फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Entertainment ›   Bollywood ›   Film Censor Board has a clerifiction to dhrmsankat film

क्या वाकई सेंसर बोर्ड 'धर्म संकट' में नहीं है?

Thu, 26 Mar 2015 08:07 AM IST
Updated Thu, 26 Mar 2015 08:07 AM IST
विज्ञापन
Film Censor Board has a clerifiction to dhrmsankat film

पहलाज निहलानी के सेंसर बोर्ड अध्यक्ष बनने के बाद से यह फिल्म प्रमाणन संस्था लगातार विवादों में है। हाल में एक खबर यह आई कि फिल्मों को प्रमाणपत्र देने की जिम्मेदारी निभाने वाले सदस्यों ने एक मौलवी और एक पंडित की मदद लेकर फिल्म धर्म संकट में को प्रमाणपत्र दिया।

विज्ञापन


मौलवी और पंडित ने फिल्म के कुछ दृश्यों पर कैंची भी चलवाई। इसके बाद कहा गया कि क्या वाकई ऐसे दिन आ गए कि सेंसर बोर्ड अपने विवेक के बजाय धर्म के मठाधीशों पर निर्भर हो गया है। इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था। परंतु अब कहा जा रहा है कि यह खबर गलत है। सेंसर बोर्ड ने ऐसा कुछ नहीं किया।

विज्ञापन

सेंसर बोर्ड के सीईओ श्रवण कुमार ने रखी बात

Film Censor Board has a clerifiction to dhrmsankat film

सेंसर बोर्ड के सीईओ श्रवण कुमार ने कहा है कि धर्म संकट में को प्रमाणपत्र जारी करते हुए ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि ट्रिंगो मीडिया प्रा.लि और वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स की ओर से 25 फरवरी को फिल्म सेंसर के पास आई थी और 11 मार्च को सदस्यों के लिए इसकी स्क्रीनिंग हुई।

4:1 के अनुपात में सदस्यों ने इसे यूए प्रमाणपत्र के लिए मंजूरी दी और अध्यक्ष ने बहुमत के फैसले को स्वीकार किया। इसके बाद 20 मार्च 2015 को फिल्म को प्रमाणपत्र दिया गया। वैसे उन्होंने यह भी कहा कि सेंसर बोर्ड की नियमावली के नियम 40 (4)(सी) में प्रावधान है कि अगर अध्यक्ष चाहें तो सुरक्षा, विदेश नीति या धर्म, कानून या चिकित्सा जैसे विषयों पर विशेषज्ञों से राय ले सकते हैं। इसके बावजूद कुमार ने जोर देकर कहा है कि धर्म संकट में की स्क्रीनिंग के लिए किसी मौलवी या पंडित को नहीं बुलाया गया।

सेंसर बोर्ड में विवादों के बाद किया था खुद फैसला

Film Censor Board has a clerifiction to dhrmsankat film

इससे पहले पिछले साल सितंबर में सेंसर बोर्ड की तत्कालीन चेयरमैन लीला सैमसन ने निर्देशक जैगम इमाम की फिल्म दोजखः इन सर्च ऑफ हेवेन पर सेंसर बोर्ड में हुए विवाद के बाद कहा था कि बोर्ड फिल्मों पर खुद फैसले करेगा, मौलवी और पंडित फिल्मों का फैसला नहीं करेंगे।

इस फिल्म की पहली स्क्रीनिंग के बाद यह कहकर प्रमाणपत्र नहीं दिया गया था कि फिल्म को सेंसर बोर्ड के मुस्लिम सदस्यों को दिखाना आवश्यक है। तब फिल्म रिवाइजिंग कमेटी में भेजी गई। वहां भी फैसला नहीं हो सका था और तब लीला सैमसन ने खुद फिल्म देख कर इसे यू प्रमाणपत्र देने का निर्णय लिया था। लीला सैमसन को फिल्म एमएसजी विवाद में इस्तीफा देना पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें मनोरंजन समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। मनोरंजन जगत की अन्य खबरें जैसे बॉलीवुड न्यूज़, लाइव टीवी न्यूज़, लेटेस्ट हॉलीवुड न्यूज़ और मूवी रिव्यु आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed