यूपी बोले तो फिल्म शूटिंग का 'उत्तम प्रदेश'
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इन दिनों वहां अक्षय कुमार की जॉली एलएलबी2 शूट हो रही है, जबकि कुछ महीनों पहले सुल्तान का मेजर सीक्वेंस वहां के मुजफ्फरनगर इलाके में शूट हुआ था। बोनी कपूर के शब्दों में यूपी फिल्म शूटिंग का उत्तम प्रदेश बन चुका है। उनके बेटे की फिल्म तेवर की शूटिंग वहीं हुई थी। खुद सलमान खान ने ‘सुल्तान’ की शूट बाद प्रशासन व सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम की ट्वीटर पर खुल कर तारीफ की थी।
फिल्मकार सुधीर मिश्रा के शब्दों में, यूपी के दूर-दराज के इलाकों में भी अब सुरक्षा से संबंधित कोई समस्या नहीं है। आगरा, मथुरा, फैजाबाद, अवध, बाहरी लखनऊ सरीखे आदि इलाकों में भी हम बेखौफ शूटिंग कर लेते हैं। मेरी अभिनेत्रियां वहां रात को घूमती थीं, पर कभी किसी अप्रिय घटना का समाचार नहीं मिला। सच कहूं तो उससे अधिक दिक्कत दिल्ली-हरियाणा के सीमावर्ती इलाकों में है। कई फिल्मकारों को वहां से शूटिंग किए बगैर पैकअप करना पड़ा। अच्छी बात यह है कि इटावा आदि के दुर्गम इलाकों को शूटिंग स्पॉट के तौर पर डेवलप किया जा रहा है। इससे रोजगार व पर्यटन दोनों की चौतरफा बेहतरी हो रही है।
तीन साल में हुई 50 फिल्मों की शूटिंग
यकीन मानिए अब तक 150 से ज्यादा फिल्मकारों ने हमारे प्रदेश में शूटिंग करने की इच्छा जताई है। इतना ही नहीं अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड के नामी निर्माताओं ने हमारी फिल्म नीति की काफी तारीफ की। खास तौर पर कान फिल्म फेस्टिवल के दौरान लुईस स्मिथ, क्रिस्टोफर मार्टिन रॉबर्ट आदि इंडियन पैवेलियन में आकर हम लोगों से काफी कुछ डिसकस किया।
एक ही राज्य में मिल जाता है मिनी इंडिया
सुल्तान में सलमान खान के जिगरी दोस्त की भूमिका निभा चुके अनंत विढाट के मुताबिक, ‘हमने फिल्म का ओपनिंग सीक्वेंस ही मुजफ्फरनगर में शूट किया था। जब सु्ल्तान जल निगम के दफ्तर के आगे गड्ढे में फंसे ट्रैक्टर को हाथों से खींच बाहर निकालता है। एक तो प्रदेश की फिल्म नीति बड़ी अच्छी है। दूसरी बात यह कि वहां का लैंडस्केप कमाल का है।
विशाल व विविध होने की वजह से एक ही राज्य में हमें मिनी इंडिया मिल जाता है। भारत तो वहां बसता है ही। हम फिल्म की शूटिंग की खातिर वहां कई दिन रुके। कभी कोई दिक्कत नहीं हुई। अखिलेश सरकार ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए थे ही।
रांझणा में कुंदन बने धनुष के शब्दों में, ‘मैंने बनारस के बारे में सिर्फ सुना था। रांझणा की शूटिंग से पहले तैयारी के लिए जब मैं बनारस के घाट व मंदिरों में गया तो अलौकिक ऊर्जा की अनुभूति हुई। इससे मुझे कुंदन के कैरेक्टर स्किन में जाने में सहूलियत हुई। अगर हमने बनारस के लाइव लोकेशनों की जगह कहीं और शूटिंग की हुई होती तो शायद कुंदन की नैचुरल परफॉरमेंस निकल पानी मुश्किल होती।