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Bollywood V/S South: अजय देवगन के खिलाफ साथ आए कर्नाटक से सभी नेता, किच्चा सुदीप के बयान को ठहराया सही

Thu, 28 Apr 2022 06:17 PM IST
निधि पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निधि पाल Updated Thu, 28 Apr 2022 06:17 PM IST
सार

अजय देवगन और किच्चा सुदीप के बीच भाषा को लेकर चल रही बयानबाजी ने राजनीतिक रूप ले लिया है। ट्विटर पर छिड़ी बहस के बाद कर्नाटक के सभी नेता एकजुट होकर अजय देवगन के खिलाफ हो गए हैं। 
 

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karnataka leaders united against ajay devgan told kiccha sudeep statement about hindi
भाषा को लेकर छिड़ा ट्विटर वॉर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बीते दिनों भाषा को लेकर शुरू हुआ विवाद बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री के बीच बहस का मुद्दा बनता जा रहा है। कन्नड़ अभिनेता किच्चा सुदीप के हिंदी को लेकर दिए गए बयान के बाद इस मुद्दे ने तूल पकड़ा था। जिसके बाद अजय देवगन ने उनको इसका जवाब दिया था। अजय देवगन और किच्चा सुदीप के बीच भाषा को लेकर चल रही बयानबाजी ने राजनीतिक रूप ले लिया है। कर्नाटक में अजय देवगन चर्चा का विषय  बने हुए हैं। ट्विटर पर छिड़ी बहस के बाद कर्नाटक के सभी नेता एकजुट होकर अजय देवगन के खिलाफ हो गए हैं। 
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किच्चा सुदीप का किया समर्थन
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा- किच्चा सुदीप ने जो कहा वह सही था। उन्होंने कहा एक राज्य भाषा के आधार पर बनता है इसलिए क्षेत्रीय भाषा महत्वपूर्णं है। हमारे राज्यों का गठन भाषा के ही आधार पर हुआ था, इसलिए हमें किच्चा सुदीप के बयान का सम्मान करना चाहिए। कर्नाटक के नेता सिद्दारमैया ने ट्वीट कर कहा- हिंदी कभी राष्ट्रभाषा नहीं थी और न होगी। हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा कभी नहीं थी और न कभी होगी।
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कोई भाषा हावी न हो
सिद्दारमैया ने आगे कहा- हमारे देश की भाषाई विविधता का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है। प्रत्येक भाषा का अपना समृद्ध इतिहास होता है, जिस पर लोगों को गर्व होता है और मुझे कन्नड़ होने पर गर्व है। कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार भी इस बहस में शामिल हो गए। उन्होंने कहा- भारत में 19,500 मातृभाषाएं बोली जाती हैं। भारत के लिए हमारा प्यार हर भाषा में एक जैसा लगता है। एक गर्वित कन्नडिगा और एक गर्वित कांग्रेसी के रूप में मैं सभी को याद दिला दूं कि कांग्रेस ने भाषाई राज्यों का निर्माण किया ताकि कोई एक भाषा दूसरी पर हावी न हो।
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आखिर क्यों हो रही है बहस
दरअसल बीते बुधवार को कन्नड़ अभिनेता किच्चा सुदीप ने केजीएफ चैप्टर 2 को अखिल भारतीय फिल्म के रूप में लेबल किए जाने के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए दावा किया था कि 'हिंदी अब राष्ट्रभाषा नहीं है'। उन्होंने कहा था कि बॉलीवुड की फिल्मों को भी अन्य भाषाओं में डब करके पैन इंडिया बनाया जा सकता है। इस बयान के बाद बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन ने किच्चा सुदीप से सवाल किया कि यदि हिंदी राष्ट्रभाषा नहीं है तो फिर कन्नड़ फिल्मों की हिंदी में डबिंग क्यों की जा रही है। हिंदी हमारी मातृभाषा और राष्ट्रभाषा थी और रहेगी।
 
भाजपा ने जो बीज बोए उनसे आज देश बंट रहा
भाजपा ने जो बीज बोए हैं, आज उससे देश बंट रहा है, यह एकता के लिए खतरा है। अजय देवगन का आचरण उकसाने वाला है। उनकी फिल्म फूल और कांटे बेंगलुरू में एक साल चली थी। -एचडी कुमारस्वामी, पूर्व सीएम व जेडीएस नेता

हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा
संविधान भले ही किसी भी भाषा को भारत की राष्ट्रभाषा न बताए लेकिन केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को हिंदी को राष्ट्रभाषा करार देकर कहा कि उनकी पार्टी भाजपा सभी भाषाओं को पूरा सम्मान देती है।

अंग्रेजी पर इतना जोर तो हिंदी सीखने में क्या गलत
अपनी भाषा मजबूत करने के लिए हमें दूसरी भाषा से नफरत करने की जरूरत नहीं है। लेकिन जहां हम अंग्रेजी पर ज्यादा जोर दे रहे हैं, वहीं हिंदी को सीखने में कुछ गलत नहीं है। इसे राष्ट्रीय स्तर पर संवाद की भाषा के तौर पर अपना सकते हैं। -डॉ. अश्वथ नारायण, कैबिनेट मंत्री
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