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मशहूर गायक अल्ताफ राजा की नजर से देखिए, कैसा है लंदन और इसके नजारे
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 07 Jan 2018 02:24 PM IST
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तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे, एक शाम चुरा लूं अगर बुरा ना लगे...
मेरी नजर में कुछ ऐसा ही है लंदन। मेरा बस चले तो मैं अपनी हर शाम उस शहर के नाम कर दूं। छोटे शहर से निकले हो या बड़े शहर से, हर शख्स की आंखों में एक ख्वाब होता है कि वह एक दफा लंदन देख आए। मेरा भी ऐसा ही सपना था और यकीन मानिए पहली बार जब 1999 में एक प्रोग्राम के सिलसिले में वहां गया, तो उस शहर की खूबसूरत तस्वीर मेरी दिलो-दिमाग में कैद हो गई। लौटा, तो यादों में वह शहर भी साथ चला आया।
वैसे तो मैं देश-विदेश के कई शहरों में स्टेज शो करने जाता हूं, लेकिन जहां जाने के लिए मैं सबसे ज्यादा उत्सुक रहता हूं, वह शहर लंदन ही है। वहां से जब भी किसी शो का ऑफर आता है, मैं बिना कुछ सोचे तुरंत हां बोल देता हूं। वहां जाकर कुछ अलग तरह की अनुभूति होती है। उस शहर की आधुनिकता हो, चमक-धमक हो, कल्चर हो, बड़ी खूबसूरत इमारतें व उनका स्ट्रक्चर हो या प्राकृतिक स्थल और मौसम हो। वहां की हर चीज कुछ खास है। दिन में कभी हल्की बारिश हो जाती है, तो कभी धूप निकल आती है। कभी इतनी ठंड लगती है कि बाहर निकलने का मन नहीं करता, तो कभी इतनी गुनगुनी धूप होती है कि दिनभर घूमने का मन करता है। वह शहर जितना मॉडर्न है, उतना ही इतिहास को संजोए हुए भी है। हर चीज का बेहतरीन संतुलन है। वहां जितने दिन की छुट्टी लेकर जाओ, कम ही लगती है। लंदन जाने के नाम से मेरे दिमाग में सबसे पहला ख्याल आता है शॉपिंग। सिर की टोपी से लेकर शूज तक हर चीज मैं वहां से खरीद चुका हूं। मुझे परफ्यूम का बहुत शौक है, इसलिए मैं जब भी वहां जाता हूं, तो परफ्यूम जरूर खरीदता हूं। विंटर वेयर की वहां विशाल रेंज है। सब कुछ खरीद लेने का मन होता है।
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मेरी नजर में कुछ ऐसा ही है लंदन। मेरा बस चले तो मैं अपनी हर शाम उस शहर के नाम कर दूं। छोटे शहर से निकले हो या बड़े शहर से, हर शख्स की आंखों में एक ख्वाब होता है कि वह एक दफा लंदन देख आए। मेरा भी ऐसा ही सपना था और यकीन मानिए पहली बार जब 1999 में एक प्रोग्राम के सिलसिले में वहां गया, तो उस शहर की खूबसूरत तस्वीर मेरी दिलो-दिमाग में कैद हो गई। लौटा, तो यादों में वह शहर भी साथ चला आया।
वैसे तो मैं देश-विदेश के कई शहरों में स्टेज शो करने जाता हूं, लेकिन जहां जाने के लिए मैं सबसे ज्यादा उत्सुक रहता हूं, वह शहर लंदन ही है। वहां से जब भी किसी शो का ऑफर आता है, मैं बिना कुछ सोचे तुरंत हां बोल देता हूं। वहां जाकर कुछ अलग तरह की अनुभूति होती है। उस शहर की आधुनिकता हो, चमक-धमक हो, कल्चर हो, बड़ी खूबसूरत इमारतें व उनका स्ट्रक्चर हो या प्राकृतिक स्थल और मौसम हो। वहां की हर चीज कुछ खास है। दिन में कभी हल्की बारिश हो जाती है, तो कभी धूप निकल आती है। कभी इतनी ठंड लगती है कि बाहर निकलने का मन नहीं करता, तो कभी इतनी गुनगुनी धूप होती है कि दिनभर घूमने का मन करता है। वह शहर जितना मॉडर्न है, उतना ही इतिहास को संजोए हुए भी है। हर चीज का बेहतरीन संतुलन है। वहां जितने दिन की छुट्टी लेकर जाओ, कम ही लगती है। लंदन जाने के नाम से मेरे दिमाग में सबसे पहला ख्याल आता है शॉपिंग। सिर की टोपी से लेकर शूज तक हर चीज मैं वहां से खरीद चुका हूं। मुझे परफ्यूम का बहुत शौक है, इसलिए मैं जब भी वहां जाता हूं, तो परफ्यूम जरूर खरीदता हूं। विंटर वेयर की वहां विशाल रेंज है। सब कुछ खरीद लेने का मन होता है।
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लंदन में जब-जब गया, नई जगह देखने निकला। वहां जितनी ऐतिहासिक इमारतें हैं, उतनी ही नई व मॉडर्न स्टाइल में बनी बिल्डिंग्स भी हैं। इन सभी की डिजाइंस, विशालता, फिनिशिंग देख आपको मुंह से अपने आप ‘वाओ’ निकलता है। हर स्ट्रीट की अपनी खासियत है। आप शहर में रिवर बोट का भी आनंद ले सकते हैं।
वहां साउथ हॉल नाम की एक जगह है। उसे मिनी इंडिया कह सकते हैं। वहां भी इंडिया की तरह ठेले लगते हैं। बंगाली, गुजराती, पंजाबी, महाराष्ट्रीयन, श्रीलंकन, साउथ इंडियन, कोंकणी सभी तरह का खाना मिलता है। अगर आपने लंदन को ऊंचाई से नहीं देखा, तो कुछ नहीं देखा। वहां लोगों के लिए आकर्षक का केंद्र ‘लंदन आई’ है।
यह एक बहुत बड़ा झूला है, जिसके जरिये आप पूरे लंदन को ऊंचाई से देख सकते हैं। इसमें बैठकर दिन के वक्त भी लंदन देखना चाहिए और रात के वक्त भी। दोनों ही नजारें अद्भुत होते हैं। लंदन में जब-जब मैं शो करने जाता हूं, मुझे बहुत प्यार मिलता है। अच्छा महसूस होता है, जब लंदन में मेरे गाने गूंजते हैं।
वहां साउथ हॉल नाम की एक जगह है। उसे मिनी इंडिया कह सकते हैं। वहां भी इंडिया की तरह ठेले लगते हैं। बंगाली, गुजराती, पंजाबी, महाराष्ट्रीयन, श्रीलंकन, साउथ इंडियन, कोंकणी सभी तरह का खाना मिलता है। अगर आपने लंदन को ऊंचाई से नहीं देखा, तो कुछ नहीं देखा। वहां लोगों के लिए आकर्षक का केंद्र ‘लंदन आई’ है।
यह एक बहुत बड़ा झूला है, जिसके जरिये आप पूरे लंदन को ऊंचाई से देख सकते हैं। इसमें बैठकर दिन के वक्त भी लंदन देखना चाहिए और रात के वक्त भी। दोनों ही नजारें अद्भुत होते हैं। लंदन में जब-जब मैं शो करने जाता हूं, मुझे बहुत प्यार मिलता है। अच्छा महसूस होता है, जब लंदन में मेरे गाने गूंजते हैं।
एक नजर लंदन पर
औसत किराया-20,000
हवाई दूरी
दिल्ली 6,695 किमी.
मुंबई 7,187 किमी.
बंगलुरू 8,030 किमी.
राज्य
लंदन
मुद्रा
पौंड
आधिकारिक भाषा
इंग्लिश
एक बार फिर लंदन!
(दक्षा वैदकर से बातचीत पर आधारित)
औसत किराया-20,000
हवाई दूरी
दिल्ली 6,695 किमी.
मुंबई 7,187 किमी.
बंगलुरू 8,030 किमी.
राज्य
लंदन
मुद्रा
पौंड
आधिकारिक भाषा
इंग्लिश
एक बार फिर लंदन!
(दक्षा वैदकर से बातचीत पर आधारित)