Corona In Mumbai: मुख्यमंत्री से कामगारों के लिए आर्थिक मदद की गुहार, सतर्क होते तो न बिगड़ते हालात
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मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर सन्नाटा है। फिल्म सिटी में लगे या लग रहे फिल्म के सेटों पर इक्का दुक्का लोग ही नजर आते हैं। बोरीवली से आगे मीरा रोड, नयागांव और वसई तक फैले टेलीविजन के सेट्स पर मौजूद चौकीदार उन लोगों से भयभीत हैं जो अब भी इन टेलीविजन सेट्स पर रुके हुए हैं। मुंबई में फिल्म, टीवी व वेब सीरीज की शूटिंग पर महाराष्ट्र सरकार ने 30 अप्रैल तक रोक लगा दी है। कामगारों की यूनियन अब चाहती है कि सरकार दिहाड़ी पर काम करने वालों की आर्थिक मदद करे।
अनलॉक के बाद मुंबई में शूटिंग शुरू हुई तो स्टूडियोज और सेट पर हफ्ता दस दिन काफी कड़ाई देखी गई। कामगारों की यूनियन फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडियन सिने एम्प्लॉइज (एफडब्लूआईसीई) ने सरकार से बात करके जो बातें शूटिंग से पहले लागू कराईं, उनमें हर कर्मचारी का बीमा, सबका कोविड टेस्ट होना और सेट पर हर समय एक मेडीकल यूनिट की तैनाती अहम थी। लेकिन जैसे जैसे काम आगे बढ़ा सब धरा का धरा रह गया। फिल्म सिटी में काम करने वाले तुकाराम बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों से तो लग रहा था कि कोरोना है ही नहीं।
इंडियन फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स काउंसिल (आईएफटीपीसी) के सबसे ज्यादा सदस्य टीवी इंडस्ट्री के ही हैं। इस साल के पहले आंशिक लॉकडाउन के लगने के पहले तक मुंबई में सौ के करीब धारावाहिकों की शूटिंग चल रही थी और इनमें से 90 धारावाहिक काउंसिल के सदस्यों के रहे। इन सारे धारावाहिकों पर कोरोना का करंट तब दौड़ा जब काउंसिल की टीवी विंग के चेयरमैन जे डी मजीठिया के धारावाहिक के सेट पर कोरोना बम फूटा। मजीठिया भी उस बैठक में शामिल थे जिसमें फिल्म इंडस्ट्री ने शूटिंग न रोकने की मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मांग की थी और ठाकरे ने ये बात मान भी ली थी।
इस मीटिंग के बाद ही मजीठिया के धारावाहिक के सेट पर कोरोना से एक दर्जन से ज्यादा लोग संक्रमित पाए गए और सरकार ने भी इसी के बाद मुंबई में शूटिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी। शूटिंग जब यहां शुरू हुई थी तो फेडरेशन की तरफ से हर सेट पर छापेमारी करने और कोरोना से बचाव के पूरे इंतजाम न होने पर शूटिंग शुरू न करने देने का बार बार एलान किया गया था। लेकिन हकीकत में ये इंतजाम ही ढंग से न होने पर ही धारावाहिकों और फिल्मों के कलाकार व तकनीशियन एक के बाद एक कोरोना पॉजिटिव होते गए।
अब जब मुंबई में शूटिंग फिर से रुकी है तो फेडरेशन ने राज्य सरकार से अपने कामगार सदस्यों के लिए आर्थिक मदद मांगी है। फिल्म एक्टर्स की संस्था सिनेमा एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन (सिनटा) की एक सदस्य कहती हैं, ‘जब शूटिंग पर कोई भी कोरोना से बचाव की बातें नहीं मान रहा था तो फेडरेशन के लोग निर्माताओं के साथ बैठकें कर रहे थे। कहीं किसी ने कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने की मेहनत नहीं की। अब नतीजा सामने है।’