{"_id":"5e3e759d8ebc3ee5cb233407","slug":"manoj-bajpayee-and-diljeet-dosanjh-starrer-film-suraj-pe-mangal-bhari-first-look","type":"story","status":"publish","title_hn":"'सूरज पर मंगल भारी' की पहली झलक आई सामने, मुंबई के इस भीड़-भाड़ वाले स्टेशन पर हुई है शूटिंग","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
'सूरज पर मंगल भारी' की पहली झलक आई सामने, मुंबई के इस भीड़-भाड़ वाले स्टेशन पर हुई है शूटिंग
Sat, 08 Feb 2020 02:17 PM IST
प्रतीक्षा राणावत
मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
मुंबई ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: प्रतीक्षा राणावत
Updated Sat, 08 Feb 2020 02:17 PM IST
विज्ञापन
सूरज पर मंगल भारी
- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
मनोज बाजपेयी और दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'सूरज पे मंगल भारी' की पहली झलक सामने आ चुकी है। यह खास सीन मुंबई के भीड़-भाड़ वाले छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी/सीएसटी) पर शूट किया गया है। अभिषेक शर्मा निर्देशित इस फिल्म के प्री क्लाइमेक्स (क्लाइमेक्स से पहले) सीन की शूटिंग स्टेशन के 10 नंबर प्लेटफॉर्म पर संपन्न की गई। फिल्म से जुड़े एक करीबी सूत्र के अनुसार, 'जब लोगों को पता चला कि हम सीएसएमटी पर शूट करने जा रहे हैं तो वहां बड़ी तादाद में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। प्लेटफॉर्म पर शूट करने के लिए हमारे पास करीब 150 जूनियर आर्टिस्ट अंदर मौजूद थे। सितारों की एक झलक पाने के लिए वहां पर लोगों का जमावड़ा लग गया था।
विज्ञापन
वहीं फिल्म के निर्देशक अभिषेक शर्मा ने कहा, 'फिल्म में क्लाइमेक्स से पहले का एक सीन है जिसमें रेलवे स्टेशन की जरूरत थी। आमतौर पर फिल्मकार एक नियंत्रित माहौल में शूटिंग करने को प्राथमिकता देते हैं। लेकिन यह बनावटी लगता है। यह फिल्म नब्बे के दशक पर आधारित है जिसके लिए विक्टोरिया टर्मिनस (सीएसएमटी का पुराना नाम) शूटिंग के लिए एकदम मुफीद जगह थी। हमने शूटिंग के लिए सभी जरूरी अनुमति ले ली थी। हां यह थोड़ा महंगा था लेकिन असल जगह सीन में एक बेहतर और असल माहौल का अनुभव देते हैं। इंजन ड्राइवर काबिल और पेशेवर थे।'
विज्ञापन
अभिषेक ने आगे बताया, 'हमने सुबह 7 से शाम 7 बजे तक दो दिन शूटिंग की। हम सभी युवा बच्चों की तरह बहुत उत्साहित थे क्योंकि हमें इंजन की जांच करने और ट्रेन के हॉर्न को बजाने का अनुभव हासिल हुआ। हमने पास में पार्किंग क्षेत्र में शिविर लगाया हुआ था लेकिन उसे हमने कुछ खास काम में नहीं लिया क्योंकि अंतराल के दौरान वैनिटी वैन में जाने में करीब 15-20 मिनट का समय लग रहा था। हमने ट्रेन के कंपार्टमेंट के अंदर ही खाना खाया।'
विज्ञापन