'कर्मा एक बेहद ही घटिया फिल्म क्यों थी'
सुभाष घई की बनाई फ़िल्म कर्मा भले ही उनकी सफल फ़िल्मों में गिनी जाती है लेकिन नसीरुद्दीन शाह की यादों में ये फ़िल्म बुरे अहसास की तरह दर्ज है, जिसका ज़िक्र आज भी उन्हें ग़ुस्सा दिलाता है।
40 साल लंबे करियर में नसीर की हमेशा तारीफ़ ही हुई है पर उनकी अपनी नज़र में किस भूमिका को करने का उन्हें अफ़सोस रहा।
ये सवाल पूरा होने से पहली ही उनक जवाब आता है- ‘‘कर्मा सबसे पहला नाम। मैंने बड़ी उम्मीदों के साथ हां की थी। दिलीप कुमार साहब के साथ काम करने का मेरा सपना पूरा होने वाला था। बहुत उम्मीदों के साथ उस फ़िल्म में शामिल हुआ था लेकिन मेरा दिल टुकड़े-टुकड़े हो गया।’’
मुझे है बेहद शिकायत
नसीर इस अहसास की वजह पूछने पर कहते हैं, "वो बहुत ही बुरी फ़िल्म है।दिलीप कुमार का काम भी उसमें अच्छा नहीं है और मेरे काम पर तो लानत है।"
नसीर कहते हैं ‘‘मैने सुभाष घई के मुंह पर उनसे ये कहा है। उन्होंने कहा कि तुम्हें कमर्शियल ऐक्टिंग की समझ नहीं है। मैंने कहा मुझे नहीं है समझ, तो आपको मुझे समझाना चाहिए था ना। आपने तो मुझसे वही करवाया जो मैं पचास दफ़े पहले कर चुका हूं।
लोगों को भले ही वो फ़िल्म याद रहे और नसीर का किरदार भी लेकिन ख़ुद नसीर को उस फ़िल्म से और अपने किरदार से बेहद शिकायत है।