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जानिएः रजनीकांत और अमिताभ में बेहतर कौन?
रवि बुले/अमर उजाला,मुंबई
Updated Thu, 12 Dec 2013 01:55 PM IST
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अमिताभ हिंदी फिल्मों के सुपरस्टार हैं और रजनी साउथ फिल्मों के। जानिए इन दोनों में बड़ा कौन है। ये दोनों की कलाकार अपने क्षेत्र में महारथ हासिल किए हुए हैं।
देश के दो सबसे बड़े सुपर सितारों, रजनीकांत और अमिताभ बच्चन में कौन बेहतर है? यह ऐसी बहस है जिसका कोई अंत नहीं है। इसके बावजूद संदेह नहीं कि दोनों के अपने-अपने करोड़ों फैन्स हैं।
अमिताभ और रजनीकांत ने बॉलीवुड में 'अंधा कानून' और 'हम' जैसी फिल्में साथ में की, लेकिन हिंदी में रजनीकांत अमिताभ की तरह लोकप्रिय नहीं हो सके। परंतु इससे उनका कद कतई कम नहीं होता है।
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अमिताभ के स्टार ऑफ द मिलेनियम होने के बादजूद रजनीकांत का दक्षिण भारत ही नहीं, पूरे विश्व सिनेमा में खास स्थान है। अमिताभ जहां दशकों तक उत्तर भारत में छाए रहे, वहीं दक्षिण में रजनीकांत भगवान से कम नहीं हैं। आइए दोनों की तुलना करने वाले कुछ बिंदुओं पर एक नजर डालते हैं...
फिल्म और टेलीविजन में भी मुकाबला
इस मामले में अमिताभ का कोई जोड़ नहीं है। बढ़ती उम्र के बावजूद वह लगातार सक्रिय हैं और हर साल उनकी एक-दो फिल्में जरूर आती हैं। वे टीवी पर भी काम करते हैं। कौन बनेगा करोड़पति जैसा रियलिटी शो उनकी लोकप्रियता की वजह से देखा जाता है। अमिताभ जल्द ही छोटे पर्दे के एक धारावाहिक में भी दिखने जा रहे हैं। अनुराग कश्यप के एक सीरियल में वे अगले साल नजर आएंगे। दूसरी तरफ रजनीकांत फिल्मों के मामले में फूंक फूंक कर कदम रखते हैं। दो साल में उनकी एक फिल्म भी आ जाए तो दर्शक धन्य हो जाते हैं। रजनी की हर फिल्म से पहले उनका जबर्दस्त क्रेज देखा जा सकता है। उस दीवानगी की किसी और चीज से तुलना नहीं हो सकी। रजनीकांत टीवी पर नहीं आते।
सेलेब्रिटी, शो और विज्ञापन
अमिताभ बच्चन अपने ऐक्टर होने के साथ सेलेब्रिटी स्टेटस का भी पूरा ध्यान रखते हैं। वे तमाम समाजिक कार्यक्रमों में दिखाई पड़ते हैं। साथ ही डांस शो हो या पुरस्कार समारोह, अमिताभ की मौजूदगी का लोगों अहसास होता है।
उत्पादों का विज्ञापन करने में अमिताभ पीछे नहीं रहते। उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा यहां से आता है। शायद ही कोई ऐसा मिनट होता होगा, जब अमिताभ किसी न किसी कारण से टीवी पर न दिखें।
दूसरी तरफ रजनीकांत दक्षिण के बड़े सेलेब्रिटी तो हैं, वे कई समाज कल्याण के कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा उनके द्वारा जरूरतमंदों की मदद करना भी है।
हां, एक बात उन्होंने तय कर रखी है कि वे किसी उत्पाद का विज्ञापन नहीं करेंगे। वैसे सोचने वाली बात यह है कि अगर रजनीकांत किसी का विज्ञापन करें तो उस उत्पाद की बिक्री कैसे रिकॉर्ड तोड़ेगी।
सोशल मीडिया में सुपर सितारे
अमिताभ को अपनी लोकप्रियता का अंदाजा है और वे अपने प्रशंसकों से जुड़ने में खुशी समझते हैं। यही कारण है कि वक्त के साथ उन्होंने सामाजिक संपर्क की नई-नई तकनीकों से खुद को जोड़ा। वे पर्सनल ब्लॉग खुद लिखते हैं और रोजमर्रा की बातों की जानकारी चाहने वालों तक पहुंचाते हैं।
अपनी नई तस्वीरें ब्लॉग पर डालते हैं। फेसबुक और ट्विटर पर भी अमिताभ हैं। जहां समाजिक राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं। यहां आप उनसे सवाल जवाब भी कर सकते हैं। दूसरी तरफ रजनीकांत सोशल मीडिया में हैं। उनके शहरी प्रशंसकों से वे लगातार जुड़े रहते हैं।
हालांकि वे ब्लॉग नहीं लिखते। परंतु उनके प्रशंसकों ने उनकी तमाम वेबसाइटें बना रखी हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर रजनीकांत को सुपरहीरो से भी बढ़ कर बताने वाले जैसे चुटकुले हैं, उनकी दुनिया में कोई और मिसाल नहीं है।
किसका करिश्मा बेहतर
दोनों सुपर सितारे एक-दूसरे को अपने से बेहतर बताते हैं। एक-दूसरे का आगे बढ़ कर अभिवादन करते हैं। अमिताभ रजनीकांत के दीवाने हैं, तो रजनीकांत अमिताभ को अपने से बढ़ कर बताते हैं।
दोनों एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और समय-समय पर एक-दूसरे से मिलते भी हैं। दोनों की प्रतिभा की कोई तुलना नहीं हो सकती क्योंकि अमिताभ के पास ऐक्टिंग का जैसा अंदाज है, उससे बिल्कुल अलग रजनीकांत हैं। मगर वो जो जादू पर्दे पर पैदा करते हैं, वह किसी को भी मंत्रमुग्ध कर सकता है।
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देश के दो सबसे बड़े सुपर सितारों, रजनीकांत और अमिताभ बच्चन में कौन बेहतर है? यह ऐसी बहस है जिसका कोई अंत नहीं है। इसके बावजूद संदेह नहीं कि दोनों के अपने-अपने करोड़ों फैन्स हैं।
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अमिताभ और रजनीकांत ने बॉलीवुड में 'अंधा कानून' और 'हम' जैसी फिल्में साथ में की, लेकिन हिंदी में रजनीकांत अमिताभ की तरह लोकप्रिय नहीं हो सके। परंतु इससे उनका कद कतई कम नहीं होता है।
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अमिताभ के स्टार ऑफ द मिलेनियम होने के बादजूद रजनीकांत का दक्षिण भारत ही नहीं, पूरे विश्व सिनेमा में खास स्थान है। अमिताभ जहां दशकों तक उत्तर भारत में छाए रहे, वहीं दक्षिण में रजनीकांत भगवान से कम नहीं हैं। आइए दोनों की तुलना करने वाले कुछ बिंदुओं पर एक नजर डालते हैं...
फिल्म और टेलीविजन में भी मुकाबला
इस मामले में अमिताभ का कोई जोड़ नहीं है। बढ़ती उम्र के बावजूद वह लगातार सक्रिय हैं और हर साल उनकी एक-दो फिल्में जरूर आती हैं। वे टीवी पर भी काम करते हैं। कौन बनेगा करोड़पति जैसा रियलिटी शो उनकी लोकप्रियता की वजह से देखा जाता है। अमिताभ जल्द ही छोटे पर्दे के एक धारावाहिक में भी दिखने जा रहे हैं। अनुराग कश्यप के एक सीरियल में वे अगले साल नजर आएंगे। दूसरी तरफ रजनीकांत फिल्मों के मामले में फूंक फूंक कर कदम रखते हैं। दो साल में उनकी एक फिल्म भी आ जाए तो दर्शक धन्य हो जाते हैं। रजनी की हर फिल्म से पहले उनका जबर्दस्त क्रेज देखा जा सकता है। उस दीवानगी की किसी और चीज से तुलना नहीं हो सकी। रजनीकांत टीवी पर नहीं आते।
सेलेब्रिटी, शो और विज्ञापन
अमिताभ बच्चन अपने ऐक्टर होने के साथ सेलेब्रिटी स्टेटस का भी पूरा ध्यान रखते हैं। वे तमाम समाजिक कार्यक्रमों में दिखाई पड़ते हैं। साथ ही डांस शो हो या पुरस्कार समारोह, अमिताभ की मौजूदगी का लोगों अहसास होता है।
उत्पादों का विज्ञापन करने में अमिताभ पीछे नहीं रहते। उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा यहां से आता है। शायद ही कोई ऐसा मिनट होता होगा, जब अमिताभ किसी न किसी कारण से टीवी पर न दिखें।
दूसरी तरफ रजनीकांत दक्षिण के बड़े सेलेब्रिटी तो हैं, वे कई समाज कल्याण के कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं। उनकी लोकप्रियता का एक बड़ा उनके द्वारा जरूरतमंदों की मदद करना भी है।
हां, एक बात उन्होंने तय कर रखी है कि वे किसी उत्पाद का विज्ञापन नहीं करेंगे। वैसे सोचने वाली बात यह है कि अगर रजनीकांत किसी का विज्ञापन करें तो उस उत्पाद की बिक्री कैसे रिकॉर्ड तोड़ेगी।
सोशल मीडिया में सुपर सितारे
अमिताभ को अपनी लोकप्रियता का अंदाजा है और वे अपने प्रशंसकों से जुड़ने में खुशी समझते हैं। यही कारण है कि वक्त के साथ उन्होंने सामाजिक संपर्क की नई-नई तकनीकों से खुद को जोड़ा। वे पर्सनल ब्लॉग खुद लिखते हैं और रोजमर्रा की बातों की जानकारी चाहने वालों तक पहुंचाते हैं।
अपनी नई तस्वीरें ब्लॉग पर डालते हैं। फेसबुक और ट्विटर पर भी अमिताभ हैं। जहां समाजिक राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं। यहां आप उनसे सवाल जवाब भी कर सकते हैं। दूसरी तरफ रजनीकांत सोशल मीडिया में हैं। उनके शहरी प्रशंसकों से वे लगातार जुड़े रहते हैं।
हालांकि वे ब्लॉग नहीं लिखते। परंतु उनके प्रशंसकों ने उनकी तमाम वेबसाइटें बना रखी हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर रजनीकांत को सुपरहीरो से भी बढ़ कर बताने वाले जैसे चुटकुले हैं, उनकी दुनिया में कोई और मिसाल नहीं है।
किसका करिश्मा बेहतर
दोनों सुपर सितारे एक-दूसरे को अपने से बेहतर बताते हैं। एक-दूसरे का आगे बढ़ कर अभिवादन करते हैं। अमिताभ रजनीकांत के दीवाने हैं, तो रजनीकांत अमिताभ को अपने से बढ़ कर बताते हैं।
दोनों एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और समय-समय पर एक-दूसरे से मिलते भी हैं। दोनों की प्रतिभा की कोई तुलना नहीं हो सकती क्योंकि अमिताभ के पास ऐक्टिंग का जैसा अंदाज है, उससे बिल्कुल अलग रजनीकांत हैं। मगर वो जो जादू पर्दे पर पैदा करते हैं, वह किसी को भी मंत्रमुग्ध कर सकता है।