'बुलेट राजा' में नए अंदाज में दिखेगा यह विलेन

हीमानी दीवान/फीचर डेस्क Updated Sun, 24 Nov 2013 02:31 PM IST
विज्ञापन
interview of gulshan grover

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
सेलिब्रिटीज से अब तक हुई मुलाकातों में यह पहली दफा है कि कोई तय किए गए वक्त पर सामने मौजूद हो। वह भी ऐसा सेलिब्रिटी, जिसे लोग ‘बैड मैन’ के नाम से ज्यादा जानते हैं। बेशक उनका असली नाम है गुलशन ग्रोवर।
विज्ञापन

 
58 साल की उम्र में भी बिलकुल 18 साल वाली ताजगी और गर्मजोशी के साथ गुलशन तैयार हैं अपनी आने वाली फिल्म पर दिल खोलकर बात करने के लिए। बात शुरू करने से पहले ही उनके मिलने का अंदाज सामने वाले को इतना सहज बना देता है कि फिर उनसे सिर्फ फिल्म ही नहीं, जिंदगी, सिनेमा, शहर, यादें, लोग और हर विषय पर तफसील से बात होती है।

प्यारी है दिल्ली की सर्दी
 
हम दिल्ली के खान मार्केट स्थित ताज एंबेसडर वेदांता होटल के ओपन रेस्टोरेंट में बैठे हैं। अनौपचारिक बातचीत शुरू हो चुकी है और इसमें सबसे पहला मुद्दा है दिल्ली की सर्दी।

दिल्ली में पले-बढ़े गुलशन ग्रोवर को इस शहर की सर्दी से बेहद प्यार है और जिस वक्त यह मुलाकात हो रही है दिल्ली की सर्दी उन पर दिल खोलकर मेहरबान है।

थंडर बैक है 'बुलेट' राजा में वापसी
 
बात आगे बढ़ती है उनकी आने वाली फिल्म ‘बुलेट राजा’ के जिक्र से। तिग्मांशु धूलिया निर्देशित इस फिल्म में गुलशन ग्रोवर अपनी निगेटिव इमेज के साथ वापसी कर रहे हैं।

मगर गुलशन मानते हैं कि यह उनका कमबैक नहीं बल्कि थंडर बैक है। बात सच भी हो सकती है। फिल्म की टैग लाइन के साथ भी कुछ ऐसा ही कहा जा रहा है, ‘जब हम आएंगे तो गर्मी बहुत बढ़ जाएगी। अब इंडस्ट्री का ‘बैडमैन’ परदे पर गर्मी लाने को तैयार है तो दर्शक और पाठक यह जरूर जानना चाहेंगे कि इसमें ऐसा क्या नया होगा?

इस सवाल पर गुलशन ग्रोवर का कहना है, ‘इसमें दर्शकों को एक अलग तरह का खलनायक नजर आएगा। इसका नाम है बजाज साहब। न तो यह नाम से खलनायक लगता है, न देखने में विलेन जैसा और न बात करने में, लेकिन यह है पूरा-पक्का विलेन।’

पहचाना मुश्किल होगा इस विलेन का मन
 
सज्जन पुरुष जैसे लगने वाले इस किरदार में लोग खलनायक का और अपने चहेते बैड मैन के अभिनय का लुत्फ भला कैसे लेंगे? इस सवाल के जवाब में बैडमैन कहते हैं ‘इस फिल्म में तिग्मांशु ने आज के समय के खलनायक का किरदार गढ़ा है, जो समाज में इस तरह घुल-मिल गया है कि उसे देखकर या बात करके पहचाना नहीं जा सकता।’

निजी तौर पर खुद गुलशन ग्रोवर भी खलनायक की इस बदलती छवि को समय की जरूरत मानते हैं। बातचीत के दौरान वह बीते समय के खलनायक कन्हैय्यालाल से लेकर प्राण साहब और अजीत, रंजीत, अमजद खान के साथ अमरीश पुरी और प्रेम चोपड़ा तक कई नामों का जिक्र करते हैं।

उनके प्रभाव और अभिनय पर बात करते हैं। इसके साथ ही वह उस खलनायकत्व की दुनिया में ले जाते हैं, जिसने हमारे सिनेमा के सौ साल के सफर में उसे कई यादगार मकाम दिए हैं।

एक अच्छा इंसान भी दिखा
 
बातचीत के बीच में आसपास बैठे लोग उनसे हाथ मिलाने आते हैं और गुलशन खड़े होकर न सिर्फ उन अजनबियों से हाथ मिलाते हैं बल्कि गले लगकर उनके दिल में अपनी जगह भी बना लेते हैं।

इंडस्ट्री का यह बैडमैन एक इंसान के तौर पर बिलकुल नहीं बदला है। आने वाला किरदार जरूर बदलते समय पर आधारित है। अब देखना यह होगा कि दर्शक अपने बैड मैन को वापस पाकर उसका थंडर वैलकम करते हैं या नहीं!
विज्ञापन
विज्ञापन
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us