क्या मध्य प्रदेश की सियासी हलचल से टला आईफा पुरस्कार का आयोजन?
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शुक्रवार को आई एक खबर से बॉलीवुड के गलियारों में अचानक चर्चा होने लगी है। खबर आई कि पहली बार मध्य प्रदेश में होने जा रहे आईफा पुरस्कार अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में इसकी वजह कोरोनावायरस को बताया गया। लेकिन, अमर उजाला ने इस खबर की गहराई को टटोला तो नतीजे कुछ और भी सामने आए।
आईफा आयोजन समिति की तरफ से जारी बयान में बताया गया है कि ये समारोह कोरोनावायरस की वजह से टाल दिया गया है। लेकिन, मध्य प्रदेश सरकार के सूत्र बताते हैं कि पुरस्कार समारोह का टलना दरअसल सूबे की सियासी हलचल का परिणाम है।
आईफा आयोजन समिति ने जो बयान जारी किया है उसमें बताया गया है कि वायरस के फैलने और आईफा के प्रशंसको की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन पुरस्कारों को स्थगित किया जा रहा है। इसे लेकर मध्य प्रदेश सरकार, आईफा प्रबंधन और फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों ने आपसी राय बनाकर कार्यक्रमों को किसी दूसरी तारीख पर करने का फैसला किया गया। पहले ये कार्यक्रम इस महीने के आखिर में भोपाल और इंदौर में होने वाले थे।
पिछले कुछ वक्त से आईफा पुरस्कारों को लेकर खींचतान रही है। पिछले साल भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला था। पहले ये पुरस्कार नेपाल की राजधानी काठमांडू में होने वाले थे। और इसके लिए बाकायदा वहां की संसद में बजट भी पारित हुआ। लेकिन, ऐन मौके पर आईफा आयोजन समिति ने अपना फैसला बदलते हुए ये आयोजन मुंबई मे किया।
इस बारे में आईफा आयोजन समिति के संपर्क में रहे मध्य प्रदेश सरकार के सूत्र बताते हैं कि राज्य में सियासी उठापटक ऐसी हो गई है कि पूरी सरकारी मशीनरी इन दिनों बस हालात को समझने में लगी है। सरकारी अफसरों को समझ नहीं आ रहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी रहेगी या फिर भारतीय जनता पार्टी की सत्ता में वापसी हो जाएगी। ऐसे हालात में इन पुरस्कारों को स्थगित करवा देना ही अफसरों को उचित लगा।
आपको ये भी बता दें कि इस साल के फिल्मफेयर पुरस्कार असम की राजधानी गुवाहाटी में होने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने आईफा पुरस्कार अपने यहां कराने की पहल की थी।