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सिनेमाघरों में काम करने वालों की सरकार से गुहार, सारी फिल्में ओटीटी पर गईं तो चूल्हा कैसे जलेगा

Thu, 02 Jul 2020 06:34 PM IST
प्रतीक्षा राणावत मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला Published by: प्रतीक्षा राणावत Updated Thu, 02 Jul 2020 06:34 PM IST
सार

  • सिनेमाघरों की यूनियन मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने सरकार से लगाई गुहार।
  • सिनेमाघरों को खोलने के लिए मांग रहे इजाजत।

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Multiplex Association Of India Writes Letter To Government and Urges To Reopen Theatres
सिनेमा हॉल - फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

एक जुलाई से अनलॉक 2.0 शुरू हो चुका है। सभी कारोबारियों को छोटे पैमाने पर अपना काम फिर से शुरू करने की इजाजत सरकार की तरफ से मिल चुकी है लेकिन सिनेमाघर अभी भी ज्यों के त्यों है। इस बात को ध्यान में रखकर सिनेमाघरों की यूनियन मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने बंद सिनेमाघरों को लेकर सरकार को एक पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से यूनियन ने सरकार से गुजारिश की है कि सभी कारोबारों की तरह सिनेमाघरों को भी खोलने की इजाजत दी जाए ताकि इनमें काम करने वालों के घरों के भी चूल्हे जलते रहें।

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अपनी परेशानी बताते हुए यूनियन की तरफ से सरकार को लिखे गए पत्र में कहा गया है, 'भारत में मल्टीप्लेक्स इंडस्ट्री दो लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार प्रदान करती है। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की लगभग 60 फीसदी कमाई मल्टीप्लेक्स से ही होती है। फिल्मों के सेट पर काम करने वाले स्पॉट बॉय, मेकअप आर्टिस्ट, इसके अलावा संगीतकार, डिजाइनर, तकनीशियन, इंजीनियर यहां तक कि निर्देशक और कलाकार भी मल्टीप्लेक्स की कमाई से ही पलते हैं। लॉकडाउन हुए एक लंबा समय बीत चुका है। सभी चीजों में सरकार ने थोड़ी थोड़ी राहत दी है लेकिन सिनेमाघरों को अभी भी बंद रखा गया है।'
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यूनियन का कहना है कि सरकार का अभी तक सिनेमाघरों को खोलने की इजाजत न देने वाला कदम उनका मनोबल गिराने वाला और दिल को दुखाने वाला है। पत्र में लिखा गया है कि अगर सरकार सिनेमाघरों को खोलने की इजाजत अब देती है तो भी सामान्य स्तर के आसपास भी पहुंचने में 3 से 6 महीने का वक्त लगेगा। तब तक फिल्में तो सिनेमाघरों के खुलने का इंतजार नहीं करेंगी। यूनियन ने अपने पत्र में लिखा है कि बड़ी और छोटी फिल्मों का मोबिलाइजेशन होने से सिर्फ सरकार ही रोक सकती है। इसके लिए सरकार को सिनेमाघरों को खोलने की इजाजत देनी चाहिए।
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ज्यादातर सिनेमाघरों के मालिकों का मानना है कि लॉकडाउन खुलने के बाद भी लोग इतनी जल्दी सिनेमाघरों में फिल्म देखने के लिए नहीं आएंगे। फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों का भी कुछ ऐसा ही मानना है इसलिए हाल ही में हिंदी सिनेमा की कुछ बड़ी और छोटी फिल्मों जैसे; लक्ष्मी बम, भुज- द प्राइड ऑफ इंडिया, द बिग बुल, सड़क 2, शकुंतला देवी, गुलाबो सिताबो, खुदा हाफिज, लूटकेस और दिल बेचारा जैसी फिल्मों को सीधे ओटीटी पर रिलीज होने की घोषणा हो चुकी है।

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