तो दीपिका क्या ये तस्वीरें भड़काऊ नहीं थीं?
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पिछले रविवार को अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट ने दीपिका पादुकोन की क्लीवेज का एक वीडियो दिखाया था। इससे खफा दीपिका ने पहले ट्वीटर और फिर फेसबुक पर उस अखबार और उन तस्वीरों के आधार पर अखबार की सोच को आड़े हाथों लिया था। दीपिका के ये दोनों ही जवाब मीडिया और बॉलीवुड पिछले एक सप्ताह से सुर्खियों में हैं।
अब इस मामले में टाइम्स ऑफ इंडिया का जवाब आ गया है। उस अखबार ने यह माना है कि उस खबर की हेडिंग कुछ और बेहतर हो सकती है लेकिन कुछ तस्वीरों के माध्यम से उसने दीपिका को आईना दिखाने की कोशिश भी की। अखबार ने इशारों-इशारों में ही दीपिका पर अपने तस्वीरों को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने की बात कही है।
हम समझते हैं रील और रियल में अंतर
टाइम्स ऑफ इंडिया ने दीपिका को दिए जवाब वाले अपने अपने लेख में लिखा है कि दीपिका हम रील और रियल लाइफ में फर्क के दलील को मानते हैं। लेकिन यह अंतर कई बार आपके द्वारा ही खत्म किया गया है।
जब आप किसी मैग्जीन के लिए कथित क्लीवेज शो वाले फोटोशूट कराती हैं तो वहां आपकी नैतिकता आड़े हाथों नहीं आती है। एक तरह से दीपिका पर पलटवार करते हुए उनके कथित डबल स्टैंडर्ड की ओर इशारा किया है। अखबार ने कुछ तस्वीरों पेश करते हुए लिखा है कि ये तस्वीरें रियल लाइफ की हैं या रील।
आपने कई बार ऐसा किया
अपने जवाब में अखबार ने लिखा है कि कई ऐसे मौके आए हैं जब अपने शरीर का प्रदर्शन किसी खास इरादे से किया है। तब यह गलत नहीं था और यह तब था तब आपने इस पर आपत्ति क्यों नहीं जताई।
दीपिका से पूछा गया कि कई बार स्टेज पर डांस करते हुए, किसी मैगजीन के लिए पोज करते हुए और फिल्मों के प्रोमोशनल फंक्शन में जब आप तस्वीरें खिंचाती हैं। उस वक्त आप कौन सा 'रोल' प्ले कर रही होती हैं? अब इस बारे स्पष्ट करना चाहिए।
दीपिका ने क्या लिखा फेसबुक पर
दीपिका ने फेसबुक पर लिखा था कि कई बार सिर्फ सुर्खियां बटारेने के लिए इस तरह की खबरें लगाई जाती हैं। लोगों को रीयल लाइफ और रील लाइफ का अंतर स्पष्ट समझ में आना चाहिए। मैं अपने प्रोफेशन में कम कपडे़ पहनूं या ज्यादा इससे किसी को कोई फर्क नहीं पडना चाहिए।
दीपिका ने कहा- फिल्मों में कम कपड़े पहनना एक रोल की डिमांड होती है। लेकिन रियल लाइफ में ऐसा नहीं होता है। वहां पर किसी के कपड़े पहनने के अंदाज को सार्वजनिक चर्चा का या दिखावे का विषय नहीं बनाना चाहिए। महिलाओं की इज्जत का सवाल उठाते हुए दीपिका ने कहा कि यह तय करना होगा कि समाज के अंदर महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार किया जाए।
सेक्स की इच्छा पर अंदाजा मत लगाएं
दीपिका ने लिखा था कि जब तक एक औरत खुद हाँ नहीं कहती तब तक किसी को यह अंदाजा नहीं लगाना चाहिए कि वो सेक्स करना चाहती है। दीपिका लिखती हैं कि मुझे अपने काम के बारे में अच्छे से पता है, मेरा काम बहुत डिमांडिंग है- जो मुझसे बहुत कुछ करवाना चाहता है।
किसी रोल की मांग हो सकती है कि मैं सर से पैर तक कपड़े पहनूं। या उसके उलट भी हो कि मैं पूरी तरह न्यूड हो जाऊं। एक कलाकार के रूप में यह मेरा निर्णय होगा। दीपिका ने लिखा कि मुझे लगता है क्लीवेज की इस घटना को शाहरुख के एटपैक्स और किसी औरत के शरीर की बनावट के साथ जोड़ा मत जाए। यह दोनों अलग-अलग बातें हैं।