'विश्व आर्द्रभूमि दिवस' को मनाने की खास तैयारी, मुंबई के 'वेटलैंड्स' से वाकिफ कराएगी ये फिल्म
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भारत देश की धरोहरों और संस्कृति को विस्तार से उजागर करने वाला चैनल एपिक मुंबई के वेटलैंड्स की गतिशील और सहजीवी प्रकृति को दर्शाती 40 मिनट की एक फिल्म लेकर आ रहा है, जो इस प्रायद्वीपीय शहर की सुंदरता, पारिस्थितिक महत्व और इससे सम्बंधित चुनौतियों पर रोशनी डालती है। फिल्म 'वेटलैंड्स : मिरकल्स इन मुंबई' पर्यावरण संरक्षण के ऐसे प्रयासों के बारे में बात करती है जो अब तक अनछुए हैं।
फिल्म को पूरी तरह से 4K में शूट किया गया है, यह भारत की व्यापारिक राजधानी मुंबई में छिपे हुए जैविक रत्नों के साथ-साथ खतरनाक जलवायु संकट की स्थिति में इन आद्रभूमियों की क्या भूमिका होगी, इन बातों को रेखांकित करेगी। देश में 58.2 मिलियन हेक्टेयर मैंग्रोव्स हैं जो कि इस विश्व का 3% है। वेटलैंड्स फिल्म, प्रकृति के खास तट रक्षकों की उपयोगिता के बारे में बताती है, जो कि जलवायु परिवर्तन के खतरों से बचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
एपिक चैनल की कंटेंट एंड प्रोग्रामिंग की मुखिया तस्नीम लोखंडवाला ने फिल्म की लॉन्चिंग पर टिप्पणी करते हुए कहा, 'मुंबई को हमेशा 'मैक्सिमम सिटी' और 'कंक्रीट जंगल' के रूप में जाना जाता है, लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि अंधेरी और पवई जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी सैकड़ों तरह के प्रवासी पक्षियों और जलीय जीवों के आवास हैं। यह अपने आप में एक चमत्कार है और यह फिल्म शहर की इस जटिलता के बीच खिलखिलाती प्राकृतिक सुंदरता को सहजता और जवाबदारी से पेश करती है। यहां की आद्रभूमि को एक मूल्यवान अचल संपत्ति के दृष्टिकोण से पहले कभी नहीं देखा गया। जो इस फिल्म में आपको देखने को मिलेगा।'
बता दें कि 2 फरवरी 1971 को विश्व के विभिन्न देशों ने ईरान के रामसर में विश्व की आर्द्रभूमियों के संरक्षण के लिए एक संधि पर हस्ताक्षर किए थे, इसीलिए इस दिन को विश्वभर में 'वर्ल्ड वेटलैंड्स डे' अथवा 'विश्व आर्द्रभूमि दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
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