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बेटी की वजह से संजय दत्त को फिर मिली पेरोल

Wed, 26 Aug 2015 04:06 PM IST
Updated Wed, 26 Aug 2015 04:06 PM IST
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Sanjay Dutt gets 30 day parole his daughter

बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त को एक बार फिर पेरोल मिल गई है। अबकी वह एक महीने जेल से बाहर रहेंगे। इस बार पेरोल की वजह उनकी बेटी बनी है। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

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संजय दत्त को पांच साल की सजा के बीच यह चौथी बार पेरोल मिली है। आमतौर पर इतनी सजा में एक या अधिक से अधिक दो बार पेरोल मिलने की व्यवस्था है। लेकिन इस बार उन्हें एक गंभीर अर्जी के तहत पेरोल मिली है।
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गौरतलब है कि मुंबई धमाकों में प्रयोग हुए असलहों को अपने घर में रखने के दोषी पाए गए अभिनेता को 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने पांच साल की सजा सुनाई थी। जिसमें वह पहले ही 18 महीने की सजा काट चुके थे। बाकी सजा काटने के लिए उन्हें 22 मई 2013 को पुणे की यरवाड़ा जेल भेजा गया। तब से चार बार वह जेल से बाहर आ चुके हैं।

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क्या हुआ संजय दत्त की बेटी को, क्यों मिली संजय को पेरोल

Sanjay Dutt gets 30 day parole his daughter
संजय दत्त को इस बार उनकी बेटी की स्वास्‍थ्य और उसके इलाज के लिए मिली है। एएनआई के मुता‌बिक संजय दत्त की बेटी की नाक सर्जरी को ध्यान में रखकर उन्हें एक महीने की पेरोल मिली है।




लेकिन खास बात ये है कि यह नियमों को खिलाफ है। आमतौर पर पांच साल की सजा के बीच इतनी बार पेरोल नहीं मिल सकती। यह जानने के बाद कि कौन-कौन से नियम हैं जिनके तहत किसी सजायाफ्ता कैदी को पेरोल मिल सकती है आपको संजय दत्त के पेरोल का पूरा अंदाजा लग जाएगा कि आखिर कैसे हर बार कैसे उन्हें पेरोल मिल जाती है? आइए आपको बताते हैं...

कैसे बार-बार मिलती है संजय दत्त को पेरोल, क्या है नियम

Sanjay Dutt gets 30 day parole his daughter

महाराष्ट्र के नियमों के मुताबिक पांच साल तक की सजा पर किसी भी आरोपी को बस एक बार पेरोल ग्रांट करने का नियम है। जबकि उत्तर प्रदेश के धर्मवीर बनाम राज्‍य के केस में सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था कि किसी भी कैदी को एक वर्ष में सिर्फ दो हफ्तों के लिए ही पेरोल पर रिहा किया जा सकता है। इसके अलावा हर जेल के मैन्‍युल में पेरोल ग्रांट करने से जुड़ी कुछ खास परिस्थितियों का भी जिक्र होता है।

लेकिन संजय दत्त की पेरोल इन सभी नियमों के खिलाफ है। इसके पीछे संजय दत्त के प्रभावशाली व्यक्तित्व को माना जाता है। नियमानुसार पेरोल लगातार जेल में रहने से की वजह से उन्‍हें बुरे प्रभाव से बचाने के लिए, कैदियों को पारिवारिक जीवन के करीब रखने, परिवार से जुड़े मुद्दों में उनकी संलिप्‍तता के लिए, कैदियों में आत्‍मविश्‍वास की बढ़ोतरी, जिंदगी में उनका उत्‍साह बरकरार रखने के लिए दी जाती है।

इसके अलावा कैदी बहुत ही बुरी तरह से बीमार है और उसे इलाज के लिए जेल से बाहर लाने की जरूरत हो, अगर कैदी का मानसिक संतुलन खो चुका हो और उसे इलाज के लिए मानसिक अस्‍पताल ले जाने की जरूरत हो, या फिर अपने परिवार के किसी सदस्‍य के मरने पर उसके अंतिम संस्‍कार के लिए बाहर आ सकता है।

इन्हीं नियमों के बीच एक नियम यह भी है कि अगर परिवार का कोई सदस्‍य बीमार है तो भी कैदी को कुछ दिनों के पेरोल दी जा सकती है। संजय दत्त ने इसी नियम का हवाला देते हुए एक महीने की पेरोल ले ली है।

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