17 साल बाद भारत के नाम मिस वर्ल्ड का ताज, हरियाणा की मानुषी ने 118 सुंदरियों को हराकर जीता खिताब
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हरियाणा की बेटी मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड-2017 का ताज अपने नाम कर लिया है। उन्होंने शनिवार को चीन के सान्या शहर में हुए रंगारंग कार्यक्रम में दुनियाभर की 118 प्रतियोगियों को पछाड़ा। 17 साल बाद देश के हिस्से यह खिताब आया है। प्रतियोगिता में दूसरा स्थान मिस मैक्सिको और तीसरा स्थान मिस इंग्लैंड को मिला।
अपने नाम का एलान होते ही मानुषी की आंखें छलछला गईं। उन्हें पिछले साल की विजेता मिस प्यूर्टोरिको स्टेफनी डेल वैले ने ताज पहनाया। उन्हें ब्यूटी विद पर्पज का भी खिताब दिया गया। हरियाणा के झज्जर जिले के बामनोली गांव की रहने वाली 20 वर्षीय मानुषी इस समय सोनीपत के भगत फूल सिंह मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं।
मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने के बाद मानुषी के परिवारजनों ने जमकर जश्न मनाकर अपनी खुशी को बयां किया। साथ ही सदस्यों ने यह भी कहा कि मानुषी ने न सिर्फ परिवार को बल्कि पूरे राज्य का मान बढ़ाया है।
Haryana: Family of #ManushiChhillar celebrate in Rohtak after she was crowned #MissWorld2017, says she has made not only the family but the entire state proud, adds she was confident of winning the crown. pic.twitter.com/SNS0nEjGf3
— ANI (@ANI) November 18, 2017
जवाब से किया लाजवाब
फाइनल राउंड में ज्यूरी सदस्यों ने मानुषी से पूछा कि किस पेशे में सबसे ज्यादा वेतन मिलना चाहिए और क्यों। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि मां को सबसे ज्यादा सम्मान मिलना चाहिए।
जहां तक वेतन का सवाल है तो इसके लिए उन्हें नकद में वेतन नहीं बल्कि सम्मान और प्यार मिलना चाहिए। मेरी मां सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। सभी मां अपने बच्चों के लिए बहुत त्याग करती हैं, इसलिए मॉ की जॉब सबसे अधिक वेतन का हकदार है।
वेनेजुएला की बराबरी
इस जीत के साथ ही भारत ने मिस वर्ल्ड का ताज हासिल करने के मामले में वेनेजुएला की बराबरी कर ली है। मानुषी से पहले भारत के नाम पांच बार यह खिताब आ चुका है। वेनेजुएला भी छह बार इसे जीत चुका है।
सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रहीं
मानुषी की शुरुआती पढ़ाई बंगलूरू और दिल्ली में हुई। उन्होंने दिल्ली के सेंट थॉमस स्कूल और सोनीपत के भगत फूल सिंह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज फॉर वूमेन से पढ़ाई की है। वह पढ़ाई के साथ सामाजिक कार्यों से भी जुड़ी रही हैं। मानुषी पेंटिंग और कुचीपुड़ी नृत्य में भी पारंगत हैं और बैले उनका पसंदीदा डांस है। उन्हें पैराग्लाइडिंग, बंजी जंपिंग और स्कूबा डाइविंग जैसे स्पोर्ट्स पसंद हैं।
गांवों में अस्पताल खोलने की इच्छा
मिस वर्ल्ड वेबसाइट की प्रोफाइल के अनुसार, 14 मई 1997 को जन्मी मानुषी कार्डिक सर्जन बनना चाहती हैं। साथ ही ग्रामीण इलाकों में नॉन-प्रॉफिट पर आधारित अस्पताल खोलने की इच्छा है।
अजब संयोग
देश को पहला मिस वर्ल्ड का खिताब दिलाने वाली रीता फारिया भी मेडिकल की छात्रा थीं और मानुषी भी मेडिकल की पढ़ाई कर रही हैं। मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता से ठीक कुछ दिन पहले मानुषी ने उनकी तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा की थी और उन्हें अपना प्रेरणास्रोत बताया था।
मिस हरियाणा रहीं
मानुषी ने 25 जून 2017 को हुई फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में मिस इंडिया का ताज अपने नाम किया था। इसमें उन्होंने हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया था।
माता-पिता डॉक्टर
मानुषी के माता-पिता दिल्ली में रहते हैं और दोनों डॉक्टर हैं। पिता मित्र बसु छिल्लर डीआरडीओ में वैज्ञानिक हैं जबकि मां इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं।
पहले ये रह चुकी हैं विजेता
1966 रीता फारिया
1994 ऐश्वर्या राय
1997 डायना हेडन
1999 युक्ता मुखी
2000 प्रियंका चोपड़ा
दो मिस यूनिवर्स खिताब
भारत ने मिस वर्ल्ड के अलावा मिस यूनिवर्स में भी अपना जलवा दिखाया है। देश की ओर से दो खिताब इस प्रतियोगिता में भी हैं। 1994 में सुष्मिता सेन और 2000 में लारा दत्ता ने ताज जीता था।
बचपन से, मैं इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहती थी और मुझे यह कभी नहीं पता था कि मैं यहां तक पहुंच पाऊंगी। मिस वर्ल्ड का खिताब जीतना न केवल मेरा बल्कि मेरे परिवार और दोस्तों का भी सपना बन गया है।
- मानुषी छिल्लर (मिस वर्ल्ड इंडिया का खिताब जीतने के बाद एक इंटरव्यू में)
पहला मिस वर्ल्ड
1951 में पहली बार लंदन के लाइसेयुम थियेटर में हुए मिस वर्ल्ड सौंदर्य स्पर्धा में स्वीडन की 24 वर्षीय कीकी हा कामसन ने यह खिताब जीता था। अब तक 67 मिस वर्ल्ड स्पर्धा हो चुकी हैं।
इस प्रतियोगिता में तीन कसौटियां है- ब्यूटी, ग्लैमर और इंटेलीजेंसी।
भारत इसमें 1959 से शिरकत कर रहा है।
भारत में पहली बार 1996 में बंगलूरूमें यह आयोजित की गई थी
मानुषी में जोड़
पीएम मोदी ने दी बधाई
- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री ट्वीट
Congratulations @ManushiChhillar! India is proud of your accomplishment.
— Narendra Modi (@narendramodi) November 18, 2017
माता-पिता मेरी ताकत : मानुषी
मैं बेहद खुश हूं और देश को गौरवान्वित करने से बहुत उत्साहित हूं। मैं भविष्य में भी अच्छा होते हुए देख रही हूं। मेरे माता-पिता हमेशा से मजबूती के साथ खड़े रहे हैं और आज भी वे यहां मेरे साथ हैं। वे यहां मेरी ताकत बनने और खुशी देने आए थे।