दिल में ये चाहत लिए जवानी में मर गई हीरोइन, खुला गहरा राज
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पहलाज निहलानी के सेंसर बोर्ड अध्यक्ष बनने के बाद से ही इस संस्था के कामकाज पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब एक और मामला अब सामने आया है। पिछले दिनों विदेश में लीपोसक्शन ऑपरेशन बिगड़ जाने कारण प्राण गंवाने वाली अभिनेत्री आरती अग्रवाल की आखिरी तमन्ना उनके मन में ही रह गईं। वह अपनी हिंदी-तेलुगु फिल्म 'ऑपरेशन ग्रीन हंट' को रिलीज होते देखना चाहती थीं।
निर्माता नूर अब्दुल रहमान की मानें तो सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म के प्रमाणपत्र को लटकाए जाने की वजह से आरती अपनी इस हिंदी फिल्म की रिलीज नहीं देख सकीं। वैसे दो भाषाओं में बनी फिल्म के हिंदी संस्करण को प्रमाणपत्र दे दिया गया है, लेकिन तेलुगु संस्करण के लिए निर्माताओं द्वारा महीनों से कोशिश जारी है।
फिल्म को तमिल और मलयालम में भी डब किया जाएगा। निर्माता ने फिल्म को एक साथ चार भाषाओं में रिलीज करने की योजना बनाई है। फिल्म को साउथ के जाने-माने निर्देशक भरत परेपली ने निर्देशित किया है। रहमान का कहना है, ‘सेंसर ने फिल्म का हिंदी सेंसर सर्टिफिकेट फरवरी में दे दिया था।
रहमान का कहना है कि 'तेलुगु और डब वर्जन का अभी तक सेंसर नहीं दिया है। मैं सेंसर ऑफिस के चक्कर ही लगा रहा हूं और कभी कोई रीजनल अफसर नहीं मिलता। पहलाज निहलानी भी इस मामले में कुछ नहीं कर रहे।’
बॉलीवुड में वापसी की चाह बनी अभिनेत्री की मौत की वजह!
अमेरिका में जन्मी-पली-बढ़ी आरती ने वर्ष 2000 में फिल्म 'पागलपन' से बॉलीवुड में करियर शुरू किया था मगर फिर साउथ जाकर तेलुगु फिल्मों की हीरोइन बन गई थी, जहां वह काफी कामयाब रहीं। परंतु पिछले कुछ वर्षों से वह बॉलीवुड में वापसी की योजना बना रही थीं
बॉलीवुड में वापसी के लिए ही वो अपना वजन कम करना चाहती थीं। इस बीच उन्होंने हिंदी और तेलुगु में एक साथ बन रही 'ऑपरेशन ग्रीन हंट' पूरी कर ली थी। लेकिन वजन कम करने के लिए कराया गया ये ऑपरेशन आरती की मौत की वजह बन गया।
फिल्म 'ऑपरेशन ग्रीन हंट' में आरती अग्रवाल के साथ मुकुल देव, आदित्य ओम और सुप्रीत रेड्डी जैसे अभिनेता हैं।