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जन्मदिन विशेषः हिट के लिए सलमान का नाम ही काफी है

Thu, 27 Dec 2012 10:07 AM IST
रोहित मिश्र
रोहित मिश्र Updated Thu, 27 Dec 2012 10:07 AM IST
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Salman's name is enough to hit

आज से 46 बरस के हो गए बॉलीवुड के इस 'प्रेम' की जितनी चर्चा इनकी फिल्मों की वजह से हुई है उससे ज्यादा सुर्खियां सलमान खान की व्यक्गित जिंदगी को लेकर बनीं। कभी यह अपनी पूर्व प्रेमिका ऐश्वर्या को थप्पड़ मार देते हैं। कभी शाहरुख से सार्वजनिक रूप से झगड़ पड़ते हैं। कभी फुटपाथ पर सो रहे लोगों पर गाड़ी चढ़ा देते हैं। तो कभी गोविंदा को 20 लाख की गाड़ी भेंट कर देते हैं। यही सलमान खान कई बार सिर्फ दोस्ती निभाने के लिए बिना स्क्रिप्ट पढ़े फिल्म साइन कर लेते हैं।

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इंडस्ट्री में सलमान खान एक मूडी और नेकदिल इंसान माने जाते हैं। जैसे कि आजकल वह फिल्मों में रोल कर रहे हैं। फिल्मों में सलमान खान ने हर तरह के रोल किए हैं। दिलफेक आशिक की भूमिकाएं उन पर सबसे ज्यादा शूट करती हैं। उनकी कई फिल्मों में उनका 'प्रेम' रहा है और वह नाम को जस्टीफाई करते आए हैं। सलमान ने एक्शन, कॉमेडी, रोमांस के साथ-साथ इमोशनल भूमिकाएं भी की हैं।
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1988 से फिल्मों में शुरुआत करने वाले सलमान खान ने हर दौर के अनुरूप फिल्मों की हैं। सन 2000 के आसपास जब इंडस्ट्री अपने को बदल रही थी उस दौर में आईं सलमान की फिल्म बुरी तरह से असफल हुईं। 'हैलो ब्रदर', 'दुल्हन हम ले जाएंगे', 'चल मेरे भाई', 'हर दिल जो प्यार करेगा', 'कहीं प्यार न हो जाए', 'तुमको न भूल पाएंगे', 'हम तुम्हारे हैं सनम' जैसी वह फिल्में थी जिनमें सलमान लगभग एक जैसी भूमिकाओं में दिखे। यह फिल्में नहीं चलीं। यह सलमान खान का बुरा दौर था। इस दौर के बाद सलमान उबरे।
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'तेरे नाम' ने संवारा करियर
2003 में रिलीज हुई फिल्म 'तेरे नाम' से सलमान के कॅरियर की गाड़ी फिर से पटरी पर लौटी। इस फिल्म की सफलता का आलम यह है कि 'तेरे नाम' फिल्म में सलमान खान का हेयर स्टाईल की आज भी कस्बों और छोटे शहरों में कॉपी की जा रही है। तेरे नाम के बाद सलमान खान बेहतर होते गए। इसके बाद की फिल्मों में सलमान के किरदारों में विविधता देखती है। 'मुझसे शादी करोगी', 'दिल ने जिसे अपना कहा', 'मैने प्यार क्यूं किया', 'लकी', 'नो एंट्री', 'क्योंकि', 'जानेमन' और 'पार्टनर' जैसी फिल्मों में सलमान अलग-अलग अंदाज में दिखे।
 
फिर गढ़ा अपने तरह का सिनेमा
2009 के बाद सलमान खान अपने तरह का सिनेगा गढ़ रहे हैं। इस नयी भूमिका में सलमान थोड़ा देसी हो चले हैं। वह कॉमेडी के साथ जबर्दस्त एक्शन भी कर रहे हैं। वह अब ऐसा सिनेमा रच रहे हैं जो किसी कस्बे और शहर के दर्शक को बराबर समझ में आए। 'वॉन्टेड', 'दबंग', 'रेडी', 'बॉडीगार्ड', 'एक था टाइगर' और 'दबंग 2' जैसी फिल्मों की स्क्रिप्ट सलमान के इसी मॉस मैन को ध्यान में रखकर लिखी गई। बहुत अच्छी पटकथा या कहानी न होने के बावजूद यह फिल्में सिर्फ इसलिए चलीं क्योंकि इनमें सलमान टच था। आने वाले साल में सलमान खान जो भी फिल्में कर रहे हैं उनमें भी यह सलमान टच देखने को मिलेगा। आज सलमान खान की फिल्में सिर्फ उनके नाम पर हिट हो रही हैं।

सलमान खान को हमेशा मॉस एक्टर माना गया। उनके प्रशंसक उनकी फिल्में दीवानों की तरह देखते हैं। सलमान ने हमेशा इस बात की कोशिश की वह पर्दे पर एक आदमी की तरह दिखे। बोलने में, चलने में और ड्रेसिंग सेंस। सलमान खान ने हमेशा ऐसे कपड़े पहने जिन्हें आसानी से कॉपी किया जा सके। उनकी डांसिंग स्टाईल भी वैसा ही रहा। सलमान खान खुद मानते हैँ कि उन्होंने जब-जब थोड़ा अलग हटकर भूमिकाएं की हैं उनके प्रशंसकों को वह रास नहीं आई हैं। 'वीर', 'मिस्टर और मिसेज खन्ना', 'युवराज', 'हीरो', 'गॉड तूसी ग्रेट हो', 'जानेमन', 'बाबुल' जैसी वह फिल्में हैं जिनमें ठेठ सलमान टच नहीं दिखा। यह फिल्में समीक्षकों को तो रास आईं पर उनके चाहने वालों को नहीं।

कुछ और बातें सलमान खान की
-1989 में बतौर हीरो सलमान की पहली फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ रिलीज हुई। उस दौर में पाइरेसी के कारण फिल्म इंडस्ट्री की हालत बेहद पतली थी। सलमान की इस फिल्म के प्रिंट्स का खर्चा बचाते हुए बहुत कम प्रिंट्स और प्रचार के साथ इसे कुछ जगह रिलीज किया गया। बाद में भारी कामयाबी के कारण फिल्म के प्रिंट्स की संख्या बढ़ाई गई।

-फिल्मों में आने के पहले सलमान का रोमांस संगीता बिजलानी से चल रहा था। उस वक्त सलमान की तुलना में संगीता बड़ी स्टार थी। एक विज्ञापन में दोनों साथ नजर आते थे। संगीता बिजलानी से उनका लंबा रोमांस चला। बाद में सोमी अली उनके नजदीक आईं और ऐसा लगा कि दोनों शादी कर लेंगे, लेकिन उनका ब्रेक अप हो गया। सोमी के बाद ऐश्वर्या राय, सलमान के जीवन में आईं। सलमान और ऐश्वर्य ने लगभग दो साल तक डेटिंग की।

- सलमान धर्मेन्द्र के दीवाने हैं और आज भी धरम पाजी सलमान के पसंदीदा हीरो हैं। सिल्वेस्टर स्टेलॉन को भी वे पसंद करते हैं। सलमान ने धर्मेन्द्र के साथ ‘प्यार किया तो डरना क्या’ की है। कहा जाता है कि धर्मेन्द्र ने इस फिल्म में काम करने के बदले में एक भी पैसा नहीं लिया।

- सलमान खान के पिता सलीम खान पटकथा लेखक हैं। उनसे प्रेरित होते हुए सलमान ने एक फिल्म 'वीर' की स्क्रिप्ट भी लिखी। यह फिल्म सफल नहीं हो पाई। इस फिल्म के अलावा उन्होंने 'बागी' और 'चंद्रमुखी' फिल्म की भी पटकथा लिखी। सलमान ने 'चिल्लर पार्टी' फिल्म को प्रोड्यूस भी किया।


- छोटे पर्दे पर भी सलमान खान सक्रिय रहे। उन्होंने रियलिटी शो 'दस का दम' के दो सीजन को होस्ट किया। एक अन्य चर्चित रियलिटी शो 'बिग बॉस' के तीन सीजन को सलमान होस्ट कर चुके हैं।

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