाब से बेहद कम है। साल्ा की फ्लॉप्ा फिल्म की लिस्ट में कोयलांचल सातवें नम्बर पर है।
नहीं पहुंचे बॉक्स्ा ऑफिस पर लेकर हम दीवाना दिल
फिल्म में दो कॉलेज फ्रेंड की कहानी है जो कॉलेज बंक कर मस्ती और घुमक्कड़ी करते हैं। जो बाद में प्यार में बदल जाता है। लेकिन करिश्मा की फैमली यह सब मानने से इंकार कर देती है। फिल्म में कई सीन जब वी मैट और हाइवे जैसी हिट फिल्मों की कॉपी-पेस्ट लगती है। साल की बकवास फिल्मों की लिस्ट में यह आठवें नम्बर पर है।
बॉक्स ऑफिस्ा पर आधी ही रही वन बाई टू
फिल्म के स्क्रीन प्ले और डॉयलॉग दर्शकों में कोई जिज्ञासा नहीं जगाते। फिल्म के बैकग्राउंड में दोनों कैरेक्टर के फैमली से जुड़ी कहानी भी चलती जो एलीट फैमली की समान्य दिक्कतों की कहानी बया करती है। जहां पिता ज्यादा शराब पीते हैं तो ममा देर रात पार्टियों से आती हैं।
फिल्म के पहले हफ्ते की कमाई 2.50 करोड़ रुपये रही। जो कि फिल्म के स्टार कास्ट को देखते हुए नाकाफी है।