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गूगल ने डूडल बनाकर सेलिब्रेट किया पहली 'डांसिंग गर्ल' का 145वां जन्मदिन, जानिए कौन थीं गौहर जान?
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 26 Jun 2018 08:41 AM IST
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गूगल आज बेहतरीन सुरों की मल्लिका और डांस गौहर जान का 145वां जन्मदिन मना रहा है। गूगल ने उनका डूडल बनाकर उनका जन्मदिन मनाया है। गौहर जान का जन्म 26 जून 1873 में हुआ था। वह भारत में 78 आरपीएम पर संगीत रिकॉर्ड करने वाली पहली महिला कलाकार थीं। उनके इस रिकॉर्ड का खुलासा द ग्रामोफोन कंपनी ऑफ इंडिया ने किया था।
गौहर जान एंजेलीना योवार्ड के नाम से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पैदा हुई थीं। वह एक अमेरिकी परिवार से संबंध रखती थीं। उनकी मां विक्टोरिया हेमिंग्स एक भारतीय थीं, जो सिंगिंग और डांसिग के लिए जानी जाती थीं। पति के तलाक के बाद विक्टोरिया बेटी एंजेलीना को लेकर खुर्शीद नाम के एक व्यक्ति के साथ बनारस आ गईं। इसके बाद मां-बेटी ने इस्लाम अपना लिया।
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गौहर जान एंजेलीना योवार्ड के नाम से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में पैदा हुई थीं। वह एक अमेरिकी परिवार से संबंध रखती थीं। उनकी मां विक्टोरिया हेमिंग्स एक भारतीय थीं, जो सिंगिंग और डांसिग के लिए जानी जाती थीं। पति के तलाक के बाद विक्टोरिया बेटी एंजेलीना को लेकर खुर्शीद नाम के एक व्यक्ति के साथ बनारस आ गईं। इसके बाद मां-बेटी ने इस्लाम अपना लिया।
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धर्म परिवर्तन के बाद विक्टोरिया ने अपना नाम बदलकर मल्लिका जान रख लिया और एंजेलीना का गौहर जान हो गया। संगीत में गौहर जान को असली पहचान कोलकाता से मिलनी शुरू हुई। यहां पर रहते हुए उन्होंने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत, कीर्तन, रवींद्र संगीत और संगीत के अन्य गुण सिखे। गौहर जान ने कोलकाता से बाहर पहली बार साल 1887 में बिहार के दरभंगा में अपने संगीत का प्रदर्शन किया।
उनके डांस की कला को देखते हुए उन्हें 'पहली नृत्य लड़की' का शीर्षक दिया गया। गौहर के हिन्दुस्तानी, बांग्ला, गुजराती, मराठी, तमिल, अरबी, फारसी, पश्तो, अंग्रेजी और फ्रेंच गीतों के छह सौ डिस्क निकाले थे। उनका दबदबा ऐसा था कि रियासतों और संगीत सभाओं में उन्हें बुलाना बड़ी बात मानी जाती थी।
उनके डांस की कला को देखते हुए उन्हें 'पहली नृत्य लड़की' का शीर्षक दिया गया। गौहर के हिन्दुस्तानी, बांग्ला, गुजराती, मराठी, तमिल, अरबी, फारसी, पश्तो, अंग्रेजी और फ्रेंच गीतों के छह सौ डिस्क निकाले थे। उनका दबदबा ऐसा था कि रियासतों और संगीत सभाओं में उन्हें बुलाना बड़ी बात मानी जाती थी।
तमाम शोहरत और दौलत के बावजूद गौहर का निजी जीवन त्रासद रहा। प्रेम में धोखा खाने के बाद वह आजीवन अविवाहित रहीं। सब कुछ पास होने पर भी वह प्रेम की तलाश में घूमती रहीं। इसके बात गौहर जान ने 17 जनवरी 1930 में दुनिया से अलविदा कह दिया।