फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Musician Kalyan ji Birthday special

इनके संगीत पर झूमते-झूमते गिर पड़े राज कपूर

Tue, 30 Jun 2015 04:23 PM IST
Updated Tue, 30 Jun 2015 04:23 PM IST
विज्ञापन
Musician Kalyan ji Birthday special

जिंदगी का सफर है' (सफर), ‘मुझको इस रात की तन्हाई में आवाज न दो’ (दिल भी तेरा हम भी तेरे), ‘कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे’ (पूरब पश्चिम) और ‘कसमे वादे प्यार -वफा सब, बातें हैं बातों का क्या’ (उपकार) जैसे दिल को छू लेने वाले गीत रचने वाले संगीतकार कल्याण वीर जी शाह की आज 87 वी जयंती हैं।

विज्ञापन


कल्याण जी के बारे में उनके छोटे भाई आनंद वीरजी शाह बताते हैं, 'गुजरात में कच्छ के कुंडरोडी में जन्मे मेरे बड़े भाई कल्याणजी वीरजी शाह बचपन से ही संगीतकार बनने का सपना देखा करते थे लेकिन उन्होंने किसी उस्ताद से संगीत की शिक्षा नहीं ली थी।'
विज्ञापन


आनंद कहते हैं, "मुंबई में पहले कल्याण जी ने हेमंत कुमार के सहायक के तौर पर काम करना शुरू किया और फिर 1958 में आई उनकी पहली फिल्म "सम्राट चंद्रगुप्त" थी जिसमें कल्याणजी ने नागिन बीन बजाई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कल्याण जी की ये बीन इतनी प्रचलित हुई की हर नाग नागिन फिल्म में इस बीन का प्रयोग होने लगा और आज भी इस बीन का प्रयोग हर जगह होता हैं फिर वो चाहे शादी ही क्यों न हो।

गाने को बेहतर करने के लिए लेते थे सभी की राय

Musician Kalyan ji Birthday special

आनंद बताते हैं, "हमारा परिवार बहुत बड़ा था, एक कमरे और हॉल वाले घर में हम पांच भाई और उनके परिवार मिलाकर कुल 22 लोग रहा करते थे और ये संयुक्त परिवार ही था जो भाई के संगीत की प्रेरणा बना।" कल्याण जी जब भी किसी फिल्म के लिए काम करते थे उस फिल्म के कलाकार, गीतकार, अभिनेत्री, निर्माता और निर्देशक को एक कमरे में बिठा कर धुन सुनाया करते थे और उनसे उस गाने को बेहतर बनाने के लिए उनकी राय जानने की कोशिश करते थे।

आनंद खुशी से बताते हैं, "आज भी मुझे याद हैं कैसे बड़े भाई, मुकेश, किशोर और मन्ना डे मस्ती मस्ती में बेहतरीन गाने तैयार कर दिया करते थे. हम सब संगीत की एक बैठक तैयार करते थे। सभी संगीत वाद्ययंत्र के साथ खूब मौज मस्ती होती।"

कल्याण जी ने जितने भी गीत मुकेश के साथ किए सभी अपने जमाने के हिट रहे, इतना ही नहीं सबसे ज्यादा सोलो गीत अगर लता ने गाए हैं तो वो कल्याण और आनंद के साथ ही गाए।

कभी 30 दिन तो कभी पांच मिनट में बना देते थे गाना

Musician Kalyan ji Birthday special

आनंद जी के अनुसार कल्याणजी-आनंदजी की इस जोड़ी को एक गाना बनाने के लिए कभी 10 दिन तो कभी 30 दिन तो कभी सिर्फ पांच मिनट ही लगते थे। लता मंगेशकर चाहे कितने ही फिल्मों के गीत गा रही हो लेकिन जब भी कल्याण भाई लता को याद करते वो तुरंत हाजिर हो जाती क्योंकि लता को कल्याण भाई पर पूरा भरोसा था।

आनंद याद कर बताते हैं, "एक बार तो वो बीमारी में भी उठ कर आ गई थी फिल्म 'कोरा कागज' के लिए जिसे उन्होंने 5 मिनट में गा दिया था।" कल्याण जी के इस गीत "मेरा पढ़ने में नहीं लागे दिल" ने लता को नेशनल अवार्ड दिलाया।

झूमते हुए मंच पर गिर पडें राज कपूर

Musician Kalyan ji Birthday special

इस संगीतकार भाई की जोड़ी के अभिनेता पृथ्वीराज कपूर, राज कपूर राजेंद्र कुमार से लेकर अमिताभ बच्चन सभी से अच्छे संबंध थे। आनंद जी बताते हैं, "सब हमारे घर आया करते थे, ढेर सारी बाते करते मस्ती होती, गाना बजाना होता।"

लंदन का एक वाकया याद करते हुए आनंद जी बताते हैं कि राज कपूर जो भाई के संगीत के दीवाने थे वो एक स्टेज शो के दौरान गीत "डम डम डिगा डिगा" पर इस कदर झूमे कि स्टेज पर सच में गिर पड़े तब भाई ने उन्हें अपना हाथ देकर उठाया, इस कदर था हमारे संगीत का जादू।

सेंसर बोर्ड से भी कल्याण जी को शिकायत थी। आनंद विराज शाह कहते हैं, "भाई जी सेंसर बोर्ड से नाराज तब हुए थे जब फिल्म 'जब जब फूल खिले' के गाने "एक था गुल और एक थी बुलबुल " के बोल के बीच 'थैंक्यू' शब्द काटना पड़ा क्योंकि उस दौरान अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल करना गलत माना जाता था।"

ऐसे ही फिल्म छलिया के गाने "छलिया मेरा नाम, छलना मेरा काम" से हमें छलना शब्द काटना पड़ा, जिससे भाई नाराज हुए थे।

"भाई ऐसा लगता हैं संगीत का अपना ये धंधा बंद करना होगा"

Musician Kalyan ji Birthday special

कल्याणजी ने अपने फिल्मी करियर में लगभग 250 फ़िल्मों में संगीत दिया और उनकी आखरी फिल्म त्रिदेव थी। त्रिदेव के बाद उन्होनें आनंद से कहा था, "भाई ऐसा लगता हैं संगीत का अपना ये धंधा बंद करना होगा।

हमने बहुत काम कर लिया हैं। और इस फिल्म का गीत ओये ओये बहुत चल भी रहा हैं अब देखना इस गाने के बाद कई गाने इसी प्रकार के ही आएंगे जिसमें ओए ओए और ना जाने कैसे कैसे शब्दों का इस्तेमाल होने वाला हैं"

कल्याण जी ने कहा था कि अपना ये गाना तो चल गया लेकिन आगे ऐसे गानो को करने में मजा नहीं आएगा इस लिए अब अपनी इस संगीत की दुकान को यही समाप्त करते हैं, अब नए बच्चो को मौका देते हैं!

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed