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मैने फिल्मों में आकर गलती की: शेखर कपूर
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 28 Feb 2013 11:10 AM IST
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'बैंडिट क्वीन' और 'मिस्टर इंडिया' सहित कई चर्चित हॉलीवुड फिल्म बनाने वाले फिल्म निर्माता-निर्देशक शेखर कपूर ने कहा है कि उन्हें लगता है कि उन्हें फिल्मी क्षेत्र में नहीं आना चाहिए। यदि वह फिल्मी क्षेत्र में न होते तो ज्यादा सुकून और संतुष्टि महसूस करते।
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लेखक अमीष त्रिपाठी की शिव पर लिखी तीसरी पुस्तक 'ओथ ऑफ दि वायुपुत्राज' के विमोचन पर शेखर कपूर ने यह बात कही। कपूर ने कहा कि त्रिपाठी को देखकर लगता है कि वह गलत पेशे में हैं। उनके साथ मैं भी गलत पेशे में हूं। शेखर कपूर ने कहा 'मैं यहां गाड़ी चलाकर आया और सोचने लगा कि शायद मैं गलत पेशे में हूं। शायद मुझे बैठकर किताब लिखनी चाहिए। किताब लिखना फिल्म बनाने और कलाकारों से निबटने से कहीं आसान है। जब आप किताब लिख रहे होते हैं तो आपके किरदार वो ही करते हैं जो आप उनसे करवाना चाहते हैं।'
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उन्होंने कहा कि जब आप फिल्म बना रहे होते हैं तो कलाकारों के घर जाना होता है, उनकी अपनी समस्याएं होती हैं। किताब लिखने में आप दूसरों की समस्याओं से नहीं जूझते। इस मौके पर मौजूद अभिनेत्री काजोल ने कहा कि त्रिपाठी का लेखन इतना सरल है कि उनकी नौ साल की बेटी भी आसानी से समझ सकती है। त्रिपाठी ने शिव पर तीन खण्डों में तीन किताबें लिखी हैं और उनकी पहली किताब 'दि इम्मोर्टल्स ऑफ मेलुहा' पर फिल्म बन रही है।
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