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Lata Mangeshkar: शर्मिला टैगोर ने सुर कोकिला लता मंगेशकर को ऐसे किया याद, बोलीं- मुझे अफसोस है...

Sun, 06 Feb 2022 07:16 PM IST
ललित फुलारा एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला Published by: ललित फुलारा Updated Sun, 06 Feb 2022 07:16 PM IST
सार

सुर कोकिला लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार हो गया है। मुंबई के शिवाजी पार्क में लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ हुआ जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, शरद पवार, सचिन तेंदुलकर, जावेद अख्तर, रणबीर कपूर, अजीत पवार और शाहरुख खान सहित राजनीति एवं फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर हस्तियां शामिल हुईं।

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Sharmila regrets not receiving Lata Mangeshkar Award in 2020 from singer
लता मंगेशकर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुर कोकिला लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार हो गया है। मुंबई के शिवाजी पार्क में लता मंगेशकर का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ हुआ जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, शरद पवार, सचिन तेंदुलकर, जावेद अख्तर, रणबीर कपूर, अजीत पवार और शाहरुख खान सहित राजनीति एवं फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर हस्तियां शामिल हुईं। लता मंगेशकर ने रविवार सुबह मुंबई के ब्रीज कैंडी अस्पताल में आखिरी सांस ली थी। उनके निधन पर देशभर में शोक की लहर है और करोड़ों भारतीय लता मंगेशकर के गानों को गुनगुना कर उनको अपनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। लता मंगेशकर के अवसान पर फिल्म अभिनेत्री शर्मिला टैगोर का कहना है कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि वह अब लता मंगेशकर के हाथों से लता मंगेशकर अवॉर्ड नहीं ले पाएंगी।

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उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्हें 'भारी अफसोस' है कि वह दिवंगत गायिका से सम्मान प्राप्त नहीं कर पाएंगी। शर्मिला टैगोर ने कहा, "मुझे 2020 में लता मंगेशकर अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेट किया गया था, जो कोविड-19 के कारण स्थगित हो गया था। लताजी ने मुझे 2021 में फिर से कॉल किया। उस वक्त मैं कोरोना के दूसरे लहर की वजह से डर गई थी। मैंने उनसे यह पुरस्कार इस साल देने का अनुरोध किया था। यह बहुत बड़ा अफसोस है कि मैं उससे इसे प्राप्त नहीं कर पाऊंगा। यह ऐसा अद्भुत क्षण होता, जिसे अब मैंने अस्वीकार कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह आखिरी बार था जब मैंने उनसे बात की थी।
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शर्मिला टैगोर ने अपने बचपन और लता मंगेशकर के गानों को सुनने की याद भी साझा की। उन्होंने कहा,  "मैं छोटी थी जब फिल्म महल देखने के लिए गई थी और केवल एक चीज जो मुझे याद है वह गीत आएगा आने वाला... झूले पर मधुबाला के साथ। इसके बाद मैंने मुगल-ए-आजम देखी। शर्मिला ने कहा कि लता जी की आवाज स्वाभाविक थी और उन्होंने दशकों तक गाने गाये। उनकी आवाज ईश्वर प्रदत्त थी। मैंने उन्हें गाते देखा है; उन दिनों लोग एक ऑर्केस्ट्रा के साथ रिकॉर्ड करते थे, और उनकी आवाज अनिवार्य रूप से फर्स्ट-टेक ओके थी। उन्होंने कई भाषाओं में सही उच्चारण के साथ गाया। उनकी आवाज अतुलनीय है और अमर रहेगी।

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