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'जब अमिताभ बच्चन की राय पर चलती थी रेखा...'

Thu, 10 Oct 2013 02:02 PM IST
Updated Thu, 10 Oct 2013 02:02 PM IST
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rekha always take advice to amitabh bachchan

गुरुवार को फिल्म अभिनेत्री रेखा का 59वां जन्मदिन है। रेखा को एक कमाल की अदाकारा तो माना ही जाता है, साथ ही उनकी शख्सियत के रहस्यों की चर्चा भी अकसर होती रहती है।

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उनके जन्मदिन पर बीबीसी ने बात की कुछ ऐसे लोगों से जिन्हें रेखा को करीब से जानने का मौक़ा मिला।

'अमिताभ की राय पर चलती थी रेखा'
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वरिष्ठ पत्रकार रउफ अहमद रेखा को तब से जानते हैं जब वो फिल्मफेयर के लिए काम करते थे।

बीबीसी से बातचीत में रउफ़ कहते हैं, ''रेखा आज जैसी दिखती हैं उसमें अमिताभ बच्चन का बड़ा योगदान है। सन् 1976 में आई फ़िल्म दो अनजाने में उन्होंने अमिताभ के साथ काम किया। इसके बाद से वो हर मामले में अमिताभ बच्चन की राय लेने लगीं। उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, वो सब अमिताभ से ही पूछतीं। वैसे भी रेखा को एक गुरु और मार्गदर्शक की ज़रूरत थी।''
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तस्वीरों में देखें, अमिताभ-रेखा की अनछुई प्यार की दास्तां

रउफ़ कहते हैं कि रेखा की सबसे अच्छी बात यह है कि वो अपनी बात बहुत साफ़ तरीक़े से बोलने में यक़ीन रखती हैं।

रेखा के बारे में एक बड़ी ही दिलचस्प बात रउफ़ अहमद ने बीबीसी के साथ साझा की। वो कहते हैं, ''रेखा कभी भी दोपहर दो बजे से पहले अपनी कोई तस्वीर नहीं खिंचवाती थी। उनका मानना था कि सुबह के समय चेहरे पर एक अलग तरह की सूजन रहती है, जो क़रीब एक बजे तक चली जाती है।''

रउफ़ अहमद कहते हैं, ''एक समय में वो एक ही फ़ोटोग्राफ़र के साथ काम करती थी। अगर उन्हें अपनी कोई तस्वीर अच्छी नहीं लगती तो वो उस तस्वीर को तुरंत हटवा देती। वो हमेशा फ़ोटोग्राफ़र के पीछे एक बड़ा आइना लगवा देती थीं ताकि वो देख सकें कि वो कैसी दिख रही है।''

अहमद कहते हैं कि अगर उन्हें रेखा को कुछ शब्दों में समेटना हो तो वो कहेंगे कि रेखा एक दिलचस्प पहेली हैं, जो मांग में सिंदूर लगाती हैं, रहस्यमयी जीवन जीती हैं और कभी अकेलेपन की शिकायत नहीं करतीं।

अच्छी-बुरी फ़िल्मों की समझ नहीं

वरिष्ठ पत्रकार प्रवीन भारद्वाज का कहना है कि रेखा ने बहुत कम उम्र में फ़िल्मों में काम करना शुरु कर दिया था इस वजह से उन्हें फ़िल्में चुनने की समझ ही नहीं थी।

प्रवीन के अनुसार, ''रेखा को लगता था कि उन्हें जो भी फ़िल्म मिल रही हैं उन्हें कर लेनी चाहिए। लेकिन आगे चल कर उन्हें ये अहसास हुआ कि उन्हें सही चुनाव करने होंगे।''

प्रवीन ने बताया, ''दक्षिण भारतीय फ़िल्मों से आने के कारण वो शुरुआत में थोड़ी मोटी थी। उनका रंग भी सांवला था। आज आप उनकी कोई पुरानी तस्वीर देख लें तो यक़ीन नहीं होगा कि ये रेखा है। धीरे-धीरे उन्होंने सीखा कि अपने लुक्स पर काम करना कितना ज़रूरी है।''

प्रवीन के मुताबिक़ पहले लोग उन पर व्यंग कसते थे उन्हें 'अग्ली डग्ली' बुलाते थे। लेकिन फिर रेखा ने तय किया कि वो अपनी ये छवि बदल कर रहेंगी। योग और मेडिटेशन के ज़रिए उन्होंने अपने शरीर में कई बदलाव किए।

चॉकलेट, गाने और कुत्तों से प्यार

एक और वरिष्ठ पत्रकार हैं जिन्हें रेखा को पास से जानने का मौक़ा मिला, उदय तारा। उदय तारा की रेखा से पहली मुलाक़ात हुई 1971 में आई फ़िल्म 'एलान' के सेट पर। वो कहती हैं, ''जब मैं रेखा से मिली तो मैंने पाया कि उन्हें चॉकलेट खाना बेहद पसंद है। वो बहुत चुलबुली लड़की थी।''

उदय तारा ने बताया, ''रेखा को शुरू में लंबे डायलॉग से बहुत डर लगता था। वो एक जगह बैठ कर खूब अभ्यास किया करती थी। वैसे वो अभिनेत्री तो अच्छी हैं ही साथ ही वो गाती भी बहुत बढ़िया हैं।''

उदय तारा बताती हैं कि रेखा को कुत्तों से भी बहुत प्यार है और उन्होंने घर पर भी कुत्ते पाले हुए हैं।

बिना मेकअप के फ़ोटो शूट

जो रेखा अपनी तस्वीरों को लेकर इतना सोचती रही हों वो भला बिना मेकअप के लिए तस्वीरें खिचवाने के लिए कैसे मान गईं। रेखा को इस बात के लिए राज़ी करने का श्रेय जाता है फ़ोटोग्राफ़र जयेश सेठ को।


बीबीसी से बात करते हुए जयेश कहते हैं, ''मेरे पूरे करियर का एक ही लक्ष्य था कि मैं रेखा की तस्वीरें खीचूं। वो मेरी रोल मॉडल रही हैं। उनकी ही वजह से मैंने फ़ोटोग्राफ़ी शुरू की। अपना करियर शुरू करने के 10 साल बाद मुझे उनकी तस्वीरें खींचने का मौक़ा मिला।''

जयेश बताते हैं कि उन्होंने 1995 में पहली बार रेखा की तस्वीरें खींची। उनके अनुसार रेखा ने कभी ये नहीं जताया कि वो एक सुपरस्टार हैं।

जयेश कहते हैं कि रेखा बिना मेकअप के भी बहुत आकर्षित लगती हैं। वो कहते हैं, ''मैंने उनसे कहा कि वो एक बार बिना मेकअप के शूट करके देखें। पहले तो वो हिचकिचाई पर जब उन्होंने अपनी फ़ोटो देखी तो उन्होंने मेरे साथ कई बार बग़ैर मेकअप के फ़ोटोशूट किए।''

क्यों हुई रेखा सबसे दूर

प्रवीन भारद्वाज बताती हैं कि अपने करियर की शुरुआत में रेखा नहीं जानती थी कि किससे क्या बात करनी चाहिए।

प्रवीन कहती हैं, ''एक बार उन्होंने एक महिला पत्रकार से अपनी निजी ज़िन्दगी की कुछ बातें कह डालीं। रेखा ने उस पत्रकार को अपना दोस्त समझा। लेकिन उस पत्रकार ने वो सारी बातें एत किताब में छाप दी। उस किताब में आधा सच और आधा झूठ लिखा था। तब से रेखा ने मीडिया से दूरी बना ली।''

मीडिया ही नहीं फ़िल्म इंडस्ट्री में भी उनके बहुत कम दोस्त हैं। रेखा के करीबियों में हेमा मालिनी, श्रीदेवी, जीतेन्द्र और राकेश रोशन के नाम शामिल हैं।

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