Jacqueline Fernandez: 'जैकलीन के खिलाफ एक भी सबूत नहीं है', मनी लॉन्ड्रिंग केस में अभिनेत्री के वकील की दलील
Jacqueline Fernandez Money Laundering Case: अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस मनी लॉन्ड्रिंग केस को लेकर कानूनी पचड़े में फंसी हैं। वहीं, उनके वकील प्रशांत पाटिल ने हाल ही में दावा किया है कि इस केस में जैकलीन रणनीति का शिकार है। और क्या कहा? जानिए
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विस्तार
अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। दरअसल, जैकलीन ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें झटका मिला है। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले में दखल से इनकार किया है। इसके बाद जैकलीन के वकील प्रशांत पाटिल ने दावा किया है कि अभिनेत्री के खिलाफ इस केस में कोई सबूत नहीं है और वह रणनीति की शिकार हैं।
वकील का दावा- 'केस में फंसाया गया है'
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर विचार करने से साफ इनकार कर दिया, जिसमें जैकलीन ने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस में दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट यानी ईसीआईआर को रद्द करने की मांग की थी। यह मामला महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जो पहले ही कई धोखाधड़ी के मामलों में जेल में बंद है। इस बीच जैकलीन के वकील ने दावा किया है कि जैकलीन को इस केस में फंसाया गया है।
#WATCH | Delhi: On Actor Jacqueline Fernandez's money laundering case, Advocate and her counsel, Prashant Patil, says, "We are listed for arguments before the trial court at Delhi to be heard on the matter of charge...If we go through the chargesheet filed by the enforcement… pic.twitter.com/K29OEuNYjS
— ANI (@ANI) September 22, 2025
वकील ने दी यह दलील
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, जैकलीन के मनी लॉन्ड्रिंग मामले पर उनके एडवोकेट प्रशांत पाटिल ने कहा, 'हम दिल्ली में ट्रायल कोर्ट के समक्ष आरोपों के मामले में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। अगर हम प्रवर्तन निदेशक द्वारा दायर आरोपपत्र को देखें तो जैकलीन को मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जोड़ने वाला एक भी सबूत नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर क्या कहा?
प्रशांत पाटिल ने आगे कहा है, 'हमने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणियों को कृपया इस हद तक हटा दिया जाए कि ट्रायल कोर्ट के सामने मेरे मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से हो सके'। उन्होंने कहा, 'आज, सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश दिया है जो यह इशारा करता है कि जब हम ट्रायल कोर्ट में बहस करेंगे तो दिल्ली हाईकोर्ट की किसी भी टिप्पणी में कोई बाधा नहीं होगी। बहुत सारे सबूत हैं, जो दिखाएंगे कि वह (जैकलीन) पूरी रणनीति का शिकार है और उसे इसमें फंसाया गया था'।