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B’day Spl: इस मेगास्टार ने साउथ की फिल्मों को दिलाई नॉर्थ इंडिया में पहचान
amarujala.com- Written by :श्रवण शुक्ला
Updated Tue, 22 Aug 2017 12:40 AM IST
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चिरंजीवी अपने बेटे रामचरन के साथ
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हिंदी फिल्मों का बाजार बड़ा है। इसके दर्शक ज्यादा बड़ी संख्या में हैं। पर दूसरी भाषाओं की फिल्मों की बात करें तो नॉर्थ इंडिया में तेलुगु फिल्मों की जो धमक आज देखने को मिलती है, उसकी शुरुआत करने वालों में चिरंजीवी बड़ा नाम है। चिरंजीवी तेलुगु एक्टर हैं और इंडस्ट्री में मेगास्टार की वही पहचान रखते हैं, जो बॉलीवुड में अमिताभ बच्चन रखते हैं। आज चिरंजीवी का जन्मदिन है।
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चिरंजीवी
चिरंजीवी ने एक्टिंग से लेकर सोशल वर्क हो या फिर पॉलिटिक्स। चिरंजीवी ने अपना लोहा मनवाया। वो यूपीए -2 के समय केंद्र में मंत्री भी रहे। चिरंजीवी के बेटे रामचरन तेजा भी तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार की हैसियत रखने वालों की श्रेणी में आ चुके हैं।
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मेगास्टार के नाम से मशहूर
चिरंजीवी
मेगास्टार के नाम से मशहूर चिरंजीवी को सात बार दक्षिण भारतीय फिल्मफेयर अवॉर्ड और चार बार नंदी अवॉर्ड मिल चुका है। यही नहीं, वो बॉलीवुड में भी अपना जलवा दिखा चुके हैं और पहली ही फिल्म 'प्रतिबंध' के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट भी किए गए थे।
एक ही साल में रिकॉर्ड 14 हिट फिल्में
चिरंजीवी
आन्ध्र-प्रदेश के वेस्ट गोदावरी जिले में 22 अगस्त, 1955 को जन्में चिरंजीवी का असली नाम कोणिदेल शिव शंकरवर प्रसाद है। चिरंजीवी ने पुनाधिरल्लू फिल्म के साथ अपने कॅरियर की शुरुआत की। 80 और 90 के दशक में तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में चिरंजीवी का सिक्का चलता था। एक ही साल 1979 में चिरंजीवी की आठ फिल्म रिलीज हुई तो अगले ही साल 1980 में चौदह बड़ी फिल्में भी रिलीज हुई। इन सभी फिल्मों को लोगों ने खूब पसंद किया।
इंद्रा-द टाइगर ने नॉर्थ इंडिया में जमाई धाक
चिरंजीवी
वैसे, नॉर्थ इंडिया में ‘इंद्रा-द टाइगर’ फिल्म के जरिए उन्होंने अपनी अलग ही पहचान बनाई। बनारस के बैकग्राउंड को लेकर बनी ये फिल्म बेहद सफल रही। ये फिल्म 2002 में रिलीज हुई। चिरंजीवी ने मुन्नाभाई एमबीबीएस की रीमेक शंकर दादा जिंदाबाद की और वो हर तरफ छा गए।
प्रजा राज्यम पार्टी
चिरंजीवी
शंकर दादा जिंदाबाद के बाद चिरंजीवी ने फिल्मों से ब्रेक ले लिया। उन्होंने आंध्र प्रदेश को आगे ले जाने के उद्देश्य से राजनीति में कदम रखा। और प्रजा राज्यम पार्टी बनाई। पहले ही चुनाव में उनकी पार्टी को जोरदार समर्थन मिला। प्रजा राज्यम पार्टी ने अठारह सीटों पर जीत हासिल की। हालांकि जल्द ही उनका राजनीति से मोहभंग होने लगा था। उन्होंने अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में कर दिया और खुद केंद्रीय मंत्री बन गए। चिरंजीवी अभी भी राज्यसभा के सांसद हैं।
कैदी नंबर-150 के जरिए वापसी
चिरंजीवी
साल 2014 में यूपीए और कांग्रेस की करारी हार के बाद उन्होंने फिल्मों में फिर से वापसी की। और अपनी 150वीं फिल्म कैदी नंबर-150 के जरिए वापसी की। कैदी नंबर-150 बड़ी फिल्म साबित हुई। शंकर दादा जिंदाबाद और कैदी नंबर-150 के बीच 10 सालों का फासला रहा, पर दर्शकों में उन्हें लेकर उत्साह थोड़ा भी कम नहीं हुआ। वो अपनी अगली फिल्म में बॉलीवुड के मेगास्टार अमिताभ बच्चन के साथ दिखेंगे। ये उनके सभी दर्शकों के लिए भी अनोखा गिफ्ट होगा कि वो दो ‘मेगास्टारों’ को एक साथ पर्दे पर देखेंगे।