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गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड में दिखेगी 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का'
amarujala.com- Presented by: आकांक्षा सिंह
Updated Mon, 10 Apr 2017 12:46 PM IST
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लिपस्टिक अंडर माई बुर्का
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अलंकृता श्रीवास्तव की फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' को भले ही इंडियन सेंसर बोर्ड रिलीज होने न दे रहा हो लेकिन अब ये फिल्म गोल्डन ग्लोब में धमाल मचाने को तैयार है। फॉरेन प्रेस असोसिएशन ने फिल्म को अवॉर्ड की ओपनिंग नाइट में स्क्रीनिंग के लिए चुना है।
वेबसाइट कोईमोई में छपी खबर के अनुसार फिल्म गोल्डन ग्लोब में प्रदर्शित होने के लिए योग्य है। इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ लॉस एंजलिस के डायरेक्टर ने कहा, 'ये हमारे लिए सम्मान की बात है कि हॉलीवुड फॉरेन प्रेस असोसिएशन ने हमारी फिल्म को गोल्डन ग्लोब के लिए चुना। फिल्म की डायरेक्टर अब इस फिल्म को गोल्डन ग्लोब में नॉमिनेट करने की भी सोच सकती हैं।' फिल्म की डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है और अपनी टीम को भी इसके लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी और ये उनकी पूरी टीम के लिए काफी बड़ी बात है।
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आपको बता दें कि 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' को सीबीएफसी ने ये कहकर सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया था कि ये फिल्म महिला प्रधान है। सेंसर बोर्ड का कहना था कि फिल्म में कई सेक्सुअल सीन, गंदे शब्द और ऑडियो पोर्न भी है जिसकी वजह से इसे सर्टिफिकेट नहीं दिया जा सकता। इसके बाद पूरे बॉलीवुड ने सेंसर बोर्ड के तर्क को बेतुका बताया था।
फिल्म में कोंकणा सेन, रत्ना पाठक शाह, अहाना खुराना और प्लाबिता बोरठाकपर मुख्य भूमिका में हैं। ये अलग-अलग उम्र की चार महिलाओं की कहानी है जिनकी अपनी फैंटेसी है और जो जिंदगी अपनी शर्तों पर जीना चाहती हैं। फिल्म का निर्माण प्रकाश झा ने किया है।'
ये भी पढ़ें- जब ट्रेनर को छोड़ विलेन के पीछे पड़े खूंखार भेड़िए, ऐन वक्त पर...
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वेबसाइट कोईमोई में छपी खबर के अनुसार फिल्म गोल्डन ग्लोब में प्रदर्शित होने के लिए योग्य है। इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ लॉस एंजलिस के डायरेक्टर ने कहा, 'ये हमारे लिए सम्मान की बात है कि हॉलीवुड फॉरेन प्रेस असोसिएशन ने हमारी फिल्म को गोल्डन ग्लोब के लिए चुना। फिल्म की डायरेक्टर अब इस फिल्म को गोल्डन ग्लोब में नॉमिनेट करने की भी सोच सकती हैं।' फिल्म की डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है और अपनी टीम को भी इसके लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी और ये उनकी पूरी टीम के लिए काफी बड़ी बात है।
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आपको बता दें कि 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' को सीबीएफसी ने ये कहकर सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया था कि ये फिल्म महिला प्रधान है। सेंसर बोर्ड का कहना था कि फिल्म में कई सेक्सुअल सीन, गंदे शब्द और ऑडियो पोर्न भी है जिसकी वजह से इसे सर्टिफिकेट नहीं दिया जा सकता। इसके बाद पूरे बॉलीवुड ने सेंसर बोर्ड के तर्क को बेतुका बताया था।
फिल्म में कोंकणा सेन, रत्ना पाठक शाह, अहाना खुराना और प्लाबिता बोरठाकपर मुख्य भूमिका में हैं। ये अलग-अलग उम्र की चार महिलाओं की कहानी है जिनकी अपनी फैंटेसी है और जो जिंदगी अपनी शर्तों पर जीना चाहती हैं। फिल्म का निर्माण प्रकाश झा ने किया है।'
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