Randeep Hooda: सारागढ़ी दिवस पर रणदीप ने इस अधूरी रही फिल्म से शेयर किया लुक, यूजर बोले- अक्षय से कहीं बेहतर
Saragarhi Day: आज 12 सितंबर को सारागढ़ी दिवस पर रणदीप हुड्डा ने सिख रेजीमेंट के 21 जांबाज सैनिकों को याद किया है, जो सारागढ़ी के युद्ध में वीरतापूर्वक लड़ते हुए शहीद हुए। इसके साथ उन्होंने फिल्म 'बैटल ऑफ सारागढ़ी' से अपना लुक भी शेयर किया है। हालांकि, यह फिल्म कभी रिलीज नहीं हो सकी।
विस्तार
सिख रेजिमेंट की चौथी बटालियन हर साल 12 सितंबर को सारागढ़ी दिवस के रूप में मनाती है। 12 सितम्बर 1897 को हुए इस युद्ध में सिख रेजीमेंट के 21 जांबाज सैनिक अपने आखिरी क्षणों तक साहसिक तरीके से डटे रहे। उनकी कहानी बहुत प्रेरणा देने वाली है। आज सारागढ़ी दिवस पर रणदीप हुड्डा ने इन सैनिकों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी है। बता दें कि रणदीप फिल्म 'बैटल ऑफ सारागढ़ी' में नजर आने वाले थे, मगर यह फिल्म कभी रिलीज नहीं हुई। आज सारागढ़ी दिवस पर उन्होंने इस फिल्म से अपना लुक शेयर करते हुए एक दर्द भी साझा किया है।
'एक सपना जो पूरा नहीं हो सका'
अभिनेता रणदीप हुड्डा ने इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट शेयर किया है। इसके साथ उन्होंने चार सिख रेजिमेंट के 21 बहादुर सैनिकों और उनके नेता हवलदार ईशर सिंह की असाधारण वीरता और बलिदान को श्रद्धांजलि दी है। बता दें कि रणदीप हुड्डा ने कभी सारागढ़ी की लड़ाई को बड़े पर्दे पर लाने और हवलदार ईशर सिंह का किरदार निभाने का सपना देखा था। फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो गई थी, मगर फिल्म रिलीज नहीं हो सकी। इसे लेकर भी रणदीप हुड्डा का दर्द छलका है। उनका कहना है कि एक सपना जो कभी पूरा नही हो सका।
रणदीप हुड्डा का छलका दर्द
साझा किए पोस्ट में रणदीप हुड्डा ने बताया कि कुछ कारणों से यह फिल्म पूरी नहीं हो सकी, लेकिन यह कहानी उनके दिल के बेहद करीब रही है। इमोशनल पोस्ट में उन्होंने लिखा है, 'एक सपना जो मैं दुनिया के साथ साझा नहीं कर पाया'। 'बैटल ऑफ सारागढ़ी', जिसे 21 सिख सैनिकों ने हवलदार ईशर सिंह के नेतृत्व में सितम्बर 1897 में लड़ा था। यह कहानी साहस और बलिदान की एक ऐतिहासिक गाथा है। 6,000 फीट ऊंचाई पर स्थित सारागढ़ी पोस्ट की रक्षा करते हुए इन सैनिकों ने हजारों पठान हमलावरों का सामना किया और सभी को इंडियन ऑर्डर ऑफ मेरिट से सम्मानित किया गया।
यूनेस्को ने इतिहास के आठ सबसे वीरतापूर्ण युद्धों में शामिल किया
रणदीप हुड्डा ने आगे लिखा है, 'यूनेस्को ने इसे इतिहास की आठ सबसे वीरतापूर्ण लड़ाइयों में शामिल किया है। उनकी बहादुरी ‘लास्ट मैन, लास्ट राउंड’ की भावना का प्रतीक है। 12 सितम्बर 1897 को ये जांबाज अपने आखिरी पलों तक डटे रहे। उनकी कहानी आज भी हमें प्रेरित करती है। शहीद हुए इन नायकों को हमारी श्रद्धांजलि। चार सिख रेजीमेंट को उनके 128वें सारागढ़ी दिवस की हार्दिक बधाई। वाहेगुरु जी उन्हें आशीर्वाद दें और उनकी शक्ति-साहस लगातार बढ़ते रहे'। अपने इस संदेश के जरिए रणदीप हुड्डा ने भारत के इतिहास और हमारे नायकों के प्रति सम्मान जताया है।
दस हजार से अधिक हमलावरों का किया मुकाबला
यह लड़ाई सिख रेजीमेंट के 21 सैनिकों और 10000 से अधिक अफगान और पश्तून आदिवासियों के बीच लड़ा गया था। जहां 21 वीर सैनिकों ने इस बात की जरा भी परवाह नहीं की थी कि इसके परिणाम क्या होने वाले हैं। इस युद्ध में शरीद हुए सैनिकों को मरणोपरांत उस समय के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार 'इंडियन ऑर्डर ऑफ मेरिट' से नवाजा गया था।
यूजर्स ने की फिल्म रिलीज करने की डिमांड
डिब्बाबंद फिल्म 'बैटल ऑफ सारागढ़ी' से रणदीप हुड्डा का लुक देख यूजर्स ने कमेंट सेक्शन में मांग की है कि फिल्म रिलीज होनी चाहिए। कुछ यूजर्स गुजारिश कर रहे हैं कि यह फिल्म ओटीटी पर रिलीज कर दी जाए। वहीं, कुछ ने रणदीप हुड्डा के लुक को अक्षय कुमार के 'केसरी' के लुक से कहीं बेहतर बताया है। अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म 'केसरी' सारागढ़ी के युद्ध पर बनी है। कथित तौर पर अक्षय की इस फिल्म के चलते रणदीप की फिल्म बंद की गई। राजकुमार संतोषी के निर्देशन में रणदीप की फिल्म बन रही थी, तभी ‘केसरी’ बनने लगी। इस चक्कर में रणदीप की फिल्म बंद की गई।
अक्षय कुमार के लुक को बताया नकली
रणदीप हुड्डा का लुक देख नेटिजन्स दंग रह गए हैं और अक्षय कुमार के 'केसरी' वाले लुक से तुलना करते हुए लिख रहे हैं, 'अक्षय के लुक से 100 गुना बेहतर है'। एक यूजर ने लिखा, 'अक्षय के आर्टिफिशियल बीयर्ड लुक से कहीं अच्छा है आपका लुक'।