Cordelia bribery case: मुंबई कोर्ट से सैम डिसूजा को नहीं मिली राहत, अदालत ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोप लगाया है कि डिसूजा ने आर्यन खान को मामले में आरोपी नहीं बनाने के लिए शाहरुख के परिवार से 25 करोड़ रुपये वसूलने के लिए 'पंच' गवाह के साथ साजिश रची थी।
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सीबीआई की एक विशेष अदालत ने बुधवार (14 जून) को कोर्डेलिया क्रूज जहाज पर 2021 में ड्रग्स के भंडाफोड़ से जुड़े रिश्वतखोरी के एक मामले में आरोपी सैनविल उर्फ सैम डिसूजा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुंबई के पूर्व जोनल निदेशक समीर वानखेड़े रिश्वत मामले में मुख्य आरोपी हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान से उनके बेटे आर्यन के लिए कथित रूप से 25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस मामले में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एस एम मेंजोंगे ने डिसूजा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोप लगाया है कि डिसूजा ने आर्यन खान को मामले में आरोपी नहीं बनाने के लिए शाहरुख के परिवार से 25 करोड़ रुपये वसूलने के लिए 'पंच' गवाह के साथ साजिश रची थी।बता दें कि 'पंच' एक स्वतंत्र गवाह होता है जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे तलाशी और जब्ती अभियान के दौरान मौजूद रहता है। केंद्रीय एजेंसी ने कहा कि मामला 18 करोड़ रुपये में तय हुआ और डिसूजा और पंच गवाह ने 50 लाख रुपये की सांकेतिक राशि ली और इसका एक हिस्सा बाद में उनके द्वारा वापस कर दिया गया।
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डिसूजा ने अपनी पूर्व-गिरफ्तारी जमानत याचिका में दावा किया कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर झूठी और मनगढ़ंत मौखिक कल्पना पर आधारित है, जिसमें कोई भी आरोप साबित नहीं हुआ है। इस याचिका में उन्होंने यह भी कहा कि शाहरुख या आर्यन खान की ओर से रिश्वत मांगने के संबंध में कोई शिकायत नहीं की गई है।
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सीबीआई ने हाल ही में वानखेड़े और डिसूजा सहित चार अन्य लोगों के खिलाफ ड्रग-ऑन-क्रूज मामले में आर्यन खान को फंसाने के लिए कथित रूप से 25 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की थी। जांच एजेंसी ने एनसीबी की एक शिकायत पर आईआरएस अधिकारी वानखेड़े और चार अन्य आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश और जबरन वसूली की धमकी देने के अलावा भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत रिश्वतखोरी से संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल वानखेड़े को बॉम्बे हाई कोर्ट ने 23 जून तक अंतरिम संरक्षण दिया है।
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