Shahrukh Khan: केकेआर में बांग्लादेशी खिलाड़ी की एंट्री पर घिरे शाहरुख, राजनीतिक-धार्मिक हस्तियों ने बोला हमला
Shah Rukh Khan Controversy: बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान अब बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर को केकेआर में लेने के बाद चारों तरफ से घिर गए हैं। राजनीतिक से लेकर धार्मिक हस्तियां इस मामले पर अपनी राय दे रही हैं।
विस्तार
क्या है मामले की जड़?
विवाद की जड़ में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रही हिंसा की घटनाएं हैं। हाल के महीनों में बांग्लादेश से आई खबरों ने भारत में चिंता बढ़ाई है। इन्हीं घटनाओं का हवाला देते हुए बीजेपी और शिवसेना के कई नेताओं ने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ी को खेलने देने पर सवाल खड़े किए हैं। कुछ नेताओं ने तो शाहरुख खान पर सीधे तौर पर देशविरोधी रुख अपनाने तक के आरोप लगा दिए।
बीजेपी नेता ने बोला हमला
बीजेपी नेता संगीत सोम ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिन देशों में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, वहां से खिलाड़ियों को खरीदना देश के साथ गद्दारी जैसा है। वहीं शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने आईपीएल और बीसीसीआई से मांग की कि ऐसे खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया जाए जो ऐसे देशों से आते हैं, जहां हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें सामने आ रही हैं।
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देवकीनंदन ठाकुर ने भी दिया बयान
धार्मिक नेताओं ने भी इस मुद्दे पर बयान दिए। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सुझाव दिया कि केकेआर प्रबंधन को खिलाड़ी को हटाकर उसकी नीलामी राशि हिंदू पीड़ितों के परिवारों को देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में बांग्लादेशी खिलाड़ियों का बहिष्कार एक संदेश देने के लिए जरूरी है।
IPL में बांग्लादेशी क्रिकेटर को जगह क्यों दी गई?
— Devkinandan Thakur Ji ( सनातनी ) (@DN_Thakur_Ji) December 30, 2025
हिंदुओं की भावनाओं को बार-बार अनदेखा क्यों किया जाता है?
अगर सच में हिंदुओं से प्रेम है, तो बांग्लादेशी क्रिकेटर को अभी टीम से बाहर किया जाए।#IPL2026Auction #IPL2026 #bangladeshi #IPL #BCCI pic.twitter.com/N5tQJqO4es
शाहरुख खान हीरो नहीं
कथावाचक जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान पर बांग्लादेशी क्रिकेटर को अपनी आईपीएल टीम में शामिल किए जाने पर निशाना साधा है। रामभद्राचार्य से जब शाहरुख को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल में खिलाने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कथावचक ने आगे कहा, ‘शाहरुख खान कोई हीरो नहीं हैं। उसका कोई चरित्र नहीं है। इसमें कोई नई बात नहीं है। उसके सारे काम एक गद्दार जैसे रहे हैं। उसके सारे कृत्य हमेशा से देश विरोधी रहे हैं।’
#WATCH | Nagpur, Maharashtra: On Spiritual leader Devkinandan Thakur's statement on Superstar Shah Rukh Khan, Jagadguru Swami Rambhadracharya says, "He (Shah Rukh Khan) is not a hero. Shah Rukh Khan does not have a character. His actions have been those of a traitor..." pic.twitter.com/584k5SoZtq
— ANI (@ANI) January 1, 2026
शाहरुख के समर्थन में उठी आवाजें
हालांकि, इस पूरे विवाद में शाहरुख खान के समर्थन में भी कई सियासी आवाजें उठीं। कांग्रेस नेता भाई जगताप ने आरोप लगाया कि शाहरुख खान को उनकी मुस्लिम पहचान की वजह से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भारत अब भी पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलता है, तो फिर इस मुद्दे पर दोहरा मापदंड क्यों अपनाया जा रहा है। जगताप ने यह भी साफ किया कि आईपीएल टीम का चयन एक प्रक्रिया के तहत होता है और शाहरुख खान अकेले किसी खिलाड़ी का फैसला नहीं लेते।
राजनीतिकरण पर सवाल उठाए
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने भी इस मुद्दे के राजनीतिकरण पर सवाल उठाए। समाजवादी पार्टी नेता अबू आजमी ने कहा कि किसी खिलाड़ी को उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर कटघरे में खड़ा करना नफरत फैलाने जैसा है। उन्होंने यह भी पूछा कि जब भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री को शरण दी और अन्य विवादित मामलों में उदार रुख अपनाया, तो फिर एक क्रिकेटर को लेकर इतना हंगामा क्यों? उत्तर प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने भी केंद्र सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अगर यह इतना बड़ा मुद्दा है, तो जिम्मेदारी सरकार की बनती है, न कि एक फिल्म स्टार की।
शाहरुख खान ने नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है, जब बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की कई घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं, जिसने इस मुद्दे को और संवेदनशील बना दिया है। लेकिन सवाल यही है कि क्या खेल को राजनीति और धर्म की कसौटी पर तौला जाना चाहिए, या फिर क्रिकेट को क्रिकेट ही रहने देना चाहिए? फिलहाल, शाहरुख खान इस पूरे मामले पर चुप हैं, लेकिन KKR का यह फैसला अब सिर्फ एक स्पोर्ट्स मैनेजमेंट निर्णय नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय बहस का विषय बन चुका है।